रायपुर । कन्फेडरेशन आफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) का कहना है कि ई कामर्स के लिए अनिवार्य जीएसटी की शर्त को हटाया जाए। यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के डिजिटल इंडिया के दृष्टिकोण के विपरीत है। कैट का कहना कि इस विसंगति को तत्काल समाप्त किया जाए। कैट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर पारवानी ने बताया कि एक ओर पीएम मोदी के विजन के अनुसरण में बहुत से मंत्रालय और राज्य सरकारें ई कामर्स प्लेटफार्म पर अधिक से अधिक विक्रेताओं को लाने के लिए उत्सुक है। लेकिन जीएसटी नंबर के बिना विक्रेताओं को अनुमति नहीं देने पर देश के लाखों व्यापारी द्वारा डिजिटल कामर्स को अपनाना रोड़ा बन गया है। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पारवानी ने कहा कि छोटे खुदरा विक्रेताओं का सालाना कारोबार 40 लाख रुपये से कम है और उन्हें जीएसटी पंजीकरण लेने की छूट है। ऐसे में छोटे व्यापारियों के लिए डिजिटल कामर्स को कैसे अपना सकते हैं।
रायपुर । कन्फेडरेशन आफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) का कहना है कि ई कामर्स के लिए अनिवार्य जीएसटी की शर्त को हटाया जाए। यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के डिजिटल इंडिया के दृष्टिकोण के विपरीत है। कैट का कहना कि इस विसंगति को तत्काल समाप्त किया जाए। कैट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर पारवानी ने बताया कि एक ओर पीएम मोदी के विजन के अनुसरण में बहुत से मंत्रालय और राज्य सरकारें ई कामर्स प्लेटफार्म पर अधिक से अधिक विक्रेताओं को लाने के लिए उत्सुक है। लेकिन जीएसटी नंबर के बिना विक्रेताओं को अनुमति नहीं देने पर देश के लाखों व्यापारी द्वारा डिजिटल कामर्स को अपनाना रोड़ा बन गया है। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पारवानी ने कहा कि छोटे खुदरा विक्रेताओं का सालाना कारोबार 40 लाख रुपये से कम है और उन्हें जीएसटी पंजीकरण लेने की छूट है। ऐसे में छोटे व्यापारियों के लिए डिजिटल कामर्स को कैसे अपना सकते हैं।


Journalist खबरीलाल












