रायपुर । छत्तीसगढ़ में सरकार बनने के साथ
ही सरकारी कुर्सी मिलने की बाट जोह रहे कई कांग्रेसियों की उम्मीदें फिर
जवां हो गई है। शनिवार को सरकार ने मेडिकल सर्विसेस कार्पोरेशन
(सीजीएमएससी) में तीन विधायकों की नियुक्ति की है। ऐसे में कुर्सी मिलने की
उम्मीद छोड़ चुके नेता फिर से सक्रिय हो गए हैं। कुर्सी की उम्मीद में कई
नेता बड़े नेताओं को फिर फोन लगाकर दावेदारी करने लगे हैं।प्रदेश में सरकार का कार्यकाल अब दो वर्ष से भी कम का बचा है। प्रदेश में
अगले साल नवंबर-दिसंबर में चुनाव होने हैं। ऐसे में काम करने के लिए अब
अगस्त-सितंबर तक का ही वक्त है। यही वजह है निगम-मंडल और प्राधिकरणों में
नियुक्ति की आस अब टूटने लगी थी।
वैसे भी अब बेवरेज कार्पोरेशन जैसे कुछ
गिने-चुने निगम-मंडलों में ही कुर्सी बची है। इस बीच सरकार ने अचानक तीन
विधायकों की सीजीएमएससी के संचालक मंडल में नियुक्ति का आदेश जारी कर दिया
है। इसे देखते हुए कुर्सी की दावेदारी करने वाले नेता फिर सक्रिय हो गए
हैं। सूत्रों के अनुसार इनमें से कुछ नेता रविवार को लंबे समय बाद कांग्रेस
भवन में नजर आए।निगम-मंडल में नियुक्ति को लेकर पिछले महीने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा
था कि इनमें ज्यादातर नियुक्तियां हो गई हैं। कुछ बाकी हैं, वह भी जल्द ही
हो जाएंगी।
बहुत से लोगों को संगठन में काम करने का अवसर मिला है। सीएम के
इस बयान से अनुमान लगाया जा सकता है कि आने वाले दिनों में कुछ और
नियुक्तियां हो सकती हैं। बघेल ने यह बात सरकार के तीन वर्ष पूरे होने के
मौके पर नईदुनिया से चर्चा के दौरान कही थी।पद नहीं मिलने से कार्यकर्ताओं में नाराजगी के सवाल पर बघेल ने कहा था कि
कार्यकर्ता हमारी ताकत हैं। उन्हीं की ताकत से हम चुनाव जीते हैं। लेकिन
ऐसा नहीं है कि विधायक बनने या सरकार बनने के बाद हमने उन्हें छोड़ दिया है।
पंचायत और नगरीय निकाय समेत हर चुनाव में हम उनके साथ खड़े होते हैं। मिलकर
लड़ रहे हैं। हमने पंचायत सम्मेलन कराया, जिसमें हमने उनकी जितनी मांगें
थीं, पूरी की।
रायपुर । छत्तीसगढ़ में सरकार बनने के साथ
ही सरकारी कुर्सी मिलने की बाट जोह रहे कई कांग्रेसियों की उम्मीदें फिर
जवां हो गई है। शनिवार को सरकार ने मेडिकल सर्विसेस कार्पोरेशन
(सीजीएमएससी) में तीन विधायकों की नियुक्ति की है। ऐसे में कुर्सी मिलने की
उम्मीद छोड़ चुके नेता फिर से सक्रिय हो गए हैं। कुर्सी की उम्मीद में कई
नेता बड़े नेताओं को फिर फोन लगाकर दावेदारी करने लगे हैं।प्रदेश में सरकार का कार्यकाल अब दो वर्ष से भी कम का बचा है। प्रदेश में
अगले साल नवंबर-दिसंबर में चुनाव होने हैं। ऐसे में काम करने के लिए अब
अगस्त-सितंबर तक का ही वक्त है। यही वजह है निगम-मंडल और प्राधिकरणों में
नियुक्ति की आस अब टूटने लगी थी।
वैसे भी अब बेवरेज कार्पोरेशन जैसे कुछ
गिने-चुने निगम-मंडलों में ही कुर्सी बची है। इस बीच सरकार ने अचानक तीन
विधायकों की सीजीएमएससी के संचालक मंडल में नियुक्ति का आदेश जारी कर दिया
है। इसे देखते हुए कुर्सी की दावेदारी करने वाले नेता फिर सक्रिय हो गए
हैं। सूत्रों के अनुसार इनमें से कुछ नेता रविवार को लंबे समय बाद कांग्रेस
भवन में नजर आए।निगम-मंडल में नियुक्ति को लेकर पिछले महीने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा
था कि इनमें ज्यादातर नियुक्तियां हो गई हैं। कुछ बाकी हैं, वह भी जल्द ही
हो जाएंगी।
बहुत से लोगों को संगठन में काम करने का अवसर मिला है। सीएम के
इस बयान से अनुमान लगाया जा सकता है कि आने वाले दिनों में कुछ और
नियुक्तियां हो सकती हैं। बघेल ने यह बात सरकार के तीन वर्ष पूरे होने के
मौके पर नईदुनिया से चर्चा के दौरान कही थी।पद नहीं मिलने से कार्यकर्ताओं में नाराजगी के सवाल पर बघेल ने कहा था कि
कार्यकर्ता हमारी ताकत हैं। उन्हीं की ताकत से हम चुनाव जीते हैं। लेकिन
ऐसा नहीं है कि विधायक बनने या सरकार बनने के बाद हमने उन्हें छोड़ दिया है।
पंचायत और नगरीय निकाय समेत हर चुनाव में हम उनके साथ खड़े होते हैं। मिलकर
लड़ रहे हैं। हमने पंचायत सम्मेलन कराया, जिसमें हमने उनकी जितनी मांगें
थीं, पूरी की।


Journalist खबरीलाल












