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news bilaspur:: बाघिन रजनी की कानन में मौत:

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बिलासपुर। कंधे में जख्म
और पूंछ में चोट के साथ आठ महीने पहले अचानकमार टाइगर रिजर्व (ATR) में
घायल अवस्था में मिली बाघिन रजनी ने बुधवार को कानन पेंडारी जू के जूलाजिकल
पार्क में दम तोड़ दिया। मौत के बाद शव का पोस्टमार्टम किया। जिसके बाद
परिसर में ही जला दिया गया। उसके बिसरा जांच के लिए लैब भेजने के लिए
सुरक्षित रखा गया है। कानन पेंडारी में आठ साल के भीतर 15 वन्यप्राणियों की
मौत हो चुकी है। उपचार में आठ लाख रुपये खर्च होने के बाद भी बाघिन को
चिकित्सक नहीं बचा सके।


बुधवार की सुबह 8.45 बजे उसके शरीर का तापमान
सामान्य से बहुत कम हो गया और 11.26 बजे उसकी मौत हो गई। बताया गया कि वन
विभाग के अफसरों ने उसके शव का पोस्टमार्टम करने के लिए टीम गठित की थी।
जिसमें डा. आरएम त्रिपाठी, डा. अनूप चटर्जी, डा. राम ओत्तलवार और कानन
पेंडारी के पशु चिकित्सक अजीत पांडेय के साथ डा. तृप्ति सोनी ने बाघिन के
शव का पोस्टमार्टम किया।


अचानकमार
टाइगर रिजर्व के छपरवा सांभर धसान सर्किल में आठ जून 2021 को बाघिन घायल
अवस्था में मिली थी। उसे रेस्क्यू कर कानन पेंडारी जूलाजिकल पार्क में रखा
गया था और उसका इलाज किया जा रहा था। बाघिन को उसके कंधे में गहरा जख्म लगा
था और पूंछ में भी चोट आई थी। बाघिन अपने पैरों पर ठीक से खड़ी नहीं हो पा
रही थी। जिससे कारन उसका खाना पीना भी ठीक से नहीं हो पा रहा था। ऐसे में
पिछले आठ माह से उसके कानन पेंडारी के पशु चिकित्सालय में रखा गया था। अब
मौत के बाद सभी को बिसरा रिपोर्ट का इंतजार है।



बिलासपुर। कंधे में जख्म
और पूंछ में चोट के साथ आठ महीने पहले अचानकमार टाइगर रिजर्व (ATR) में
घायल अवस्था में मिली बाघिन रजनी ने बुधवार को कानन पेंडारी जू के जूलाजिकल
पार्क में दम तोड़ दिया। मौत के बाद शव का पोस्टमार्टम किया। जिसके बाद
परिसर में ही जला दिया गया। उसके बिसरा जांच के लिए लैब भेजने के लिए
सुरक्षित रखा गया है। कानन पेंडारी में आठ साल के भीतर 15 वन्यप्राणियों की
मौत हो चुकी है। उपचार में आठ लाख रुपये खर्च होने के बाद भी बाघिन को
चिकित्सक नहीं बचा सके।


बुधवार की सुबह 8.45 बजे उसके शरीर का तापमान
सामान्य से बहुत कम हो गया और 11.26 बजे उसकी मौत हो गई। बताया गया कि वन
विभाग के अफसरों ने उसके शव का पोस्टमार्टम करने के लिए टीम गठित की थी।
जिसमें डा. आरएम त्रिपाठी, डा. अनूप चटर्जी, डा. राम ओत्तलवार और कानन
पेंडारी के पशु चिकित्सक अजीत पांडेय के साथ डा. तृप्ति सोनी ने बाघिन के
शव का पोस्टमार्टम किया।


अचानकमार
टाइगर रिजर्व के छपरवा सांभर धसान सर्किल में आठ जून 2021 को बाघिन घायल
अवस्था में मिली थी। उसे रेस्क्यू कर कानन पेंडारी जूलाजिकल पार्क में रखा
गया था और उसका इलाज किया जा रहा था। बाघिन को उसके कंधे में गहरा जख्म लगा
था और पूंछ में भी चोट आई थी। बाघिन अपने पैरों पर ठीक से खड़ी नहीं हो पा
रही थी। जिससे कारन उसका खाना पीना भी ठीक से नहीं हो पा रहा था। ऐसे में
पिछले आठ माह से उसके कानन पेंडारी के पशु चिकित्सालय में रखा गया था। अब
मौत के बाद सभी को बिसरा रिपोर्ट का इंतजार है।



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