रायपुर। राजधानी में अब महिलाओं के लिए जनवरी 2021 तक दो पिंक टायलेट का
निर्माण किया जाएगा। इसके लिए नगर निगम ने शहर के शास्त्रीबाजार और पंडरी
कपड़ा मार्केट को चुना है। बताया जाता है कि शहर में आने वाले समय में
बूढ़ा तालाब, तेलीबांधा तालाब, गोल बाजार आदि इलाकों में भी टायलेट बनाए
जाएंगे। नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि इस स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के
तहत शहर को स्वच्छ रखने के लिए कार्य योजना तैयार की गई है। इसके तहत पिंक
टायलेट में बेबी फीडिंग रूम, प्रतीक्षालय, स्वागत कक्ष, चार टायलेट कक्ष
बनेंगे।महिलाओं के लिए यहां पर सेनेटरी पैड मशीन भी लगाई जाएगी। अधिकारियों
ने बताया कि करीब 500 वर्ग फीट में एक-एक टॉयलेट बनाया जाएगा जिसकी लागत
17 लाख रुपए होगी। इसके रख रखाव की जिम्मेदारी निजी एजेंसी को दिए जाएंगे।
शहर
में कई इलाके हैं जहां पर पिंक टायलेट की जरूरत है। इनमें खासकर मालवीय
रोड, फाफाडीह चौक, टिकरापारा, जय स्तंभ चौक, घड़ी चौक आदि इलाकों में
टायलेट बनाने की जरूरत महसूस की जा रही है। गौरतलब है कि एक महीने पहले
छत्तीसगढ़ के नगरीय निकायों में स्वच्छ भारत मिशन के तहत बन रहे निजी
शौचालय के निर्माण और जियो टैगिंग का काम अधूरा रहने पर रायपुर नगर निगम
सहित 20 निकायों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था।
रायपुर। राजधानी में अब महिलाओं के लिए जनवरी 2021 तक दो पिंक टायलेट का
निर्माण किया जाएगा। इसके लिए नगर निगम ने शहर के शास्त्रीबाजार और पंडरी
कपड़ा मार्केट को चुना है। बताया जाता है कि शहर में आने वाले समय में
बूढ़ा तालाब, तेलीबांधा तालाब, गोल बाजार आदि इलाकों में भी टायलेट बनाए
जाएंगे। नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि इस स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के
तहत शहर को स्वच्छ रखने के लिए कार्य योजना तैयार की गई है। इसके तहत पिंक
टायलेट में बेबी फीडिंग रूम, प्रतीक्षालय, स्वागत कक्ष, चार टायलेट कक्ष
बनेंगे।महिलाओं के लिए यहां पर सेनेटरी पैड मशीन भी लगाई जाएगी। अधिकारियों
ने बताया कि करीब 500 वर्ग फीट में एक-एक टॉयलेट बनाया जाएगा जिसकी लागत
17 लाख रुपए होगी। इसके रख रखाव की जिम्मेदारी निजी एजेंसी को दिए जाएंगे।
शहर
में कई इलाके हैं जहां पर पिंक टायलेट की जरूरत है। इनमें खासकर मालवीय
रोड, फाफाडीह चौक, टिकरापारा, जय स्तंभ चौक, घड़ी चौक आदि इलाकों में
टायलेट बनाने की जरूरत महसूस की जा रही है। गौरतलब है कि एक महीने पहले
छत्तीसगढ़ के नगरीय निकायों में स्वच्छ भारत मिशन के तहत बन रहे निजी
शौचालय के निर्माण और जियो टैगिंग का काम अधूरा रहने पर रायपुर नगर निगम
सहित 20 निकायों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था।


Journalist खबरीलाल












