रायपुर, 19 सितंबर 2026। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता के अनुरूप रायपुर जिला प्रशासन द्वारा *"प्रोजेक्ट ग्रीन पालना"* अभियान को प्रभावी रूप से संचालित किया जा रहा है। इस अभिनव पहल के अंतर्गत शासकीय अस्पतालों में प्रसव के उपरांत प्रसूता माताओं को फलदार पौधे भेंट स्वरूप प्रदान किए जा रहे हैं, ताकि एक नई जिंदगी के आगमन के साथ धरती पर एक नए वृक्ष का भी जन्म हो।कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में आज दिनांक 19 सितंबर 2026 को इस अभियान के तहत 14 प्रसूता माताओं को कुल 70 फलदार पौधे भेंट किए गए।
जिसमें -
.एम सी एच कालीबाड़ी 03
- शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य -बिरगांव - 02
- शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मोवा- 01
- सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अभनपुर - 06
- सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तिल्दा - 02
इस परियोजना के प्रारंभ से अब तक जिले में कुल 13,514 माताओं को 67,570 पौधे भेंट किए जा चुके हैं।यह प्रयास मातृत्व के उत्सव को प्रकृति से जोड़ने का एक सार्थक कदम है। प्रोजेक्ट ग्रीन पालना न केवल नवजात के जीवन की शुरुआत को यादगार बनाता है, बल्कि भविष्य की पीढ़ियों के लिए हरियाली और शुद्ध वातावरण की नींव भी रखता है। सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डिस्चार्ज के समय प्रसुताओं को अपनी गोद में बच्चे के साथ 5 फलदार पौधे दे रहे हैं।
इन 5 पौधों से क्या-क्या फायदे हो रहे हैं :
1. आम - आने वाले सालों में छाया और आमदनी का स्रोत। परिवार का आर्थिक सहारा।
2. अमरूद - विटामिन-C से भरपूर, बच्चों और माँ के लिए प्राकृतिक पोषण।
3. आंवला - आयुर्वेद का खजाना, इम्यूनिटी बूस्टर। माता के स्वास्थ्य के लिए वरदान।
4. पपीता - जल्दी फल देने वाला, पाचन के लिए अच्छा, साल भर पोषण।
5. मुनगा (सहजन) - इसे सुपरफूड कहा जाता है। इसके पत्तों में दूध से भी ज्यादा कैल्शियम और आयरन। प्रसूता माता के लिए अमृत समान।
घर और परिवार में क्या बदलाव आया ? - पहले : घर का आँगन खाली, पोषण के लिए बाजार पर निर्भरता। अब : आँगन में हरियाली, घर का वातावरण ठंडा और शुद्ध। महिला रोज पौधे में पानी देती है तो उसका मन प्रसन्न रहता है, पोस्ट-डिलीवरी तनाव कम होता है।
एक लाभार्थी माँ ने कहा - "पहले लगता था बच्चा पालना मुश्किल है। अब लगता है जैसे मेरे बच्चे के साथ 5 और बच्चे भी मेरे आँगन में पल रहे हैं। मेरा बड़ा बेटा रोज कहता है - माँ, मेरे पेड़ में पानी डाला क्या?" यही सोच *हर घर हरियाली* की दिशा में ले जा रही है। जहाँ एक जन्म होता है, वहाँ 5 नई जिंदगियाँ भी जन्म लेती हैं।
रायपुर, 19 सितंबर 2026। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता के अनुरूप रायपुर जिला प्रशासन द्वारा *"प्रोजेक्ट ग्रीन पालना"* अभियान को प्रभावी रूप से संचालित किया जा रहा है। इस अभिनव पहल के अंतर्गत शासकीय अस्पतालों में प्रसव के उपरांत प्रसूता माताओं को फलदार पौधे भेंट स्वरूप प्रदान किए जा रहे हैं, ताकि एक नई जिंदगी के आगमन के साथ धरती पर एक नए वृक्ष का भी जन्म हो।कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में आज दिनांक 19 सितंबर 2026 को इस अभियान के तहत 14 प्रसूता माताओं को कुल 70 फलदार पौधे भेंट किए गए।
जिसमें -
.एम सी एच कालीबाड़ी 03
- शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य -बिरगांव - 02
- शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मोवा- 01
- सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अभनपुर - 06
- सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तिल्दा - 02
इस परियोजना के प्रारंभ से अब तक जिले में कुल 13,514 माताओं को 67,570 पौधे भेंट किए जा चुके हैं।यह प्रयास मातृत्व के उत्सव को प्रकृति से जोड़ने का एक सार्थक कदम है। प्रोजेक्ट ग्रीन पालना न केवल नवजात के जीवन की शुरुआत को यादगार बनाता है, बल्कि भविष्य की पीढ़ियों के लिए हरियाली और शुद्ध वातावरण की नींव भी रखता है। सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डिस्चार्ज के समय प्रसुताओं को अपनी गोद में बच्चे के साथ 5 फलदार पौधे दे रहे हैं।
इन 5 पौधों से क्या-क्या फायदे हो रहे हैं :
1. आम - आने वाले सालों में छाया और आमदनी का स्रोत। परिवार का आर्थिक सहारा।
2. अमरूद - विटामिन-C से भरपूर, बच्चों और माँ के लिए प्राकृतिक पोषण।
3. आंवला - आयुर्वेद का खजाना, इम्यूनिटी बूस्टर। माता के स्वास्थ्य के लिए वरदान।
4. पपीता - जल्दी फल देने वाला, पाचन के लिए अच्छा, साल भर पोषण।
5. मुनगा (सहजन) - इसे सुपरफूड कहा जाता है। इसके पत्तों में दूध से भी ज्यादा कैल्शियम और आयरन। प्रसूता माता के लिए अमृत समान।
घर और परिवार में क्या बदलाव आया ? - पहले : घर का आँगन खाली, पोषण के लिए बाजार पर निर्भरता। अब : आँगन में हरियाली, घर का वातावरण ठंडा और शुद्ध। महिला रोज पौधे में पानी देती है तो उसका मन प्रसन्न रहता है, पोस्ट-डिलीवरी तनाव कम होता है।
एक लाभार्थी माँ ने कहा - "पहले लगता था बच्चा पालना मुश्किल है। अब लगता है जैसे मेरे बच्चे के साथ 5 और बच्चे भी मेरे आँगन में पल रहे हैं। मेरा बड़ा बेटा रोज कहता है - माँ, मेरे पेड़ में पानी डाला क्या?" यही सोच *हर घर हरियाली* की दिशा में ले जा रही है। जहाँ एक जन्म होता है, वहाँ 5 नई जिंदगियाँ भी जन्म लेती हैं।


Journalist खबरीलाल














