रायपुर । राष्ट्रपिता महात्मा गांधी
की पुण्यतिथि पर राजधानी के अलग-अलग इलाकों में पुष्पाजंलि समारोह का आयोजन
किया गया। कोरोना महामारी के चलते सादगी से प्रतिमा और छायाचित्रों पर
माल्यार्पण करके गांधीजी के छत्तीसगढ़ प्रवास और राजधानी में छुआछूत मिटाने
के लिए दिए गए संदेशों को याद किया गया।छत्तीसगढ़ केंद्रीय परिषद के बूढ़ापारा स्थित शुक्ला भवन में ऐतिहासिक
गांधी चबूतरे पर गांधीजी के छायाचित्र पर माल्यार्पण कर आदराजंलि दी गई।
पूर्व मंत्री अमितेश शुक्ल ने कहा कि शुक्ला भवन से गांधीजी की यादें
जुड़ीं हैं। जब गांधीजी छत्तीसगढ़ आए थे, तब उनके दादा स्व.रविशंकर शुक्ला
ने उनका स्वागत किया था। पूरे छत्तीसगढ़ का दौरा करके गांधीजी ने देशभक्ति
की भावना जगाने के साथ छुआछूत मिटाने के लिए जन-जन को जागरूक किया था।
कार्यक्रम में परिषद के महामंत्री रामअवतार देवांगन, नितिन कुमार झा ने कहा
कि उन्होंने अपने बुजुर्गों से सुना है कि गांधीजी ने रायपुर प्रवास के
दौरान राजकुमार कालेज, आमापारा, तात्यापारा, गांधी चौक, सप्रे शाला, बाल
वाचनालय जैसी जगहों पर सभा करके देशभक्ति की अलख जगाई थी। आज भी उन जगहाें
पर गांधीजी की यादों को संजोकर रखा गया है। कार्यक्रम में अनेक सदस्य शामिल
हुए और माल्यार्पण किया।
रायपुर । राष्ट्रपिता महात्मा गांधी
की पुण्यतिथि पर राजधानी के अलग-अलग इलाकों में पुष्पाजंलि समारोह का आयोजन
किया गया। कोरोना महामारी के चलते सादगी से प्रतिमा और छायाचित्रों पर
माल्यार्पण करके गांधीजी के छत्तीसगढ़ प्रवास और राजधानी में छुआछूत मिटाने
के लिए दिए गए संदेशों को याद किया गया।छत्तीसगढ़ केंद्रीय परिषद के बूढ़ापारा स्थित शुक्ला भवन में ऐतिहासिक
गांधी चबूतरे पर गांधीजी के छायाचित्र पर माल्यार्पण कर आदराजंलि दी गई।
पूर्व मंत्री अमितेश शुक्ल ने कहा कि शुक्ला भवन से गांधीजी की यादें
जुड़ीं हैं। जब गांधीजी छत्तीसगढ़ आए थे, तब उनके दादा स्व.रविशंकर शुक्ला
ने उनका स्वागत किया था। पूरे छत्तीसगढ़ का दौरा करके गांधीजी ने देशभक्ति
की भावना जगाने के साथ छुआछूत मिटाने के लिए जन-जन को जागरूक किया था।
कार्यक्रम में परिषद के महामंत्री रामअवतार देवांगन, नितिन कुमार झा ने कहा
कि उन्होंने अपने बुजुर्गों से सुना है कि गांधीजी ने रायपुर प्रवास के
दौरान राजकुमार कालेज, आमापारा, तात्यापारा, गांधी चौक, सप्रे शाला, बाल
वाचनालय जैसी जगहों पर सभा करके देशभक्ति की अलख जगाई थी। आज भी उन जगहाें
पर गांधीजी की यादों को संजोकर रखा गया है। कार्यक्रम में अनेक सदस्य शामिल
हुए और माल्यार्पण किया।


Journalist खबरीलाल












