मकर संक्रांति का त्योहार हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखता है. इस साल
ये पर्व देशभर में कल मनाया जाएगा. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इस पर्व को
नए फल और नए ऋतु के आगमन के लिए मनाया जाता है. जब सूर्य देव मकर राशि पर
प्रवेश करते हैं तब मकर संक्रांति का पर्व मनाया जाता है. इस दिन लाखों
श्रद्धालु गंगा और अन्य पावन नदियों के तट पर स्नान और दान, धर्म करते हैं. हिंदू धार्मिक मान्यतों के अनुसार मकर संक्रांति के दिन भगवान विष्णु ने
पृथ्वी लोक पर असुरों का वध कर उनके सिरों को काटकर मंदरा पर्वत पर गाड़
दिया था. तभी से भगवान विष्णु की इस जीत को मकर संक्रांति पर्व के तौर पर
मनाया जाने लगा. वहीं माना जाता है कि भगवान श्री कृष्ण ने कहा था कि जो
मनुष्य इस दिन अपने देह को त्याग देता है तो उसे मोक्ष की प्राप्ती होती
है. यूं तो सारे पर्व पूरे देश में मनाए जाते हैं लेकिन मकर संक्रांति की
बात ही अलग है. ये अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग तरीकों से मनाया जाता है.
इस बार अगर आप भी किसी और जगह की मकर संक्रांति का हिस्सा बनना चाहते
हैं, तो आइए जानते हैं कि कहां और कैसे मनाते हैं मकर संक्रांति.
मकर संक्रांति का त्योहार हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखता है. इस साल
ये पर्व देशभर में कल मनाया जाएगा. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इस पर्व को
नए फल और नए ऋतु के आगमन के लिए मनाया जाता है. जब सूर्य देव मकर राशि पर
प्रवेश करते हैं तब मकर संक्रांति का पर्व मनाया जाता है. इस दिन लाखों
श्रद्धालु गंगा और अन्य पावन नदियों के तट पर स्नान और दान, धर्म करते हैं. हिंदू धार्मिक मान्यतों के अनुसार मकर संक्रांति के दिन भगवान विष्णु ने
पृथ्वी लोक पर असुरों का वध कर उनके सिरों को काटकर मंदरा पर्वत पर गाड़
दिया था. तभी से भगवान विष्णु की इस जीत को मकर संक्रांति पर्व के तौर पर
मनाया जाने लगा. वहीं माना जाता है कि भगवान श्री कृष्ण ने कहा था कि जो
मनुष्य इस दिन अपने देह को त्याग देता है तो उसे मोक्ष की प्राप्ती होती
है. यूं तो सारे पर्व पूरे देश में मनाए जाते हैं लेकिन मकर संक्रांति की
बात ही अलग है. ये अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग तरीकों से मनाया जाता है.
इस बार अगर आप भी किसी और जगह की मकर संक्रांति का हिस्सा बनना चाहते
हैं, तो आइए जानते हैं कि कहां और कैसे मनाते हैं मकर संक्रांति.


Journalist खबरीलाल












