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News Punjab :: भगवंत मान ने ए. वेणुप्रसाद को बनाया अपना प्रमुख सचिव ; वे बिलासपुर के दामाद हैं:

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सीएमओ में वेणुप्रसाद निवर्तमान मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के प्रमुख सचिव हुस्न लाल का स्थान लेंगे। हुस्न लाल को अब पर्यटन एवं सांस्कृतिक विभाग का प्रिंसिपल सचिव नियुक्त किया गया है। बता दें IAS वेनुप्रसाद का ताल्लुक छःग के बिलासपुर शहर से है। वे अविभाजित मध्यप्रदेश के पूर्व मंत्री स्वर्गीय अशोक राव के दामाद हैं।


पंजाब के नए मुख्यमंत्री भगवंत मान 16 मार्च को पद एवं गोपनीयता की शपथ लेंगे, लेकिन इससे पहले ही आम आदमी पार्टी (आप) ने जनता से किए वादे पूरे करने संबंधी पार्टी सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल के रोडमैप पर काम शुरू कर दिया है। शनिवार को 1991 बैच के आईएएस अधिकारी ए. वेणुप्रसाद को नए मुख्यमंत्री का प्रमुख सचिव नियुक्त किया गया है। वेणुप्रसाद बिजली और एक्साइज विभाग का तजुर्बा रखते हैं। उनकी अगुवाई में मुफ्त बिजली देने, एक्साइज से कमाई पर नीति बनाई जाएगी।    

सरकार के विधिवत गठन से पहले ही उनकी नियुक्ति के बारे में माना जा रहा है कि आम आदमी पार्टी ने चुनावी मैनिफेस्टो पर काम करने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके तहत 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने के अलावा राजस्व बढ़ोतरी के लिए एक्साइज विभाग को कामकाज में अमूलचूल सुधार लाना है।       

वेणुप्रसाद पावरकॉम के चेयरमैन व प्रबंध निदेशक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं और उन्हें एक्साइज व टैक्सेशन के अलावा बिजली विभाग के कामकाज का भी पूरा ज्ञान है। बेदाग छवि के अधिकारी वेणुप्रसाद इस समय एक्साइज एंड टैक्सेशन विभाग के अतिरिक्त प्रमुख सचिव के तौर पर कार्य कर रहे हैं। यानी मुख्यमंत्री के पद की शपथ लेने के तुरंत बाद भगवंत मान मुफ्त बिजली के वादे पर काम शुरू कर सकते हैं।


इसके अलावा भगवंत मान ने शुक्रवार को आप विधायक दल की बैठक के बाद राज्य के मुख्य सचिव अनिरुद्ध तिवारी और डीजीपी वीके भावरा के साथ करीब आधा घंटा बैठक की। डीजीपी के साथ बैठक के दौरान ही प्रदेश के पूर्व मंत्रियों, विधायकों और अन्य नेताओं को प्रदान की गई पुलिस सुरक्षा वापस लेने का फैसला लिया गया। पता चला है कि इस बैठक के दौरान भगवंत मान ने मुख्य सचिव के साथ उन अधिकारियों के बारे में भी चर्चा की, जिन्हें मुख्यमंत्री कार्यालय में तैनात किया जा सकता है। 


सीएमओ में वेणुप्रसाद निवर्तमान मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के प्रमुख सचिव हुस्न लाल का स्थान लेंगे। हुस्न लाल को अब पर्यटन एवं सांस्कृतिक विभाग का प्रिंसिपल सचिव नियुक्त किया गया है। मुख्य सचिव के साथ बैठक के दौरान मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव के पद के लिए अजोय शर्मा, एके सिन्हा और कृष्ण कुमार के नाम पर भी विचार विमर्श हुआ, लेकिन सहमति ए. वेणुप्रसाद के नाम पर ही बनी। उधर, पार्टी सूत्रों के अनुसार, सीएमओ में ऐसे अधिकारियों को ही नियुक्त किया जाएगा, जिनकी छवि अकाली या कांग्रेस समर्थक अधिकारी की नहीं है।

वादे पूरे करने को यह है केजरीवाल का रोडमैप

विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान आप सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल ने पंजाब में जो भी लोकलुभावन घोषणाएं कीं, उन्हें पार्टी की गारंटी के तौर पर लोगों के सामने रखा। उनका कहना है कि पंजाब का बजट 1.70 लाख करोड़ का है, जिसमें से अगर 20 फीसदी पैसा भी अगर भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रहा है तो यह रकम 34 हजार करोड़ रुपये बनती है। अगर पंजाब की आप सरकार ने इसमें से 25 हजार करोड़ रुपये का भ्रष्टाचार भी रोक लिया तो रेत के कारोबार से 20000 करोड़ रुपये की सरकार को कमाई हो सकती है। इस तरह कुल 45000 करोड़ रुपये आएंगे, जिनमें से महिलाओं को 1000 रुपये प्रति माह देने के लिए कुल 12000 करोड़ और मुफ्त बिजली के एवज में 3000 करोड़ रुपये बिजली सब्सिडी में जाएंगे। यानी यह दोनों वादे पूरे करके भी सरकार के पास पैसा बचेगा।


