नयी दिल्ली. उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने रविवार को
महात्मा गांधी को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि देते हुए लोगों से देश को
गरीब, भूख, सामाजिक अक्षमताओं, निरक्षरता और भेदभाव से मुक्त कराने के लिए
एक साथ आने का अनुरोध किया. गांधी की 74 साल पहले आज ही के दिन हत्या कर दी
गयी थी. उपराष्ट्रपति सचिवालय ने नायडू के हवाले से ट्वीट किया, ‘‘शांति
और अंिहसा के दूत गांधी जी ने भारत के स्वतंत्रता संग्राम और भारत के भाग्य
को आकार देने में बहुत बड़ी भूमिका निभायी.’’ महात्मा गांधी को दूरदर्शी
नेता, सामाजिक सुधारवादी, किसानों के लिए मसीहा, दुर्बल वर्गों के लिए
योद्धा और ग्रामीण भारत की आवाज बताते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि वह दया,
अनुकंपा और निस्वार्थ सेवा के प्रतीक थे. उन्होंने कहा, ‘‘उनका गौरवशाली
जीवन, महान विचार और निस्वार्थता मानवता को प्रेरित करती रहेगी. हम अपने
देश को गरीबी, भूख, सामाजिक कुरीतियों, निरक्षरता और भेदभाव से मुक्त कराने
का संकल्प लें.’’
नयी दिल्ली. उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने रविवार को
महात्मा गांधी को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि देते हुए लोगों से देश को
गरीब, भूख, सामाजिक अक्षमताओं, निरक्षरता और भेदभाव से मुक्त कराने के लिए
एक साथ आने का अनुरोध किया. गांधी की 74 साल पहले आज ही के दिन हत्या कर दी
गयी थी. उपराष्ट्रपति सचिवालय ने नायडू के हवाले से ट्वीट किया, ‘‘शांति
और अंिहसा के दूत गांधी जी ने भारत के स्वतंत्रता संग्राम और भारत के भाग्य
को आकार देने में बहुत बड़ी भूमिका निभायी.’’ महात्मा गांधी को दूरदर्शी
नेता, सामाजिक सुधारवादी, किसानों के लिए मसीहा, दुर्बल वर्गों के लिए
योद्धा और ग्रामीण भारत की आवाज बताते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि वह दया,
अनुकंपा और निस्वार्थ सेवा के प्रतीक थे. उन्होंने कहा, ‘‘उनका गौरवशाली
जीवन, महान विचार और निस्वार्थता मानवता को प्रेरित करती रहेगी. हम अपने
देश को गरीबी, भूख, सामाजिक कुरीतियों, निरक्षरता और भेदभाव से मुक्त कराने
का संकल्प लें.’’


Journalist खबरीलाल












