00 मुख्य सचिव ने की सत्र पूर्व तैयारियों की समीक्षा
रायपुर।
छत्तीसगढ़ की पंचम विधानसभा के नवम सत्र (शीतकालीन सत्र) का आयोजन 21 से 30
दिसम्बर 2020 तक किया जाएगा। सत्र पूर्व तैयारियों के संबंध में मुख्य
सचिव श्री अमिताभ जैन ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शासन के समस्त
विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, विशेष सचिव (स्वतंत्र प्रभार) से
चर्चा की। श्री जैन ने सत्र के दौरान विभागों में विधानसभा प्रकोष्ठ का गठन
करने और नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिये हैं।
उन्होंने कहा
है कि शासकीय विधि विषयक कार्य (विधेयक) निर्धारित सात दिवस पूर्व
विधानसभा सचिवालय को उपलब्ध करा दिये जाए और विधेयकों के संबंध में चर्चा
हेतु सभी आवश्यक तैयारियां कर लिए जाए। उन्होंने लंबित आश्वासनों के उत्तर
सत्र आरंभ होने के पूर्व विधानसभा को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए है।
विधानसभा के पटल पर रखे जाने वाले पत्र-प्रतिवेदन-साहित्य आदि समय-सीमा मे
विधानसभा को उपलब्ध कराने कहा गया है। स्थगन प्रस्ताव, ध्यानाकर्षण सूचना,
याचिकाओं, शून्य काल की सूचनाएं, आश्वासनों, संकल्प, अपूर्ण प्रश्नों के
उत्तर, विधानसभा की विभिन्न समितियों के प्रतिवेदनों पर त्वरित कार्यवाही
के निर्देश मुख्य सचिव ने दिये है। उन्होंने कहा है सत्र के दौरान
अपरिहार्य कारणों को छोडकर अधिनस्थ अधिकारियों-कर्मचारियों के अवकाश
स्वीकृत न किए जाएं। सत्रावधि में जब तक आवश्यक न हो तब तक प्रदेश के बाहर
भ्रमण प्रस्ताव नहीं बनाए जाएं। सत्र के दौरान विधानसभा की अधिकारी दीर्घा
में विभागीय अधिकारियों की अनिवार्य उपस्थिति के निर्देश श्री जैन ने दिए
है। उन्होंने कहा है जन घोषणा पत्र 2018 पर विभागों द्वारा की गयी
कार्यवाही कि अद्यतन जानकारी तैयार किए जाए और आवश्यक होने पर विधानसभा में
जानकारी उपलब्ध कराई जाए। लोक महत्व के विषयों पर अविलंब चर्चा की तैयारी
के निर्देश भी श्री जैन ने दिए है। बैठक के दौरान संसदीय कार्य सचिव श्री
सोनमणी बोरा और सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव श्री डी.डी. सिंह भी उपस्थित
थे।
00 मुख्य सचिव ने की सत्र पूर्व तैयारियों की समीक्षा
रायपुर।
छत्तीसगढ़ की पंचम विधानसभा के नवम सत्र (शीतकालीन सत्र) का आयोजन 21 से 30
दिसम्बर 2020 तक किया जाएगा। सत्र पूर्व तैयारियों के संबंध में मुख्य
सचिव श्री अमिताभ जैन ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शासन के समस्त
विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, विशेष सचिव (स्वतंत्र प्रभार) से
चर्चा की। श्री जैन ने सत्र के दौरान विभागों में विधानसभा प्रकोष्ठ का गठन
करने और नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिये हैं।
उन्होंने कहा
है कि शासकीय विधि विषयक कार्य (विधेयक) निर्धारित सात दिवस पूर्व
विधानसभा सचिवालय को उपलब्ध करा दिये जाए और विधेयकों के संबंध में चर्चा
हेतु सभी आवश्यक तैयारियां कर लिए जाए। उन्होंने लंबित आश्वासनों के उत्तर
सत्र आरंभ होने के पूर्व विधानसभा को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए है।
विधानसभा के पटल पर रखे जाने वाले पत्र-प्रतिवेदन-साहित्य आदि समय-सीमा मे
विधानसभा को उपलब्ध कराने कहा गया है। स्थगन प्रस्ताव, ध्यानाकर्षण सूचना,
याचिकाओं, शून्य काल की सूचनाएं, आश्वासनों, संकल्प, अपूर्ण प्रश्नों के
उत्तर, विधानसभा की विभिन्न समितियों के प्रतिवेदनों पर त्वरित कार्यवाही
के निर्देश मुख्य सचिव ने दिये है। उन्होंने कहा है सत्र के दौरान
अपरिहार्य कारणों को छोडकर अधिनस्थ अधिकारियों-कर्मचारियों के अवकाश
स्वीकृत न किए जाएं। सत्रावधि में जब तक आवश्यक न हो तब तक प्रदेश के बाहर
भ्रमण प्रस्ताव नहीं बनाए जाएं। सत्र के दौरान विधानसभा की अधिकारी दीर्घा
में विभागीय अधिकारियों की अनिवार्य उपस्थिति के निर्देश श्री जैन ने दिए
है। उन्होंने कहा है जन घोषणा पत्र 2018 पर विभागों द्वारा की गयी
कार्यवाही कि अद्यतन जानकारी तैयार किए जाए और आवश्यक होने पर विधानसभा में
जानकारी उपलब्ध कराई जाए। लोक महत्व के विषयों पर अविलंब चर्चा की तैयारी
के निर्देश भी श्री जैन ने दिए है। बैठक के दौरान संसदीय कार्य सचिव श्री
सोनमणी बोरा और सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव श्री डी.डी. सिंह भी उपस्थित
थे।


Journalist खबरीलाल












