रायपुर । राजधानी रायपुर के
गोलबाजार आने वाले दिनों में तस्वीर बदल जाएगी। लेकिन यहां की दुकानों के
मालिकाना हक पाने के लिए व्यापारियों को बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी। यानि
दुकान पाने के लिए निगम में पांच लाख रुपये से लेकर 10, 20, 40, 50 लाख के
साथ एक करोड़ से अधिक रुपये जमा करना पड़ेगा।
नगर निगम और स्मार्ट सिटी ने पेश किया प्लान
गोलबाजार
को लेकर निगम और स्मार्ट सिटी ने मिलकर एक प्लान पेश किया, जिसके बाद
दुकानों का मूल्यांकन कर दावा आपत्ति मंगाई थी। मालिकाना हक के पहले
दुकानों की कीमत और विकास समेत अन्य शुल्क को लेकर निगम प्रशासन और
व्यापारियों के बीच विवाद की स्थिति है। 20 से ज्यादा बैठकें होने के बाद भी
अब तक सहमति नही बन पाई है, लिहाजा विवाद बढ़ने की संभावना है।
व्यापारियों ने लगाया मनमानी का आरोप
गोलबाजार की दुकानों का मालिकाना हक देने का मामला गरमाता जा रहा है।
गोलबाजार व्यापारी महासंघ ने रायपुर नगर निगम के अधिकारियों पर मनमानी करने
का आरोप लगाते हुए एक बैठक की। बैठक में उपस्थित सभी दुकानों के
व्यापारियों ने कहा कि नगर निगम प्रशासन जो विकास शुल्क ले रहा है,उसे अभी
तक कम नहीं किया गया है और निर्माण शुल्क में भी कोई संशोधन अभी तक नहीं
किया गया है।
दो-चार दुकानों का ही हुआ नाप-जोख
गोलबाजार की सभी दुकानों के नाप-जोख की प्रक्रिया निगम ने शुरू की थी
लेकिन सिर्फ दो-चार दुकानों का नाप-जोख करके अपनी बला टाल दी।इसमें
त्रुटियों का सुधार तक अभी तक नहीं होने से परेशान होकर बैठक करने को मजबूर
हुए है।व्यापारी महासंघ ने तय किया कि मानव श्रृंखला बनाकर विरोध प्रदर्शन
किया जायेगा।आगे और आंदोलन करने की तैयारी की गई है।
पार्षदों से मिलकर रखेगे बात
गोलबाजार के व्यापारियों ने बैठक में नगर निगम के सभी पार्षदों से मिलकर
अपनी समस्याएं रखने का फैसला लिया है।बैठक में व्यापारी महासंघ के अध्यक्ष
धनराज जैन, कार्यकारी अध्यक्ष अजय देवांगन,पुस्तक व्यापारी संघ के निसार
अहमद, मो.करीम,साकिर अहमद,विवेक अग्रवाल,सन्नी माखीजा,राजेश वासवानी, जवाहर
अग्रवाल,दिलीप पंसारी, गिरधर राव राउत समेत अन्य व्यापारी उपस्थित थे।
डेवलपमेंट फीस माफ हो
गोलबाजार के व्यापारी विकास शुल्क समेत मांगों पर अड़े हुए हैं। संघ
पदाधिकारियों का कहना है कि हमारी मांग है कि मालिकाना हक की प्रक्रिया में
व्यापारियों से डेवलपमेंट और कंस्ट्रक्शन शुल्क माफ किया जाए।दुकानों की
नहीं सिर्फ जमीनों की रजिस्ट्री हो। इससे अलावा अ
नए मांगों से निगम प्रशासन को अवगत करा दिया गया है।
फैक्ट फाइल
गोलबाजार में कुल दुकानें- 579
व्यापारियों की ओर से दावा आपत्ति- 500 के करीब
दुकानों का क्षेत्रफल-80 से 400 वर्गफीट
दुकानों की कीमत-5, 10 लाख, 20,40,50 लाख और एक करोड़ से अधिक
गोलबाजार के व्यापारियों की यह है मांग
विकास शुल्क माफ हो।
सिर्फ जमीन की रजिस्ट्री हो।
रजिस्ट्री के बाद हाउस टैक्स में 10 वर्षों की छूट मिले।
रायपुर । राजधानी रायपुर के
