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NEWS BILASPUR सांप्रदायिकता का समाधान सजा नहीं सामाजिक सद्भाव है - अमित जोगी:

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बिलासपुर।  जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़
(जे) के प्रदेशाध्यक्ष अमित जोगी ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को पत्र लिखकर
कवर्धा प्रकरण में तकरीबन एक हजार लोगों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज करने
और 100 से अधिक लोगों को जेल भेजने की राज्य सरकार की कार्रवाई को
गैरवाजिब करार देते हुए शीघ्र रिहाई की मांग की है।


मुख्यमंत्री बघेल
को लिखे पत्र में जकांछ के प्रदेशाध्यक्ष जोगी ने कहा कि जेल भेज देने से
समस्या का हल निकलने वाला है। सांप्रदायिकता का समाधान सजा नहीं बल्कि
सामाजिक सद्भाव है। यदि इस प्रकरण में शासन के द्वारा कठोर कार्रवाई की
जाती है तो ऐसे में दो समुदाय के बीच घाव और गहरें होंगे। उन्होंने कहा
छत्तीसगढ़ सामाजिक-सद्भाव, भाईचारा, अहिंसा और शांति का टापू के नाम से जाना
जाता है। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने कहा है अपराध से घृणा करो अपराधी
से नहीं जबकि उक्त घटना में शामिल सभी लोग आदतन अपराधी नहीं है। भावावेश
उनसे भूल हुई है। इसलिए जिनके भी विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया गया है। उन सभी
लोगों को स्वयं की मुचलका पर रिहा किया जाना चाहिए।


अमित जोगी ने मुख्यमंत्री और राज्य सरकार से मांग की है कि प्रदेश में
शांति व्यवस्था, सामाजिक सद्भाव और भाईचारा बनाए रखने के लिए इस पूरे मामले
में राज्य शासन से सदभावना पूर्वक कार्रवाई करे। हाल ही अमित जोगी शांति
का संदेश लेकर कबीरधाम पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कबीरधाम कलेक्टर व पुलिस
अधीक्षक से की मुलाकात कर कर्फ्यू हटाकर शांति स्थापित करने सभी धर्म
गुरुओं की सर्वधर्म सभा आयोजित करने आग्रह किया था और बड़ा बयान देते हुए
कहा था कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को याद रखना चाहिए वो छत्तीसगढ़ के
मुख्यमंत्री हैं उत्तर प्रदेश के नहीं। उन्होंने कहा छत्तीसगढ़ राज्य के
कबीरधाम जिले में इतनी बड़ी घटना घटित हो गई परंतु मुख्यमंत्री और स्थानीय
विधायक का आजतलक कबीरधाम ना आना दुर्भाग्यपूर्ण है।


बिलासपुर।  जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़
(जे) के प्रदेशाध्यक्ष अमित जोगी ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को पत्र लिखकर
कवर्धा प्रकरण में तकरीबन एक हजार लोगों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज करने
और 100 से अधिक लोगों को जेल भेजने की राज्य सरकार की कार्रवाई को
गैरवाजिब करार देते हुए शीघ्र रिहाई की मांग की है।


मुख्यमंत्री बघेल
को लिखे पत्र में जकांछ के प्रदेशाध्यक्ष जोगी ने कहा कि जेल भेज देने से
समस्या का हल निकलने वाला है। सांप्रदायिकता का समाधान सजा नहीं बल्कि
सामाजिक सद्भाव है। यदि इस प्रकरण में शासन के द्वारा कठोर कार्रवाई की
जाती है तो ऐसे में दो समुदाय के बीच घाव और गहरें होंगे। उन्होंने कहा
छत्तीसगढ़ सामाजिक-सद्भाव, भाईचारा, अहिंसा और शांति का टापू के नाम से जाना
जाता है। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने कहा है अपराध से घृणा करो अपराधी
से नहीं जबकि उक्त घटना में शामिल सभी लोग आदतन अपराधी नहीं है। भावावेश
उनसे भूल हुई है। इसलिए जिनके भी विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया गया है। उन सभी
लोगों को स्वयं की मुचलका पर रिहा किया जाना चाहिए।


अमित जोगी ने मुख्यमंत्री और राज्य सरकार से मांग की है कि प्रदेश में
शांति व्यवस्था, सामाजिक सद्भाव और भाईचारा बनाए रखने के लिए इस पूरे मामले
में राज्य शासन से सदभावना पूर्वक कार्रवाई करे। हाल ही अमित जोगी शांति
का संदेश लेकर कबीरधाम पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कबीरधाम कलेक्टर व पुलिस
अधीक्षक से की मुलाकात कर कर्फ्यू हटाकर शांति स्थापित करने सभी धर्म
गुरुओं की सर्वधर्म सभा आयोजित करने आग्रह किया था और बड़ा बयान देते हुए
कहा था कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को याद रखना चाहिए वो छत्तीसगढ़ के
मुख्यमंत्री हैं उत्तर प्रदेश के नहीं। उन्होंने कहा छत्तीसगढ़ राज्य के
कबीरधाम जिले में इतनी बड़ी घटना घटित हो गई परंतु मुख्यमंत्री और स्थानीय
विधायक का आजतलक कबीरधाम ना आना दुर्भाग्यपूर्ण है।


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