सीएमओ में वेणुप्रसाद निवर्तमान मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के प्रमुख सचिव हुस्न लाल का स्थान लेंगे। हुस्न लाल को अब पर्यटन एवं सांस्कृतिक विभाग का प्रिंसिपल सचिव नियुक्त किया गया है। बता दें IAS वेनुप्रसाद का ताल्लुक छःग के बिलासपुर शहर से है। वे अविभाजित मध्यप्रदेश के पूर्व मंत्री स्वर्गीय अशोक राव के दामाद हैं।


पंजाब के नए मुख्यमंत्री भगवंत मान 16 मार्च को पद एवं गोपनीयता की शपथ लेंगे, लेकिन इससे पहले ही आम आदमी पार्टी (आप) ने जनता से किए वादे पूरे करने संबंधी पार्टी सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल के रोडमैप पर काम शुरू कर दिया है। शनिवार को 1991 बैच के आईएएस अधिकारी ए. वेणुप्रसाद को नए मुख्यमंत्री का प्रमुख सचिव नियुक्त किया गया है। वेणुप्रसाद बिजली और एक्साइज विभाग का तजुर्बा रखते हैं। उनकी अगुवाई में मुफ्त बिजली देने, एक्साइज से कमाई पर नीति बनाई जाएगी।    

सरकार के विधिवत गठन से पहले ही उनकी नियुक्ति के बारे में माना जा रहा है कि आम आदमी पार्टी ने चुनावी मैनिफेस्टो पर काम करने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके तहत 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने के अलावा राजस्व बढ़ोतरी के लिए एक्साइज विभाग को कामकाज में अमूलचूल सुधार लाना है।       

वेणुप्रसाद पावरकॉम के चेयरमैन व प्रबंध निदेशक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं और उन्हें एक्साइज व टैक्सेशन के अलावा बिजली विभाग के कामकाज का भी पूरा ज्ञान है। बेदाग छवि के अधिकारी वेणुप्रसाद इस समय एक्साइज एंड टैक्सेशन विभाग के अतिरिक्त प्रमुख सचिव के तौर पर कार्य कर रहे हैं। यानी मुख्यमंत्री के पद की शपथ लेने के तुरंत बाद भगवंत मान मुफ्त बिजली के वादे पर काम शुरू कर सकते हैं।


इसके अलावा भगवंत मान ने शुक्रवार को आप विधायक दल की बैठक के बाद राज्य के मुख्य सचिव अनिरुद्ध तिवारी और डीजीपी वीके भावरा के साथ करीब आधा घंटा बैठक की। डीजीपी के साथ बैठक के दौरान ही प्रदेश के पूर्व मंत्रियों, विधायकों और अन्य नेताओं को प्रदान की गई पुलिस सुरक्षा वापस लेने का फैसला लिया गया। पता चला है कि इस बैठक के दौरान भगवंत मान ने मुख्य सचिव के साथ उन अधिकारियों के बारे में भी चर्चा की, जिन्हें मुख्यमंत्री कार्यालय में तैनात किया जा सकता है। 


सीएमओ में वेणुप्रसाद निवर्तमान मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के प्रमुख सचिव हुस्न लाल का स्थान लेंगे। हुस्न लाल को अब पर्यटन एवं सांस्कृतिक विभाग का प्रिंसिपल सचिव नियुक्त किया गया है। मुख्य सचिव के साथ बैठक के दौरान मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव के पद के लिए अजोय शर्मा, एके सिन्हा और कृष्ण कुमार के नाम पर भी विचार विमर्श हुआ, लेकिन सहमति ए. वेणुप्रसाद के नाम पर ही बनी। उधर, पार्टी सूत्रों के अनुसार, सीएमओ में ऐसे अधिकारियों को ही नियुक्त किया जाएगा, जिनकी छवि अकाली या कांग्रेस समर्थक अधिकारी की नहीं है।

वादे पूरे करने को यह है केजरीवाल का रोडमैप

विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान आप सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल ने पंजाब में जो भी लोकलुभावन घोषणाएं कीं, उन्हें पार्टी की गारंटी के तौर पर लोगों के सामने रखा। उनका कहना है कि पंजाब का बजट 1.70 लाख करोड़ का है, जिसमें से अगर 20 फीसदी पैसा भी अगर भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रहा है तो यह रकम 34 हजार करोड़ रुपये बनती है। अगर पंजाब की आप सरकार ने इसमें से 25 हजार करोड़ रुपये का भ्रष्टाचार भी रोक लिया तो रेत के कारोबार से 20000 करोड़ रुपये की सरकार को कमाई हो सकती है। इस तरह कुल 45000 करोड़ रुपये आएंगे, जिनमें से महिलाओं को 1000 रुपये प्रति माह देने के लिए कुल 12000 करोड़ और मुफ्त बिजली के एवज में 3000 करोड़ रुपये बिजली सब्सिडी में जाएंगे। यानी यह दोनों वादे पूरे करके भी सरकार के पास पैसा बचेगा।


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