जशपुर। रोजगार का झांसा देकर मानव तस्करी का मामला थमने का नाम ही नहीं ले
रहा है। ताजा मामला जशपुर का है जहां 60 हजार रुपये में कोरवा जाति की
युवती को काम और अच्छा पैसे का लालच दिखाकर एक महिला समेत दो युवकों ने
उत्तरप्रदेश में बेच दिए। जशपुर पुलिस ने सायबर सेल की मदद से उत्तर प्रदेश
के शिवराजपुर थाना अंतर्गत ग्राम सदिकामऊ से इन तीनों आरोपियों को
गिरफ्तार कर लिया।
मामले की जानकारी देते हुए एसपी बालाजी राव ने बताया
कि घटना 13 मार्च को थाना तपकरा के एक गांव की निवासी पीडि़त ने रिपोर्ट
दर्ज कराया कि उसकी मौसी की बेटी को तुमला थाना क्षेत्र के ग्राम सर्करा
निवासी चांदनी बाई 26 जनवरी से सप्ताह भर पहले अच्छे काम एवं अच्छा पैसा
मिलने का लालच दे रही थी। बहकावे में आकर 26 जनवरी 2020 को प्रार्थी की
लड़की बिना किसी को बताए घर से निकल गई थी। प्रार्थी ने शिकायत में बताया
था कि बेटी की पतासाजी करते हुए चांदनी बाई के घर जाकर पता करने पर पता चला
कि चांदनी उत्तर प्रदेश के कानपुर चली गई है। इसके करीब तीन-चार दिन के
बाद प्रार्थी की बेटी के द्वारा प्रार्थी को फोन कर बताया कि वह चांदनी बाई
के साथ कानपुर आ गई है और चांदनी उसे दूसरे घर में छोड़ दी है तथा जिस घर
में उसे छोड़ा है वे घर वाले उसे बाहर निकलने नहीं देते हैं और बोलते हैं
कि उसे पैसे देकर खरीदे हैं जिस पर थाना तपकरा में धारा 365,370 कायम कर
जांच शुरू की थी।
अपहृता को सुरक्षित वापस लाने और आरोपितों को गिरफ्तार
करने के लिए एसपी बालाजी राव ने महाराष्ट्र, दिल्ली, हरियाणा, उत्तरप्रदेश
व मध्यप्रदेश हेतु 3 टीम गठित कर जशपुर जिले के सभी थानों के गुमशुदा बालक
व बालिकाओं एवं महिलाओं से संबंधित अपराधों की विवे चना हेतु रवाना किया
था। इसी क्रम में सउनि मानेश्वर साहनी एवं उनकी टीम ने साइबर सेल की मदद से
पीडि़ता व आरोपियों को कानपुर उत्तर प्रदेश के शिवराजपुर थाना अंतर्गत
ग्राम सदिकामऊ में पीडि़ता का आरोपी रवि दीक्षित पिता लाल जी दीक्षित के घर
में होने का पता चलने एवं सामान्य पूछताछ पर आरोपियों की संख्या अधिक होने
से एसपी ने टीम के सहयोग के लिए ने महिला प्रधान आरक्षक प्रेमिका खलखो के
नेतृत्व में कानपुर रवाना किया।
इन टीमों ने आरोपी रवि दीक्षित के घर
दबिश देकर पीडि़ता को बरामद किया। पूछताछ में पता चला कि आरोपिता चांदनी
बाई,पीडि़ता की रिश्तेदार है। उसने पति विशाल दुबे के साथ मिलकर पीडि़ता को
बहला-फुसलाकर कानपुर उत्तर प्रदेश ले जाकर आरोपी रवि कुमार दीक्षित एवं
उसके बड़े भाई अमित कुमार दीक्षित के पास 60 हजार में पीडि़ता का सौदा किया
था। सौदे की इस तय रकम में से आरोपिता ने 10 हजार रुपये प्राप्त किए थे।
पूछताछ
के दौरान आरोपित रवि दीक्षित ने थाना प्रभारी तपकरा वंशनारायण शर्मा को
बताया कि 22 अक्टूबर को पीडि़ता पर दबाव बनाकर उसके साथ जबरन शादी कर लिया
था। शादी से पूर्व एवं पश्चात लगातार आरोपित, पीडि़ता का दैहिक शोषण करता
रहा। पीडि़ता को उनके परिजनों के सुपुर्द में देकर पीडि़ता को बिक्री करने
वाले आरोपी चांदनी बाई व उसके पति विशाल दुबे तथा पीडि़ता को खरीदने वाले
आरोपी रवि कुमार दीक्षित व उसके बड़े भाई अमित कुमार दीक्षित पिता लाल जी
दीक्षित के विरुद्ध थाना तपकरा में धारा 365, 370, 366, 506, 376 कायम कर
सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जहां से न्यायाधियश ने
तीनों आरोपियों को न्यायिक रिमाण्ड में भेजने का फैसला सुनाया।