गोलबाजार आने वाले दिनों में तस्वीर बदल जाएगी। लेकिन यहां की दुकानों के
मालिकाना हक पाने के लिए व्यापारियों को बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी। यानि
दुकान पाने के लिए निगम में पांच लाख रुपये से लेकर 10, 20, 40, 50 लाख के
साथ एक करोड़ से अधिक रुपये जमा करना पड़ेगा।
नगर निगम और स्मार्ट सिटी ने पेश किया प्लान
गोलबाजार
को लेकर निगम और स्मार्ट सिटी ने मिलकर एक प्लान पेश किया, जिसके बाद
दुकानों का मूल्यांकन कर दावा आपत्ति मंगाई थी। मालिकाना हक के पहले
दुकानों की कीमत और विकास समेत अन्य शुल्क को लेकर निगम प्रशासन और
व्यापारियों के बीच विवाद की स्थिति है। 20 से ज्यादा बैठकें होने के बाद भी
अब तक सहमति नही बन पाई है, लिहाजा विवाद बढ़ने की संभावना है।
व्यापारियों ने लगाया मनमानी का आरोप
गोलबाजार की दुकानों का मालिकाना हक देने का मामला गरमाता जा रहा है।
गोलबाजार व्यापारी महासंघ ने रायपुर नगर निगम के अधिकारियों पर मनमानी करने
का आरोप लगाते हुए एक बैठक की। बैठक में उपस्थित सभी दुकानों के
व्यापारियों ने कहा कि नगर निगम प्रशासन जो विकास शुल्क ले रहा है,उसे अभी
तक कम नहीं किया गया है और निर्माण शुल्क में भी कोई संशोधन अभी तक नहीं
किया गया है।
दो-चार दुकानों का ही हुआ नाप-जोख
गोलबाजार की सभी दुकानों के नाप-जोख की प्रक्रिया निगम ने शुरू की थी
लेकिन सिर्फ दो-चार दुकानों का नाप-जोख करके अपनी बला टाल दी।इसमें
त्रुटियों का सुधार तक अभी तक नहीं होने से परेशान होकर बैठक करने को मजबूर
हुए है।व्यापारी महासंघ ने तय किया कि मानव श्रृंखला बनाकर विरोध प्रदर्शन
किया जायेगा।आगे और आंदोलन करने की तैयारी की गई है।
पार्षदों से मिलकर रखेगे बात
गोलबाजार के व्यापारियों ने बैठक में नगर निगम के सभी पार्षदों से मिलकर
अपनी समस्याएं रखने का फैसला लिया है।बैठक में व्यापारी महासंघ के अध्यक्ष
धनराज जैन, कार्यकारी अध्यक्ष अजय देवांगन,पुस्तक व्यापारी संघ के निसार
अहमद, मो.करीम,साकिर अहमद,विवेक अग्रवाल,सन्नी माखीजा,राजेश वासवानी, जवाहर
अग्रवाल,दिलीप पंसारी, गिरधर राव राउत समेत अन्य व्यापारी उपस्थित थे।
डेवलपमेंट फीस माफ हो
गोलबाजार के व्यापारी विकास शुल्क समेत मांगों पर अड़े हुए हैं। संघ
पदाधिकारियों का कहना है कि हमारी मांग है कि मालिकाना हक की प्रक्रिया में
व्यापारियों से डेवलपमेंट और कंस्ट्रक्शन शुल्क माफ किया जाए।दुकानों की
नहीं सिर्फ जमीनों की रजिस्ट्री हो। इससे अलावा अ
नए मांगों से निगम प्रशासन को अवगत करा दिया गया है।
फैक्ट फाइल
गोलबाजार में कुल दुकानें- 579
व्यापारियों की ओर से दावा आपत्ति- 500 के करीब
दुकानों का क्षेत्रफल-80 से 400 वर्गफीट
दुकानों की कीमत-5, 10 लाख, 20,40,50 लाख और एक करोड़ से अधिक
गोलबाजार के व्यापारियों की यह है मांग
विकास शुल्क माफ हो।
सिर्फ जमीन की रजिस्ट्री हो।
रजिस्ट्री के बाद हाउस टैक्स में 10 वर्षों की छूट मिले।



Journalist खबरीलाल














