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राज्यपाल व मुख्यमंत्री ने किया बाबा साहब आम्बेडकर को नमन:

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रायपुर।  राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके ने बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर
की पुण्यतिथि पर उन्हें नमन किया है। उन्होंने कहा है कि डॉ. आंबेडकर ने
भारतीय संविधान के प्रारूप समिति के अध्यक्ष के रूप में संविधान निर्माण
में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के
कल्याण के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया और अपना पूरा जीवन सामाजिक कुरीतियों
के खिलाफ संघर्ष में लगा दिया। डॉ. आंबेडकर ने गरीबों, समाज के शोषितों और
निचले तबकों के पुनरोद्धार के लिए कार्य किया। वे समतामूलक समाज के
सृजनकर्ता थे।


मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने विधिवेत्ता,
अर्थशास्त्री, समाज सुधारक, कुशल राजनीतिज्ञ और संविधान निर्माता भारत रत्न
बाबा साहब डॉ. भीमराव आम्बेडकर की पुण्यतिथि 6 दिसम्बर पर उन्हें नमन किया
है। श्री बघेल ने कहा है कि बाबा साहब ने सामाजिक भेदभाव के विरूद्ध
अभियान चलाया और सबके लिए समान अधिकार, स्वतंत्रता और व्यवहार की वकालत की।
उन्होंने भारतीय संविधान के निर्माण में अतुलनीय योगदान दिया। अनेक भाषाओं
के जानकार डॉ. आम्बेडकर ने कई देशों के संविधान के अध्ययन के बाद विविधता
भरे भारत को ऐसा मजबूत और लचीला संविधान दिया जिससे एक मजबूत राष्ट्र की
नींव पड़ सकी।




रायपुर।  राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके ने बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर
की पुण्यतिथि पर उन्हें नमन किया है। उन्होंने कहा है कि डॉ. आंबेडकर ने
भारतीय संविधान के प्रारूप समिति के अध्यक्ष के रूप में संविधान निर्माण
में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के
कल्याण के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया और अपना पूरा जीवन सामाजिक कुरीतियों
के खिलाफ संघर्ष में लगा दिया। डॉ. आंबेडकर ने गरीबों, समाज के शोषितों और
निचले तबकों के पुनरोद्धार के लिए कार्य किया। वे समतामूलक समाज के
सृजनकर्ता थे।


मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने विधिवेत्ता,
अर्थशास्त्री, समाज सुधारक, कुशल राजनीतिज्ञ और संविधान निर्माता भारत रत्न
बाबा साहब डॉ. भीमराव आम्बेडकर की पुण्यतिथि 6 दिसम्बर पर उन्हें नमन किया
है। श्री बघेल ने कहा है कि बाबा साहब ने सामाजिक भेदभाव के विरूद्ध
अभियान चलाया और सबके लिए समान अधिकार, स्वतंत्रता और व्यवहार की वकालत की।
उन्होंने भारतीय संविधान के निर्माण में अतुलनीय योगदान दिया। अनेक भाषाओं
के जानकार डॉ. आम्बेडकर ने कई देशों के संविधान के अध्ययन के बाद विविधता
भरे भारत को ऐसा मजबूत और लचीला संविधान दिया जिससे एक मजबूत राष्ट्र की
नींव पड़ सकी।



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