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4 मिनट का लंबा किस देने वालीं भारतीय सिनेमा की पहली महिला बनी थीं देविका रानी, मूवी...:

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एक्ट्रेस बनना उस वक्त वेश्यावृति से भी खराब काम माना जाता था. लेकिन
देविका रानी ने उस वक्त में समाज के विरोध में जाकर फिल्मों में काम किया
और छोटी सोच को खत्म करने की पहलकदमी की


Birth Anniversary: 4 मिनट का लंबा किस देने वालीं भारतीय सिनेमा की पहली महिला बनी थीं देविका रानी, मूवी माफिया एक्ट्रेस को नहीं होने देना चाहते थे सफल

दिग्गज एक्ट्रेस देविका रानी

भारतीय सिनेमा (Hindi Cinema) की पहली एक्ट्रेस देविका रानी (Devika Rani) का आज 114वां जन्मदिवस है. देविका रानी ने अपनी जिंदगी में बहुत स्ट्रगल किया. उन्होंने उस वक्त एक्ट्रेस (Indian Cinema’s First Actress)
बनने का फैसला लिया था जब एक्ट्रेस बनना उस समय एक बुरा काम माना जाता था.
इस काम को वेश्यावृति से भी खराब काम माना जाता था. लेकिन देविका रानी ने
उस वक्त में समाज के विरोध में जाकर फिल्मों में काम किया और छोटी सोच को
खत्म करने की पहलकदमी की. इसी के साथ ही उन्हें हिंदी सिनेमा की पहली
अभिनेत्री होने का दर्जा प्राप्त हुआ. उस वक्त देविका रानी ने 10 साल
इंडस्ट्री में (Devika Rani Bollywood Career) काम किया.
देविका ने अपनी पहली ही फिल्म में 4 मिनट का लंबा किस देकर तहलका मचा दिया
था. देविका ने अपने करियर में इतनी मुश्किलें देखीं और अलग मुकाम हासिल
किया. देविका ही वो पहली एक्ट्रेस हैं जिन्हें पहला ‘दादा साहेब फाल्के’
अवॉर्ड मिला था.




मजबूत बैकग्राउंड से थीं देविका रानी


देविका का जन्म विशाखापट्टनम के पास स्थित वलतायर के एक बड़े जमींदार के
घर हुआ था. देविका के पिता पेशे से डॉक्टर थे और मद्रास प्रेसीडेंसी के
पहले सर्जन थे. तो वहीं देविका की दादी सुकुमारी देवी ठाकुर रविंद्रनाथ
टैगोर की बहन थीं। देविका का बेकग्राउंड काफी अच्छा था. वह पढ़े-लिखे
खानजान से आती थीं. 9 साल की उम्र में देविका इंग्लैंड बोर्डिंग स्कूल
पढ़ने चली गई थीं. इसके बाद रॉयल एकेडमी ऑफ ड्रामेटिक आर्ट, लंदन में
देविका ने अपनी पढ़ाई पूरी की.


ऐसे की बॉलीवुड में शुरुआत


जब देविका की मुलाकात फिल्ममेकर हिमांशु राय से हुई तो उन्हें वह काफी
पसंद आई थीं. उस वक्त हिमांशु भी लंदन में ही थे. वह अपनी फिल्म ‘द थ्रो ऑफ
डाइस’ की शूटिंग में व्यस्त थे. इस दौरान देविका ने उनका प्रोडक्शन हाउस
जॉइन किया. देविका अब प्रोडक्शन में कॉस्ट्यूम डिजाइनिंग और आर्ट डायरेक्शन
का काम करती थीं. अब इस बीच देविका को 16 साल बड़े हिमांशु राय से प्यार
हो गया. ऐसे में दोनों ने शादी करके बर्लिन में अपनी दुनिया बसा ली. इधर,
भारत में अब हिंदी फिल्में बननी शुरू हुईं तो ये कपल भी भारत आ गया. 1933
में हिमांशु ने फिल्म ‘कर्मा’ बनाई. फिल्म में मेन एक्टर देविका और हिमांशु
ही थे. इस फिल्म में देविका का 4 मिनट लंबा किस सीन भी था, जिसने काफी
बवाल खड़ा किया था. हालांकि दूसरी तरफ इस फिल्म को ऑडियंस ने पसंद भी किया
था. क्योंकि उस जमाने में महिलाएं बड़े पर्दे पर काम नहीं किया करती थीं.



देविका रानी ने मूवी माफियाओं को सिखाया था सबक


देविका एक सक्सेसफुल एक्ट्रेस और आगे चलकर प्रोड्यूसर भी बनीं. लेकिन
मूवी माफिया को यह कतई मंजूर नहीं था कि कोई महिला ऐसे इंटस्ट्री पर राज
करे. ऐसे में देविका की बनाई फिल्में फ्लॉप हो रही थीं. कहा जाता है कि
इसके बाद देविका ने मूवी माफिया के खिलाफ आवाज उठाई. माफियाओं को उनकी औकात
दिखाने के बाद देविका रानी ने साल 1945 में फिल्मों से संन्यास ले लिया
था। 7 मार्च 1998 को देविका ने दुनिया से विदा ले ली थी.


