देहरादून. आपदा प्रभावित उत्तराखंड की ऊंची पहाडियों
पर राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ) द्वारा ट्रैकरों की खोज के लिए तलाश
और बचाव अभियान शुक्रवार को भी जारी रहा। एसडीआरएफ के सूत्रों ने बताया कि
कुमाऊं के बागेश्वर जिले के कपकोट क्षेत्र में ंिपडर ग्लेशियर में फंसे
तथा सुंदर डूंगा ट्रैक में लापता छह ट्रैकर की तलाश के लिए एसडीआरएफ के दो
दल जुटे हुए हैं।
एसडीआरएफ का एक दल जहां पैदल मार्ग पर चलकर तलाशी अभियान में लगा है
वहीं दूसरा दल हेलीकॉप्टर से उनकी तलाश कर रहा है। क्षेत्र में संचार
माध्यम न होने के कारण इन दलों द्वारा सैटेलाइट फोन के माध्यम से सूचनाएं
दी जा रही हैं। एसडीआरएफ के वरिष्ठ अधिकारी बचाव अभियान की पल—पल की
निगरानी कर रहे हैं और टीमों को आवश्यक दिशा निर्देश दे रहे हैं।
एसडीआरएफ के सेनानायक नवनीत ंिसह ने बताया कि कपकोट में लापता प्रत्येक
ट्रैकर को सुरक्षित लाने हेतु हरसंभव प्रयास किया जा रहा है। इस बीच, 14
अक्टूबर को उत्तरकाशी के र्हिषल से लमखागा पास हिमालय ट्रैक पर गए 17
सदस्यीय ट्रैंिकग दल के छह पोर्टरों के हिमाचल प्रदेश में रानीकाण्डा तक
सुरक्षित पहुंचने की सूचना है। हालांकि, इस दल के 11 सदस्य 17 अक्टूबर को बर्फबारी तथा मौसम खराब होने
के बाद से लापता हैं। इस दल की वर्तमान में स्थिति हिमाचल प्रदेश के चितकुल
के आसपास बताई जा रही है, इसके बारे में अभी पुष्टि की जा रही है।
देहरादून. आपदा प्रभावित उत्तराखंड की ऊंची पहाडियों
पर राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ) द्वारा ट्रैकरों की खोज के लिए तलाश
और बचाव अभियान शुक्रवार को भी जारी रहा। एसडीआरएफ के सूत्रों ने बताया कि
कुमाऊं के बागेश्वर जिले के कपकोट क्षेत्र में ंिपडर ग्लेशियर में फंसे
तथा सुंदर डूंगा ट्रैक में लापता छह ट्रैकर की तलाश के लिए एसडीआरएफ के दो
दल जुटे हुए हैं।
एसडीआरएफ का एक दल जहां पैदल मार्ग पर चलकर तलाशी अभियान में लगा है
वहीं दूसरा दल हेलीकॉप्टर से उनकी तलाश कर रहा है। क्षेत्र में संचार
माध्यम न होने के कारण इन दलों द्वारा सैटेलाइट फोन के माध्यम से सूचनाएं
दी जा रही हैं। एसडीआरएफ के वरिष्ठ अधिकारी बचाव अभियान की पल—पल की
निगरानी कर रहे हैं और टीमों को आवश्यक दिशा निर्देश दे रहे हैं।
एसडीआरएफ के सेनानायक नवनीत ंिसह ने बताया कि कपकोट में लापता प्रत्येक
ट्रैकर को सुरक्षित लाने हेतु हरसंभव प्रयास किया जा रहा है। इस बीच, 14
अक्टूबर को उत्तरकाशी के र्हिषल से लमखागा पास हिमालय ट्रैक पर गए 17
सदस्यीय ट्रैंिकग दल के छह पोर्टरों के हिमाचल प्रदेश में रानीकाण्डा तक
सुरक्षित पहुंचने की सूचना है। हालांकि, इस दल के 11 सदस्य 17 अक्टूबर को बर्फबारी तथा मौसम खराब होने
के बाद से लापता हैं। इस दल की वर्तमान में स्थिति हिमाचल प्रदेश के चितकुल
के आसपास बताई जा रही है, इसके बारे में अभी पुष्टि की जा रही है।


Journalist खबरीलाल












