संयुक्त राष्ट्र. यमन में हूती विद्रोहियों द्वारा भर्ती
किये गए करीब 2,000 बच्चे जनवरी 2020 से मई 2021 के बीच लड़ाई में मारे गए
हैं और ईरान सर्मिथत विद्रोही युवाओं को लड़ाई के प्रति प्रोत्साहित करने के
लिये लगातार शिविरों का आयोजन कर रहे हैं. संयुक्त राष्ट्र विशेषज्ञों ने
एक नयी रिपोर्ट में यह जानकारी दी है. शनिवार को प्रसारित संयुक्त राष्ट्र
सुरक्षा परिषद की चार सदस्य समिति की एक रिपोर्ट में विशेषज्ञों ने कहा कि
उन्होंने स्कूलों और एक मस्जिद में कुछ ग्रीष्मकालीन शिविरों की जांच की,
जहां हूती विद्रोहियों ने अपनी विचारधारा का प्रसार किया है. साथ ही
उन्होंने यमन की अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सरकार के साथ सात साल से
चले आ रहे युद्ध में बच्चों की भर्ती के बारे में जानकारी ली. समिति ने कहा
कि उसे हूती विद्रोहियों द्वारा भर्ती किये गए 1,406 बच्चों की सूची मिली,
जो 2020 में लड़ाई में मारे जा चुके हैं. इसके अलावा 562 बच्चों की एक और
सूची मिली है, जिनकी मौत जनवरी से मई 2021 के बीच हुई.
संयुक्त राष्ट्र. यमन में हूती विद्रोहियों द्वारा भर्ती
किये गए करीब 2,000 बच्चे जनवरी 2020 से मई 2021 के बीच लड़ाई में मारे गए
हैं और ईरान सर्मिथत विद्रोही युवाओं को लड़ाई के प्रति प्रोत्साहित करने के
लिये लगातार शिविरों का आयोजन कर रहे हैं. संयुक्त राष्ट्र विशेषज्ञों ने
एक नयी रिपोर्ट में यह जानकारी दी है. शनिवार को प्रसारित संयुक्त राष्ट्र
सुरक्षा परिषद की चार सदस्य समिति की एक रिपोर्ट में विशेषज्ञों ने कहा कि
उन्होंने स्कूलों और एक मस्जिद में कुछ ग्रीष्मकालीन शिविरों की जांच की,
जहां हूती विद्रोहियों ने अपनी विचारधारा का प्रसार किया है. साथ ही
उन्होंने यमन की अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सरकार के साथ सात साल से
चले आ रहे युद्ध में बच्चों की भर्ती के बारे में जानकारी ली. समिति ने कहा
कि उसे हूती विद्रोहियों द्वारा भर्ती किये गए 1,406 बच्चों की सूची मिली,
जो 2020 में लड़ाई में मारे जा चुके हैं. इसके अलावा 562 बच्चों की एक और
सूची मिली है, जिनकी मौत जनवरी से मई 2021 के बीच हुई.


Journalist खबरीलाल












