कैम्पा मद से वनांचल में बड़े पैमाने पर हो रहा भू-जल संरक्षण संबंधी संरचनाओं का निर्माण
रायपुर, राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी नरवा विकास योजना के तहत वनांचल में निर्मित भू-जल संरक्षण संबंधी संरचनाओं के निर्माण से किसानों को अल्प वर्षा के संकट से निपटने में बड़ी और अच्छी सुविधा हो गई। इसके अंतर्गत वर्तमान में राज्य के 01 हजार 473 कृषकों को 01 हजार 289 हेक्टेयर भूमि के रकबा में सिंचाई सुविधा का लाभ हुआ और उन्हें अल्प वर्षा के कारण फसल उत्पादन में सूखे की स्थिति से निजात मिली।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की विशेष पहल और वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर के मार्गदर्शन में राज्य के वन क्षेत्रों में कैम्पा मद के तहत भू-जल संरक्षण तथा संवर्धन के लिए बड़े तादाद में जल स्त्रोतों, नदी-नालों और तालाबों को पुनर्जीवित करने का कार्य किया जा रहा है। प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री राकेश चतुर्वेदी ने बताया कि इस दौरान अल्प वर्षा के कारण वन मंडलवार बिलासपुर के कहुआ नाला में निर्मित स्टाप डेम से 15 हेक्टेयर, धरमजयगढ़ के सरिया नाला में निर्मित स्टाप डेम से 30 हेक्टेयर, जांजगीर-चांपा के कर्रा नाला में निर्मित स्टाप डेम तथा अर्दन डेम से 59 हेक्टेयर और कटघोरा के भैसपार नाला, पीपरभवना नाला, कडाल नाला तथा सुन्दरहा नाला में निर्मित स्टाप डेम से 105 हेक्टेयर भूमि में सिंचाई सुविधा का लाभ किसानों को मिला।
कैम्पा मद से वनांचल में बड़े पैमाने पर हो रहा भू-जल संरक्षण संबंधी संरचनाओं का निर्माण
रायपुर, राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी नरवा विकास योजना के तहत वनांचल में निर्मित भू-जल संरक्षण संबंधी संरचनाओं के निर्माण से किसानों को अल्प वर्षा के संकट से निपटने में बड़ी और अच्छी सुविधा हो गई। इसके अंतर्गत वर्तमान में राज्य के 01 हजार 473 कृषकों को 01 हजार 289 हेक्टेयर भूमि के रकबा में सिंचाई सुविधा का लाभ हुआ और उन्हें अल्प वर्षा के कारण फसल उत्पादन में सूखे की स्थिति से निजात मिली।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की विशेष पहल और वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर के मार्गदर्शन में राज्य के वन क्षेत्रों में कैम्पा मद के तहत भू-जल संरक्षण तथा संवर्धन के लिए बड़े तादाद में जल स्त्रोतों, नदी-नालों और तालाबों को पुनर्जीवित करने का कार्य किया जा रहा है। प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री राकेश चतुर्वेदी ने बताया कि इस दौरान अल्प वर्षा के कारण वन मंडलवार बिलासपुर के कहुआ नाला में निर्मित स्टाप डेम से 15 हेक्टेयर, धरमजयगढ़ के सरिया नाला में निर्मित स्टाप डेम से 30 हेक्टेयर, जांजगीर-चांपा के कर्रा नाला में निर्मित स्टाप डेम तथा अर्दन डेम से 59 हेक्टेयर और कटघोरा के भैसपार नाला, पीपरभवना नाला, कडाल नाला तथा सुन्दरहा नाला में निर्मित स्टाप डेम से 105 हेक्टेयर भूमि में सिंचाई सुविधा का लाभ किसानों को मिला।


Journalist खबरीलाल












