00 छत्तीसगढी कला संस्कृति परंपरा से भाजपा नेताओं को इतना चिढ़ क्यों?
रायपुर। राज्यसभा
सांसद सरोज पांडे के बयान पर कांग्रेस ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने भाजपा नेत्री एवं राज्यसभा
सांसद सरोज पांडेय पर तंज कसते हुए कहा कि दीनदयाल उपाध्याय की कथा सुनने
वाले क्या जाने छत्तीसगढ़ की माटी की खुशुब छत्तीसगढ़ की तीज त्योहारों
परम्पराओं का आनंद, गेड़ी चढऩा, लट्टू चलना, हरेली तिहार राउत नाचा में
छत्तीसगढ़ की महक आती है। सरोज पांडेय के बयान में छत्तीसगढ़ की कला
संस्कृति परंपरा तीज त्योहारों खेल का विरोध झलक रहा है। उन्होंने कहा कि
आखिर भाजपा नेताओं को छत्तीसगढ़ के कला संस्कृति परंपरा तीज त्यौहार से
इतनी चिढ़ क्यों है? रमन शासनकाल में मुख्यमंत्री निवास में कभी भी
छत्तीसगढ़ के तीज त्योहारों का आयोजन नही हुआ। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल
छत्तीसगढ़ की कला संस्कृति परंपरा को पुनर्जीवित कर रहे हैं देश में ही
नहीं बल्कि विश्व में अलग पहचान दे रहे हैं।ऐसे में भाजपा नेताओं को
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के राउत नाचा में शामिल होने और लट्टू चलाने से पेट
में दर्द क्यों हो रहा है?
उन्होंने कहा कि राज्यसभा सांसद सरोज पांडे
को 15 साल के रमन भाजपा के शासनकाल का अवलोकन करना चाहिए उस दौरान प्रतिदिन
4 किसान आत्महत्या करने मजबूर थे।
किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य नहीं
मिलता था।किसानों के लिए बनाए गए जलाशय से पानी मांगने पर किसानों के ऊपर
बेत प्रहार कराये जाते थे। किसानों आदिवासियों के ऊपर फर्जी मुकदमे दर्ज
कराए जाते रहे। रमन सिंह सरकार के कमीशनखोरी, भ्रष्टाचार के चलते छत्तीसगढ़
के खजाने पर 41 हजार करोड़ का कर्ज चढ़ गया। एक ओर खजाने में कर्ज बढ़ा,
दूसरी ओर छत्तीसगढ़ के 20 लाख किसान कर्ज के बोझ में दबे थे। रमन सिंह ने
किसानों को धान की कीमत 2100 रू. प्रतिक्विंटल एवं 300 रू. बोनस नहीं दिया।
मुक्त बिजली पांच हार्स पावर तक पम्प देने के वादा, को पूरा नहीं की,
युवाओं के शासकीय नौकरी को आउट सोर्सिंग के माध्यम से बेचने का काम किया।
निर्दोष आदिवासियों को जेल में बंद किया, आदिवासियों की 90 हजार एकड़ जमीन
छीनी गई। पांचवी अनुसूची के अधिकारों का हनन किया। 20 हजार से अधिक
महिलायें गायब हो गई। भाजपा से जुड़े लोग मानव तस्करी, ड्रग तस्करी, शराब
तस्करी, माओवादियों के मददगार के रूप में गिरफ्तार हो रहे, चिटफंड घोटालों
में भाजपा नेताओं की भूमिका है।
ठाकुर ने कहा कि भाजपा के किसान विरोधी
चरित्र और चेहरा को छत्तीसगढ़ की जनता भली-भांति पहचानती है 15 साल तक रमन
शासनकाल में किसानों के ऊपर अत्याचार हुए हैं किसानों का शोषण किया गया है
और बीते 7 साल से मोदी सरकार किसानों के साथ धोखा छल वादाखिलाफी कर रही है।
तीन किसान विरोधी काले कानून बनाकर किसानों को गुलाम बनाने की कोशिश किया
जा रहा है किसानों को समर्थन मूल्य देने से भाजपा की सरकार बच रही है
किसानों के धान की सरकारी खरीदी की जिम्मेदारी से भाग रही है।
उन्होंने
कहा कि मोदी भाजपा की सरकार जिस प्रकार से भारत के नवरत्न कंपनियों रेल
रेलवे स्टेशन हवाई अड्डा सहित 135 सरकारी कंपनियों को अदानी अंबानी जैसे
पूंजी पतियों को बेच रही है ठीक उसी प्रकार अब धान खरीदी से भी भाजपा की
केंद्र सरकार भाग रही है किसानों को स्वामीनाथन कमेटी की सिफारिश के अनुसार
लागत मूल्य का डेढ़ गुना समर्थन मूल्य और 50 प्रतिशत प्रॉफिट देने का वादा
कर सरकार में आए अब किसानों को समर्थन मूल्य देने के भी पक्ष में नहीं है
यह भाजपा की किसान विरोधी चेहरा है।
00 छत्तीसगढी कला संस्कृति परंपरा से भाजपा नेताओं को इतना चिढ़ क्यों?
