रायपुर । छत्तीसगढ़ की राजधानी
रायपुर समेत प्रदेशभर में एक बार फिर मौसम का मिजाज सर्द-गर्म के रूप में
बदल रहा है। बंगाल की खाड़ी से आ रही नमीयुक्त गर्म हवा के कारण कुछ इलाकों
में पारा बढ़ेगा। इससे लोगों को दिन में गर्मी का अहसास होता। ऐसे में
विशेषज्ञों ने सचेत किया है कि हमें सर्द-गर्म के मौसम में भी गरम कपड़े
नहीं छोड़ना है। मौसम के उतार-चढ़ाव के कारण लगातार सर्दी, जुखाम और बुखार
के मरीज बढ़ रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि कोई भी बुखार को नार्मल
नहीं समझें और शरीर में पानी की कमी न होने पाए इसलिए लगातार पानी पीते
रहें। ठंड पानी पीने से बचें। नार्मल पानी ही पीएं।
की मानें तो दिन में धूप, गर्मी और शाम या रात में ठंड होने से इसका असर
लोगों की सेहत पर बुरा पड़ा सकता है। सर्द-गर्म से गला खराब होने की
संभावना बन जाती है। चूंकि अभी कोरोना के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। ऐसे
में मौसम के उतार-चढ़ाव से कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वालों को
सर्दी-खांसी और बुखार जल्द जकड़ रहा है। अस्पतालों में भी सर्दी-बुखार के
मरीज बढ़ रहे हैं। निजी अस्पतालों और क्लीनिकों में भी गला खराब होने की
शिकायत लेकर लोग बढ़ी संख्या में पहुंच रहे हैं।
रायपुर । छत्तीसगढ़ की राजधानी
रायपुर समेत प्रदेशभर में एक बार फिर मौसम का मिजाज सर्द-गर्म के रूप में
बदल रहा है। बंगाल की खाड़ी से आ रही नमीयुक्त गर्म हवा के कारण कुछ इलाकों
में पारा बढ़ेगा। इससे लोगों को दिन में गर्मी का अहसास होता। ऐसे में
विशेषज्ञों ने सचेत किया है कि हमें सर्द-गर्म के मौसम में भी गरम कपड़े
नहीं छोड़ना है। मौसम के उतार-चढ़ाव के कारण लगातार सर्दी, जुखाम और बुखार
के मरीज बढ़ रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि कोई भी बुखार को नार्मल
नहीं समझें और शरीर में पानी की कमी न होने पाए इसलिए लगातार पानी पीते
रहें। ठंड पानी पीने से बचें। नार्मल पानी ही पीएं।
की मानें तो दिन में धूप, गर्मी और शाम या रात में ठंड होने से इसका असर
लोगों की सेहत पर बुरा पड़ा सकता है। सर्द-गर्म से गला खराब होने की
संभावना बन जाती है। चूंकि अभी कोरोना के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। ऐसे
में मौसम के उतार-चढ़ाव से कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वालों को
सर्दी-खांसी और बुखार जल्द जकड़ रहा है। अस्पतालों में भी सर्दी-बुखार के
मरीज बढ़ रहे हैं। निजी अस्पतालों और क्लीनिकों में भी गला खराब होने की
शिकायत लेकर लोग बढ़ी संख्या में पहुंच रहे हैं।


Journalist खबरीलाल












