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News Raipur :: पुलिस स्मृति दिवस : भूपेश बघेल बोले -अपनी जान की परवाह किये बगैर समाज और देश की सुरक्षा करते हैं पुलिस के जवान:

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रायपुर। पुलिस के जवान मातृभूमि की सेवा के लिये अपने जीवन की भी परवाह नहीं करते हैं। हम आज अपने घरों में सुरक्षित हैं, क्योंकि पुलिस के जवान दिन-रात पूरे समर्पण भाव से अपनी ड्यूटी में तैनात रहते हैं। आज पुलिस स्मृति दिवस का अवसर उन वीर जवानों के शौर्य की याद दिलाता है, जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा के लिए सब कुछ न्यौछावर कर दिया। उक्त बातें राज्यपाल अनुसुईया उइके ने आज चौथी वाहिनी, छसबल माना रायपुर के प्रांगण में पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में कहीं। उन्होंने शहीद जवानों एवं उनके माता-पिता को नमन किया।

राज्यपाल ने कहा कि पुलिस का काम अपेक्षाकृत अधिक जिम्मेदारी का काम होता है। उनमें जवाबदेही ज्यादा होती है। एक तरफ वे कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए शासन के निर्देशों के अनुरूप कार्य करते हैं। दूसरी तरफ उनकी जिम्मेदारी या कर्तव्य होता है कि समाज में व्यवस्था बनी रहे और नागरिकों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि इन जिम्मेदारियों के मध्य समन्वय बनाना एक कठिन कार्य है। इस कारण उन्हें कभी कभार मानसिक तनाव का भी सामना करना पड़ता है। उन्होंने आम जनता से आग्रह किया कि पुलिसकर्मियों के प्रति मानवीय दृष्टिकोण रखें, उनके कार्यों में मदद करें। पुलिस के जवान भी अपने परिवार को छोड़ कर कार्य कर रहे हैं। उनसे परिवार के एक सदस्य की भांति व्यवहार करें, उन्हें सम्मान दें। राज्यपाल ने कहा कि आपके दो मीठे बोल, उनके व्यवहार में कितना परिवर्तन लाएंगे। यह सद्व्यवहार, उनकी सारी थकान को दूर कर देगी और वे आपके प्रति अच्छा व्यवहार करेंगे ही, साथ ही अपनी ड्यूटी दोगुने जोश से करेंगे।

मुख्यमंत्री भूपश बघेल ने कहा कि आज संपूर्ण भारतवर्ष 1971 में भारत-पाकिस्तान युद्ध में भारत की विजय की स्वर्ण जयंती मना रहा है। मैं भारत की जीत सुनिश्चित करने वाले सभी जवानों को नमन करता हूं। केंद्रीय पुलिस बल के जवानों ने सन् 1959 में चीनी आक्रमणकारियों का शौर्यपूर्वक मुकाबला किया था। ये घटना पुलिस की चुनौतियों की मिसाल है। यह अवसर देश सेवा के लिये अपनी प्राण न्यौछावर करने वाले पुलिस जवानों के शौर्य को नमन करने के साथ गौरवान्वित एवं भावुक करने वाला है। पुलिस के जवान अपनी जान की परवाह किये बगैर समाज और देश की सुरक्षा करते हैं। उनके इस योगदान के प्रति आदर एवं शहीदों के परिजनों की देखभाल करना शासन के साथ समाज की भी जिम्मेदारी है। शहीदों के परिजनों के कल्याण के लिये शासन अनवरत कार्य कर रहा है। इस अवसर पर मैं पुलिस बल के अधिकारियों, कर्मचारियों एवं उनके परिजनों को धन्यवाद देता हूं।

गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने अमर-शहीदों को श्रद्धा-सुमन अर्पित करते हुए कहा कि बहादुर शहीद जवानों को नमन करता हूं जिन्होंने अदम्य साहस का परिचय देते हुये सर्वाेच्च बलिदान दिया। छत्तीसगढ़ पुलिस नक्सली क्षेत्र में विकास, विश्वास और सुरक्षा के लिये समर्पण भाव से कर रही कार्य कर रही है। विगत वर्षों में नक्सली वारदातों में कमी आई है।