रायपुर। राज्यसभा
सांसद सरोज पांडे के बयान पर कांग्रेस ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने भाजपा नेत्री एवं राज्यसभा
सांसद सरोज पांडेय पर तंज कसते हुए कहा कि दीनदयाल उपाध्याय की कथा सुनने
वाले क्या जाने छत्तीसगढ़ की माटी की खुशुब छत्तीसगढ़ की तीज त्योहारों
परम्पराओं का आनंद, गेड़ी चढऩा, लट्टू चलना, हरेली तिहार राउत नाचा में
छत्तीसगढ़ की महक आती है। सरोज पांडेय के बयान में छत्तीसगढ़ की कला
संस्कृति परंपरा तीज त्योहारों खेल का विरोध झलक रहा है। उन्होंने कहा कि
आखिर भाजपा नेताओं को छत्तीसगढ़ के कला संस्कृति परंपरा तीज त्यौहार से
इतनी चिढ़ क्यों है? रमन शासनकाल में मुख्यमंत्री निवास में कभी भी
छत्तीसगढ़ के तीज त्योहारों का आयोजन नही हुआ। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल
छत्तीसगढ़ की कला संस्कृति परंपरा को पुनर्जीवित कर रहे हैं देश में ही
नहीं बल्कि विश्व में अलग पहचान दे रहे हैं।ऐसे में भाजपा नेताओं को
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के राउत नाचा में शामिल होने और लट्टू चलाने से पेट
में दर्द क्यों हो रहा है?
उन्होंने कहा कि राज्यसभा सांसद सरोज पांडे
को 15 साल के रमन भाजपा के शासनकाल का अवलोकन करना चाहिए उस दौरान प्रतिदिन
4 किसान आत्महत्या करने मजबूर थे।
किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य नहीं
मिलता था।किसानों के लिए बनाए गए जलाशय से पानी मांगने पर किसानों के ऊपर
बेत प्रहार कराये जाते थे। किसानों आदिवासियों के ऊपर फर्जी मुकदमे दर्ज
कराए जाते रहे। रमन सिंह सरकार के कमीशनखोरी, भ्रष्टाचार के चलते छत्तीसगढ़
के खजाने पर 41 हजार करोड़ का कर्ज चढ़ गया। एक ओर खजाने में कर्ज बढ़ा,
दूसरी ओर छत्तीसगढ़ के 20 लाख किसान कर्ज के बोझ में दबे थे। रमन सिंह ने
किसानों को धान की कीमत 2100 रू. प्रतिक्विंटल एवं 300 रू. बोनस नहीं दिया।
मुक्त बिजली पांच हार्स पावर तक पम्प देने के वादा, को पूरा नहीं की,
युवाओं के शासकीय नौकरी को आउट सोर्सिंग के माध्यम से बेचने का काम किया।
निर्दोष आदिवासियों को जेल में बंद किया, आदिवासियों की 90 हजार एकड़ जमीन
छीनी गई। पांचवी अनुसूची के अधिकारों का हनन किया। 20 हजार से अधिक
महिलायें गायब हो गई। भाजपा से जुड़े लोग मानव तस्करी, ड्रग तस्करी, शराब
तस्करी, माओवादियों के मददगार के रूप में गिरफ्तार हो रहे, चिटफंड घोटालों
में भाजपा नेताओं की भूमिका है।
ठाकुर ने कहा कि भाजपा के किसान विरोधी
चरित्र और चेहरा को छत्तीसगढ़ की जनता भली-भांति पहचानती है 15 साल तक रमन
शासनकाल में किसानों के ऊपर अत्याचार हुए हैं किसानों का शोषण किया गया है
और बीते 7 साल से मोदी सरकार किसानों के साथ धोखा छल वादाखिलाफी कर रही है।
तीन किसान विरोधी काले कानून बनाकर किसानों को गुलाम बनाने की कोशिश किया
जा रहा है किसानों को समर्थन मूल्य देने से भाजपा की सरकार बच रही है
किसानों के धान की सरकारी खरीदी की जिम्मेदारी से भाग रही है।
उन्होंने
कहा कि मोदी भाजपा की सरकार जिस प्रकार से भारत के नवरत्न कंपनियों रेल
रेलवे स्टेशन हवाई अड्डा सहित 135 सरकारी कंपनियों को अदानी अंबानी जैसे
पूंजी पतियों को बेच रही है ठीक उसी प्रकार अब धान खरीदी से भी भाजपा की
केंद्र सरकार भाग रही है किसानों को स्वामीनाथन कमेटी की सिफारिश के अनुसार
लागत मूल्य का डेढ़ गुना समर्थन मूल्य और 50 प्रतिशत प्रॉफिट देने का वादा
कर सरकार में आए अब किसानों को समर्थन मूल्य देने के भी पक्ष में नहीं है
यह भाजपा की किसान विरोधी चेहरा है।


Journalist खबरीलाल












