Breaking News

news raipur पेट्रोल-डीजल पर मिलेगी 40 रुपये की राहत केंद्र सरकार सेस घटाए तो:

post

 रायपुर । केंद्र सरकार की ओर से एक्साइज ड्यूटी घटाने का सीधा असर छत्तीसगढ़ के राजस्व पर पड़ेगा। वर्तमान में छत्तीसगढ़ में डीजल पर 25 प्रतिशत एवं एक रुपया प्रति लीटर, पेट्रोल पर 25 प्रतिशत एवं दो रुपये प्रति लीटर वैट लगता है। केंद्र सरकार ने डीजल पर 10 रुपये एवं पेट्रोल पर 5 रुपये एक्साइज डयूटी कम की है। इससे राज्य में डीजल पर 2.50 रुपये और पेट्रोल पर 1.25 रुपये वैट कम लगेगा। इससे राज्य को लगभग 490 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष की हानि होगी। राज्य सरकार को राजस्व की हानि होने से राज्य की फ्लैगशिप योजनाओं की क्रियान्वयन में दिक्कत आ सकती है।


  • छत्तीसगढ़ में वैट की दर पडोसी राज्य ओडिशा, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और तेलंगाना से कम
  • केंद्र द्वारा एक्साइज ड्यूटी कम करने से छत्तीसगढ़ को 490 करोड़ प्रति वर्ष की होगी हानि
  • मुख्यमंत्री भूपेश बघेल न कहा कि केंद्र द्वारा डयूटी/सेस कम करने पर वैट अपने आप कम हो जाता है। केंद्र सरकार अभी भी 22 रुपये से अधिक डयूटी/सेस ले रही है। यदि यह समाप्त की जाती है, तो छत्तीसगढ़ में वैट 5.50 रुपये कम हो जाएगा। इस प्रकार डीजल-पेट्रोल के मूल्य में 27.50 रुपये की कमी और की जा सकती है।
  • छत्तीसगढ़ राज्य द्वारा एक या दो प्रतिशत कर दर कम करने से जनता को विशेष लाभ प्राप्त नही होगा। लेकिन केंद्र सरकार डयूटी/सेस 22 रुपये समाप्त करती है, तो जनता को 27.50 रुपये और एक दिन पहले दी गई राहत 12.50 रुपये सहित कुल 40 रुपये की राहत प्राप्त हो सकती है।
  • इससे राज्य को नुकसान होगा, लेकिन जनता को वास्तविक राहत इसी से हो सकेगी। केंद्र सरकार के सेस में कमी न करके एक्साइज डयूटी में कमी की गई है। इससे राज्यों को मिलने वाली राशि में भी 40 प्रतिशत की कमी होगी, जबकि सेस कम करने पर राज्यों को यह नुकसान नहीं होता।

    अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ में पेट्रोल पर लगने वाले वैट की दर पडोसी राज्य ओडिशा, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और तेलंगाना से कम है। ओडिशा में वैट दर 32 प्रतिशत, मध्यप्रदेश में 29 प्रतिशत, महाराष्ट्र और तेलंगाना में 26 प्रतिशत, जबकि छत्तीसगढ़ में वैट दर 25 प्रतिशत है।
  • मध्य प्रदेश के बालाघाट में डीजल का प्रति लीटर विक्रय मूल्य 93.74 रुपये एवं मंडला, शहडोल में 93.57 रुपये है। जबकि छत्तीसगढ़ में डीजल का प्रति लीटर विक्रय मूल्य 93.78 रुपये है। इसी प्रकार ओडिशा के नुआपाड़ा में 98.00 रुपये एवं बरगढ़ में 96.34 रुपये है, जबकि सराईपाली में 94.02 रुपये है।

    घटाने के बाद भी चार प्रतिशत ज्यादा है मध्य प्रदेश में टैक्स
  • मध्यप्रदेश में पेट्रोल पर चार प्रतिशत कर दर कम करने के बाद भी दर 29 प्रतिशत है, जबकि छत्तीसगढ़ में कर दर 25 प्रतिशत है। जो मध्यप्रदेश की तुलना में चार प्रतिशत कम है। छत्तीसगढ़ के लगभग सभी पडोसी राज्यों में पेट्रोल का विक्रय मूल्य अभी भी छत्तीसगढ़ राज्य से अधिक है