रायपुर। पुलिस के जवान मातृभूमि की सेवा के लिये अपने जीवन की भी परवाह नहीं करते हैं। हम आज अपने घरों में सुरक्षित हैं, क्योंकि पुलिस के जवान दिन-रात पूरे समर्पण भाव से अपनी ड्यूटी में तैनात रहते हैं। आज पुलिस स्मृति दिवस का अवसर उन वीर जवानों के शौर्य की याद दिलाता है, जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा के लिए सब कुछ न्यौछावर कर दिया। उक्त बातें राज्यपाल अनुसुईया उइके ने आज चौथी वाहिनी, छसबल माना रायपुर के प्रांगण में पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में कहीं। उन्होंने शहीद जवानों एवं उनके माता-पिता को नमन किया।

राज्यपाल ने कहा कि पुलिस का काम अपेक्षाकृत अधिक जिम्मेदारी का काम होता है। उनमें जवाबदेही ज्यादा होती है। एक तरफ वे कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए शासन के निर्देशों के अनुरूप कार्य करते हैं। दूसरी तरफ उनकी जिम्मेदारी या कर्तव्य होता है कि समाज में व्यवस्था बनी रहे और नागरिकों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि इन जिम्मेदारियों के मध्य समन्वय बनाना एक कठिन कार्य है। इस कारण उन्हें कभी कभार मानसिक तनाव का भी सामना करना पड़ता है। उन्होंने आम जनता से आग्रह किया कि पुलिसकर्मियों के प्रति मानवीय दृष्टिकोण रखें, उनके कार्यों में मदद करें। पुलिस के जवान भी अपने परिवार को छोड़ कर कार्य कर रहे हैं। उनसे परिवार के एक सदस्य की भांति व्यवहार करें, उन्हें सम्मान दें। राज्यपाल ने कहा कि आपके दो मीठे बोल, उनके व्यवहार में कितना परिवर्तन लाएंगे। यह सद्व्यवहार, उनकी सारी थकान को दूर कर देगी और वे आपके प्रति अच्छा व्यवहार करेंगे ही, साथ ही अपनी ड्यूटी दोगुने जोश से करेंगे।

मुख्यमंत्री भूपश बघेल ने कहा कि आज संपूर्ण भारतवर्ष 1971 में भारत-पाकिस्तान युद्ध में भारत की विजय की स्वर्ण जयंती मना रहा है। मैं भारत की जीत सुनिश्चित करने वाले सभी जवानों को नमन करता हूं। केंद्रीय पुलिस बल के जवानों ने सन् 1959 में चीनी आक्रमणकारियों का शौर्यपूर्वक मुकाबला किया था। ये घटना पुलिस की चुनौतियों की मिसाल है। यह अवसर देश सेवा के लिये अपनी प्राण न्यौछावर करने वाले पुलिस जवानों के शौर्य को नमन करने के साथ गौरवान्वित एवं भावुक करने वाला है। पुलिस के जवान अपनी जान की परवाह किये बगैर समाज और देश की सुरक्षा करते हैं। उनके इस योगदान के प्रति आदर एवं शहीदों के परिजनों की देखभाल करना शासन के साथ समाज की भी जिम्मेदारी है। शहीदों के परिजनों के कल्याण के लिये शासन अनवरत कार्य कर रहा है। इस अवसर पर मैं पुलिस बल के अधिकारियों, कर्मचारियों एवं उनके परिजनों को धन्यवाद देता हूं।

गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने अमर-शहीदों को श्रद्धा-सुमन अर्पित करते हुए कहा कि बहादुर शहीद जवानों को नमन करता हूं जिन्होंने अदम्य साहस का परिचय देते हुये सर्वाेच्च बलिदान दिया। छत्तीसगढ़ पुलिस नक्सली क्षेत्र में विकास, विश्वास और सुरक्षा के लिये समर्पण भाव से कर रही कार्य कर रही है। विगत वर्षों में नक्सली वारदातों में कमी आई है।


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