जशपुर। रोजगार का झांसा देकर मानव तस्करी का मामला थमने का नाम ही नहीं ले
रहा है। ताजा मामला जशपुर का है जहां 60 हजार रुपये में कोरवा जाति की
युवती को काम और अच्छा पैसे का लालच दिखाकर एक महिला समेत दो युवकों ने
उत्तरप्रदेश में बेच दिए। जशपुर पुलिस ने सायबर सेल की मदद से उत्तर प्रदेश
के शिवराजपुर थाना अंतर्गत ग्राम सदिकामऊ से इन तीनों आरोपियों को
गिरफ्तार कर लिया।
मामले की जानकारी देते हुए एसपी बालाजी राव ने बताया
कि घटना 13 मार्च को थाना तपकरा के एक गांव की निवासी पीडि़त ने रिपोर्ट
दर्ज कराया कि उसकी मौसी की बेटी को तुमला थाना क्षेत्र के ग्राम सर्करा
निवासी चांदनी बाई 26 जनवरी से सप्ताह भर पहले अच्छे काम एवं अच्छा पैसा
मिलने का लालच दे रही थी। बहकावे में आकर 26 जनवरी 2020 को प्रार्थी की
लड़की बिना किसी को बताए घर से निकल गई थी। प्रार्थी ने शिकायत में बताया
था कि बेटी की पतासाजी करते हुए चांदनी बाई के घर जाकर पता करने पर पता चला
कि चांदनी उत्तर प्रदेश के कानपुर चली गई है। इसके करीब तीन-चार दिन के
बाद प्रार्थी की बेटी के द्वारा प्रार्थी को फोन कर बताया कि वह चांदनी बाई
के साथ कानपुर आ गई है और चांदनी उसे दूसरे घर में छोड़ दी है तथा जिस घर
में उसे छोड़ा है वे घर वाले उसे बाहर निकलने नहीं देते हैं और बोलते हैं
कि उसे पैसे देकर खरीदे हैं जिस पर थाना तपकरा में धारा 365,370 कायम कर
जांच शुरू की थी।
अपहृता को सुरक्षित वापस लाने और आरोपितों को गिरफ्तार
करने के लिए एसपी बालाजी राव ने महाराष्ट्र, दिल्ली, हरियाणा, उत्तरप्रदेश
व मध्यप्रदेश हेतु 3 टीम गठित कर जशपुर जिले के सभी थानों के गुमशुदा बालक
व बालिकाओं एवं महिलाओं से संबंधित अपराधों की विवे चना हेतु रवाना किया
था। इसी क्रम में सउनि मानेश्वर साहनी एवं उनकी टीम ने साइबर सेल की मदद से
पीडि़ता व आरोपियों को कानपुर उत्तर प्रदेश के शिवराजपुर थाना अंतर्गत
ग्राम सदिकामऊ में पीडि़ता का आरोपी रवि दीक्षित पिता लाल जी दीक्षित के घर
में होने का पता चलने एवं सामान्य पूछताछ पर आरोपियों की संख्या अधिक होने
से एसपी ने टीम के सहयोग के लिए ने महिला प्रधान आरक्षक प्रेमिका खलखो के
नेतृत्व में कानपुर रवाना किया।
इन टीमों ने आरोपी रवि दीक्षित के घर
दबिश देकर पीडि़ता को बरामद किया। पूछताछ में पता चला कि आरोपिता चांदनी
बाई,पीडि़ता की रिश्तेदार है। उसने पति विशाल दुबे के साथ मिलकर पीडि़ता को
बहला-फुसलाकर कानपुर उत्तर प्रदेश ले जाकर आरोपी रवि कुमार दीक्षित एवं
उसके बड़े भाई अमित कुमार दीक्षित के पास 60 हजार में पीडि़ता का सौदा किया
था। सौदे की इस तय रकम में से आरोपिता ने 10 हजार रुपये प्राप्त किए थे।
पूछताछ
के दौरान आरोपित रवि दीक्षित ने थाना प्रभारी तपकरा वंशनारायण शर्मा को
बताया कि 22 अक्टूबर को पीडि़ता पर दबाव बनाकर उसके साथ जबरन शादी कर लिया
था। शादी से पूर्व एवं पश्चात लगातार आरोपित, पीडि़ता का दैहिक शोषण करता
रहा। पीडि़ता को उनके परिजनों के सुपुर्द में देकर पीडि़ता को बिक्री करने
वाले आरोपी चांदनी बाई व उसके पति विशाल दुबे तथा पीडि़ता को खरीदने वाले
आरोपी रवि कुमार दीक्षित व उसके बड़े भाई अमित कुमार दीक्षित पिता लाल जी
दीक्षित के विरुद्ध थाना तपकरा में धारा 365, 370, 366, 506, 376 कायम कर
सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जहां से न्यायाधियश ने
तीनों आरोपियों को न्यायिक रिमाण्ड में भेजने का फैसला सुनाया।


Journalist खबरीलाल