 रायपुर । केंद्र सरकार की ओर से एक्साइज ड्यूटी घटाने का सीधा असर छत्तीसगढ़ के राजस्व पर पड़ेगा। वर्तमान में छत्तीसगढ़ में डीजल पर 25 प्रतिशत एवं एक रुपया प्रति लीटर, पेट्रोल पर 25 प्रतिशत एवं दो रुपये प्रति लीटर वैट लगता है। केंद्र सरकार ने डीजल पर 10 रुपये एवं पेट्रोल पर 5 रुपये एक्साइज डयूटी कम की है। इससे राज्य में डीजल पर 2.50 रुपये और पेट्रोल पर 1.25 रुपये वैट कम लगेगा। इससे राज्य को लगभग 490 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष की हानि होगी। राज्य सरकार को राजस्व की हानि होने से राज्य की फ्लैगशिप योजनाओं की क्रियान्वयन में दिक्कत आ सकती है।


  • छत्तीसगढ़ में वैट की दर पडोसी राज्य ओडिशा, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और तेलंगाना से कम
  • केंद्र द्वारा एक्साइज ड्यूटी कम करने से छत्तीसगढ़ को 490 करोड़ प्रति वर्ष की होगी हानि
  • मुख्यमंत्री भूपेश बघेल न कहा कि केंद्र द्वारा डयूटी/सेस कम करने पर वैट अपने आप कम हो जाता है। केंद्र सरकार अभी भी 22 रुपये से अधिक डयूटी/सेस ले रही है। यदि यह समाप्त की जाती है, तो छत्तीसगढ़ में वैट 5.50 रुपये कम हो जाएगा। इस प्रकार डीजल-पेट्रोल के मूल्य में 27.50 रुपये की कमी और की जा सकती है।
  • छत्तीसगढ़ राज्य द्वारा एक या दो प्रतिशत कर दर कम करने से जनता को विशेष लाभ प्राप्त नही होगा। लेकिन केंद्र सरकार डयूटी/सेस 22 रुपये समाप्त करती है, तो जनता को 27.50 रुपये और एक दिन पहले दी गई राहत 12.50 रुपये सहित कुल 40 रुपये की राहत प्राप्त हो सकती है।
  • इससे राज्य को नुकसान होगा, लेकिन जनता को वास्तविक राहत इसी से हो सकेगी। केंद्र सरकार के सेस में कमी न करके एक्साइज डयूटी में कमी की गई है। इससे राज्यों को मिलने वाली राशि में भी 40 प्रतिशत की कमी होगी, जबकि सेस कम करने पर राज्यों को यह नुकसान नहीं होता।

    अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ में पेट्रोल पर लगने वाले वैट की दर पडोसी राज्य ओडिशा, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और तेलंगाना से कम है। ओडिशा में वैट दर 32 प्रतिशत, मध्यप्रदेश में 29 प्रतिशत, महाराष्ट्र और तेलंगाना में 26 प्रतिशत, जबकि छत्तीसगढ़ में वैट दर 25 प्रतिशत है।
  • मध्य प्रदेश के बालाघाट में डीजल का प्रति लीटर विक्रय मूल्य 93.74 रुपये एवं मंडला, शहडोल में 93.57 रुपये है। जबकि छत्तीसगढ़ में डीजल का प्रति लीटर विक्रय मूल्य 93.78 रुपये है। इसी प्रकार ओडिशा के नुआपाड़ा में 98.00 रुपये एवं बरगढ़ में 96.34 रुपये है, जबकि सराईपाली में 94.02 रुपये है।

    घटाने के बाद भी चार प्रतिशत ज्यादा है मध्य प्रदेश में टैक्स
  • मध्यप्रदेश में पेट्रोल पर चार प्रतिशत कर दर कम करने के बाद भी दर 29 प्रतिशत है, जबकि छत्तीसगढ़ में कर दर 25 प्रतिशत है। जो मध्यप्रदेश की तुलना में चार प्रतिशत कम है। छत्तीसगढ़ के लगभग सभी पडोसी राज्यों में पेट्रोल का विक्रय मूल्य अभी भी छत्तीसगढ़ राज्य से अधिक है

...
...
...
...
...
Sidebar Banner
Sidebar Banner
Sidebar Banner