एक्ट्रेस बनना उस वक्त वेश्यावृति से भी खराब काम माना जाता था. लेकिन
देविका रानी ने उस वक्त में समाज के विरोध में जाकर फिल्मों में काम किया
और छोटी सोच को खत्म करने की पहलकदमी की


Birth Anniversary: 4 मिनट का लंबा किस देने वालीं भारतीय सिनेमा की पहली महिला बनी थीं देविका रानी, मूवी माफिया एक्ट्रेस को नहीं होने देना चाहते थे सफल

दिग्गज एक्ट्रेस देविका रानी

भारतीय सिनेमा (Hindi Cinema) की पहली एक्ट्रेस देविका रानी (Devika Rani) का आज 114वां जन्मदिवस है. देविका रानी ने अपनी जिंदगी में बहुत स्ट्रगल किया. उन्होंने उस वक्त एक्ट्रेस (Indian Cinema’s First Actress)
बनने का फैसला लिया था जब एक्ट्रेस बनना उस समय एक बुरा काम माना जाता था.
इस काम को वेश्यावृति से भी खराब काम माना जाता था. लेकिन देविका रानी ने
उस वक्त में समाज के विरोध में जाकर फिल्मों में काम किया और छोटी सोच को
खत्म करने की पहलकदमी की. इसी के साथ ही उन्हें हिंदी सिनेमा की पहली
अभिनेत्री होने का दर्जा प्राप्त हुआ. उस वक्त देविका रानी ने 10 साल
इंडस्ट्री में (Devika Rani Bollywood Career) काम किया.
देविका ने अपनी पहली ही फिल्म में 4 मिनट का लंबा किस देकर तहलका मचा दिया
था. देविका ने अपने करियर में इतनी मुश्किलें देखीं और अलग मुकाम हासिल
किया. देविका ही वो पहली एक्ट्रेस हैं जिन्हें पहला ‘दादा साहेब फाल्के’
अवॉर्ड मिला था.




मजबूत बैकग्राउंड से थीं देविका रानी


देविका का जन्म विशाखापट्टनम के पास स्थित वलतायर के एक बड़े जमींदार के
घर हुआ था. देविका के पिता पेशे से डॉक्टर थे और मद्रास प्रेसीडेंसी के
पहले सर्जन थे. तो वहीं देविका की दादी सुकुमारी देवी ठाकुर रविंद्रनाथ
टैगोर की बहन थीं। देविका का बेकग्राउंड काफी अच्छा था. वह पढ़े-लिखे
खानजान से आती थीं. 9 साल की उम्र में देविका इंग्लैंड बोर्डिंग स्कूल
पढ़ने चली गई थीं. इसके बाद रॉयल एकेडमी ऑफ ड्रामेटिक आर्ट, लंदन में
देविका ने अपनी पढ़ाई पूरी की.


ऐसे की बॉलीवुड में शुरुआत


जब देविका की मुलाकात फिल्ममेकर हिमांशु राय से हुई तो उन्हें वह काफी
पसंद आई थीं. उस वक्त हिमांशु भी लंदन में ही थे. वह अपनी फिल्म ‘द थ्रो ऑफ
डाइस’ की शूटिंग में व्यस्त थे. इस दौरान देविका ने उनका प्रोडक्शन हाउस
जॉइन किया. देविका अब प्रोडक्शन में कॉस्ट्यूम डिजाइनिंग और आर्ट डायरेक्शन
का काम करती थीं. अब इस बीच देविका को 16 साल बड़े हिमांशु राय से प्यार
हो गया. ऐसे में दोनों ने शादी करके बर्लिन में अपनी दुनिया बसा ली. इधर,
भारत में अब हिंदी फिल्में बननी शुरू हुईं तो ये कपल भी भारत आ गया. 1933
में हिमांशु ने फिल्म ‘कर्मा’ बनाई. फिल्म में मेन एक्टर देविका और हिमांशु
ही थे. इस फिल्म में देविका का 4 मिनट लंबा किस सीन भी था, जिसने काफी
बवाल खड़ा किया था. हालांकि दूसरी तरफ इस फिल्म को ऑडियंस ने पसंद भी किया
था. क्योंकि उस जमाने में महिलाएं बड़े पर्दे पर काम नहीं किया करती थीं.



देविका रानी ने मूवी माफियाओं को सिखाया था सबक


देविका एक सक्सेसफुल एक्ट्रेस और आगे चलकर प्रोड्यूसर भी बनीं. लेकिन
मूवी माफिया को यह कतई मंजूर नहीं था कि कोई महिला ऐसे इंटस्ट्री पर राज
करे. ऐसे में देविका की बनाई फिल्में फ्लॉप हो रही थीं. कहा जाता है कि
इसके बाद देविका ने मूवी माफिया के खिलाफ आवाज उठाई. माफियाओं को उनकी औकात
दिखाने के बाद देविका रानी ने साल 1945 में फिल्मों से संन्यास ले लिया
था। 7 मार्च 1998 को देविका ने दुनिया से विदा ले ली थी.


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