रायपुर. अश्लील वीडियो मामले में प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी परस राम चंद्राकर को विभाग ने निलंबित कर दिया है. करीब दो महीने पहले प्रभारी DEO की कार में रोमांस करते हुए फोटो और वीडियो वायरल हुआ था. कार के शीशे पर पोस्टर लगा था- शासकीय कार्य पर छत्तीसगढ़ शासन. वायरल वीडियो को संज्ञान में लेकर पहचान की गई. जिसमें वायरल वीडियो में कार के अंदर अश्लील हरकत (दम दम दिगा दिगा, मौसम भीगा भीगा ...) करने वाले व्यक्ति की पहचान महासमुंद के प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी परसराम चंद्राकर के रूप में हुई थी.
उनका मूल पद प्राचार्य है. वीडियो में जो कार का नम्बर सीजी 04, एम क्यू 0669 दिख रहा था वह भी चन्द्राकर के नाम से ही रजिस्टर्ड है. निलंबन आदेश में स्पष्ट लिखा गया है कि, चन्द्राकर एक विभागीय महिला कर्मी के साथ आपत्तिजनक हालत में दिखाई दिए थे. उनके कृत्य को छतीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम -3 ल विपरीत कदाचार व गम्भीर नैतिक पतन की श्रेणी में मान कर उन्हें निलंबित कर दिया गया है. निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय संभागीय संयुक्त संचालक शिक्षा रायपुर नियत किया गया है.
एक और डीईओ जिनका मूल पद व्याख्याता है उन्हें कार्य मे अनियमितता पाए जाने के कारण निलंबन कर दिया गया है। मामला कोंडागांव का है।
#टिप्पणी :: ऐसे शिक्षक क्या शिक्षा देंगे और क्या समाज को सुधारेंगे ? इन शिक्षकों को तो रंगरलियां मनाने हेतु वो भी अपने सहकर्मी के साथ को कड़ी सजा दी जानी चाहिए। शिक्षा के क्षेत्र ही नहीं अपितु सब जगह "दम दम दिगा दिगा, मौसम भीगा भीगा......" करने वाले लोग मौजूद हैं। जो पकड़ा गया वो चोर है, जो बच गया वो सियाणा है.....".
रायपुर. अश्लील वीडियो मामले में प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी परस राम चंद्राकर को विभाग ने निलंबित कर दिया है. करीब दो महीने पहले प्रभारी DEO की कार में रोमांस करते हुए फोटो और वीडियो वायरल हुआ था. कार के शीशे पर पोस्टर लगा था- शासकीय कार्य पर छत्तीसगढ़ शासन. वायरल वीडियो को संज्ञान में लेकर पहचान की गई. जिसमें वायरल वीडियो में कार के अंदर अश्लील हरकत (दम दम दिगा दिगा, मौसम भीगा भीगा ...) करने वाले व्यक्ति की पहचान महासमुंद के प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी परसराम चंद्राकर के रूप में हुई थी.
उनका मूल पद प्राचार्य है. वीडियो में जो कार का नम्बर सीजी 04, एम क्यू 0669 दिख रहा था वह भी चन्द्राकर के नाम से ही रजिस्टर्ड है. निलंबन आदेश में स्पष्ट लिखा गया है कि, चन्द्राकर एक विभागीय महिला कर्मी के साथ आपत्तिजनक हालत में दिखाई दिए थे. उनके कृत्य को छतीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम -3 ल विपरीत कदाचार व गम्भीर नैतिक पतन की श्रेणी में मान कर उन्हें निलंबित कर दिया गया है. निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय संभागीय संयुक्त संचालक शिक्षा रायपुर नियत किया गया है.
एक और डीईओ जिनका मूल पद व्याख्याता है उन्हें कार्य मे अनियमितता पाए जाने के कारण निलंबन कर दिया गया है। मामला कोंडागांव का है।
#टिप्पणी :: ऐसे शिक्षक क्या शिक्षा देंगे और क्या समाज को सुधारेंगे ? इन शिक्षकों को तो रंगरलियां मनाने हेतु वो भी अपने सहकर्मी के साथ को कड़ी सजा दी जानी चाहिए। शिक्षा के क्षेत्र ही नहीं अपितु सब जगह "दम दम दिगा दिगा, मौसम भीगा भीगा......" करने वाले लोग मौजूद हैं। जो पकड़ा गया वो चोर है, जो बच गया वो सियाणा है.....".


Journalist खबरीलाल












