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बदलाव की कहानी :: ठेला लगाकर फेरी करके जूते के सामान विक्रय करने वाले हिमांशु हनवट को पीएम स्वनिधि ने दी आर्थिक आत्मनिर्भरता :

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रायपुर - राजधानी शहर रायपुर मे ठेला लगाकर अनेक स्थानो पर फेरी करके जूते के सामान का विकय करने वाले लघु व्यवसायी श्री हिमांशु हनवट को जनप्रिय पीएम स्वनिधि योजना ने जीवन में आर्थिक आत्मनिर्भरता दी है। योजना के अतर्गत 50000 रू का ऋण स्वीकृत होने के बाद हिमांशु ने जूते के सामान के विक्रय हेतु ठेले के स्थान पर एक छोटी दुकान खोल ली है और व्यवसाय के क्षेत्र में अपने सपनो को मेहनत लगन और आगे बढ़ने की इच्छा के साथ साकार करने में जुट गये है।

लघु व्यवसायी हिमांशु हनवट की सफलता इस बात का प्रमाण है कि पीएम स्वनिधि योजना किस प्रकार लघु व्यवसायियों के सपनो को उड़ान देने का कार्य कर रही है। ऋण स्वीकृति योजना में होने से पहले उनका ठेला व्यवसाय अनेक चुनौतियों वाला रहा। ठेले में सिमित सामान रखकर ग्राहको को सामानों का विकल्प वे उपलब्ध नहीं करवा पाते थे उनकी आय अनिश्चित थी एवं इससे पारिवारिक आवश्यकताओ को पूरा करने कठिन चुनौती उनके सामने हुआ करती थी। किंतु उन्होने लघु व्यवसाय में लगातार लगन और मेहनत बनाये रखी और अंतत पीएम स्वनिधि से स्वीकृत 50000 रू की ऋण राशि मे उनके स्वप्न को साकार कर दिया और वे जीवन में अब आत्मविश्वास के साथ लगातार आगे बढ़ रहे है।



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रायपुर - राजधानी शहर रायपुर मे ठेला लगाकर अनेक स्थानो पर फेरी करके जूते के सामान का विकय करने वाले लघु व्यवसायी श्री हिमांशु हनवट को जनप्रिय पीएम स्वनिधि योजना ने जीवन में आर्थिक आत्मनिर्भरता दी है। योजना के अतर्गत 50000 रू का ऋण स्वीकृत होने के बाद हिमांशु ने जूते के सामान के विक्रय हेतु ठेले के स्थान पर एक छोटी दुकान खोल ली है और व्यवसाय के क्षेत्र में अपने सपनो को मेहनत लगन और आगे बढ़ने की इच्छा के साथ साकार करने में जुट गये है।

लघु व्यवसायी हिमांशु हनवट की सफलता इस बात का प्रमाण है कि पीएम स्वनिधि योजना किस प्रकार लघु व्यवसायियों के सपनो को उड़ान देने का कार्य कर रही है। ऋण स्वीकृति योजना में होने से पहले उनका ठेला व्यवसाय अनेक चुनौतियों वाला रहा। ठेले में सिमित सामान रखकर ग्राहको को सामानों का विकल्प वे उपलब्ध नहीं करवा पाते थे उनकी आय अनिश्चित थी एवं इससे पारिवारिक आवश्यकताओ को पूरा करने कठिन चुनौती उनके सामने हुआ करती थी। किंतु उन्होने लघु व्यवसाय में लगातार लगन और मेहनत बनाये रखी और अंतत पीएम स्वनिधि से स्वीकृत 50000 रू की ऋण राशि मे उनके स्वप्न को साकार कर दिया और वे जीवन में अब आत्मविश्वास के साथ लगातार आगे बढ़ रहे है।


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