रायपुर। सिविल लाइन स्थित सेंट पाल्स कैथेड्रल चर्च राजधानी रायपुर का सबसे
पुराना और सबसे बड़ा चर्च है। यहां हर साल क्रिसमस की सुबह 15 हजार से
अधिक लोग विशेष आराधना में एकत्रित होकर छत्तीसगढ़ समेत विश्व में शांति,
सद्भावना की प्रार्थना करते हैं। लेकिन इस साल कोरोना महामारी के चलते
साधारण तरीके से क्रिसमस मनाया जाएगा और दो हजार से भी कम लोगों को आराधना
हाल में प्रवेश दिया जाएगा। इसके अलावा कोरोना महामारी के चलते दूर-दूर
बैठने की अपील की गई है।
हर साल 24 दिसंबर को जलसा का आयोजन होता है।
इस बार कोरोना महामारी के चलते 19 दिसंबर की शाम को जलसा होगा। दो साल पहले
ही 2018 में चर्च का नवीनीकरण किया गया है। नए आराधना हाल में एक साथ
तीन-चार हजार श्रद्धालु बैठकर आराधना कर सकते हैं। क्रिसमस पर चर्च परिसर
के लान में व्यवस्था की जा रही है, ताकि लोग दूरी बनाकर बैठ सकें।
सिविल
लाइन के सेंट पाल्स कैथेड्रल चर्च की स्थापना अंग्रेजी शासनकाल में 1882
में ऑस्कर टी. लोर ने की थी। उस वक्त यह छोटा सा चर्च था, धीरे-धीरे
विस्तार होता गया। 18 अगस्त 1903 को रायपुर के कमिश्नर फिलिप्स ने चर्च का
उद्घाटन किया था। चर्च का नवनिर्माण होते-होते वर्तमान में यह राजधानी का
सबसे बड़ा चर्च बन चुका है। क्रिसमस के दिन विशेष आराधना करने के लिए 15
हजार से अधिक श्रद्धालु जुटते हैं। वर्तमान में चर्च के अधीन 22 गिरिजाघर
का संचालन किया जा रहा है। सेंट पॉल्स चर्च में कई अंग्रेज पादरी सेवा दे
चुके हैं। इनमें फादर गास, फादर कैसवर, फादर एसएल जैकब, रेव्ह. यीशुदान,
रेव्ह. एफएस दास, रेव्ह. राबर्ट अली, रेव्ह. एसके बेरो चर्चित नाम रहे हैं।
अर्बन एरिया में जितने चर्च थे, उनका सेंट्रल रायपुर का सेंट पाल्स चर्च
था।
रायपुर। सिविल लाइन स्थित सेंट पाल्स कैथेड्रल चर्च राजधानी रायपुर का सबसे
पुराना और सबसे बड़ा चर्च है। यहां हर साल क्रिसमस की सुबह 15 हजार से
अधिक लोग विशेष आराधना में एकत्रित होकर छत्तीसगढ़ समेत विश्व में शांति,
सद्भावना की प्रार्थना करते हैं। लेकिन इस साल कोरोना महामारी के चलते
साधारण तरीके से क्रिसमस मनाया जाएगा और दो हजार से भी कम लोगों को आराधना
हाल में प्रवेश दिया जाएगा। इसके अलावा कोरोना महामारी के चलते दूर-दूर
बैठने की अपील की गई है।
हर साल 24 दिसंबर को जलसा का आयोजन होता है।
इस बार कोरोना महामारी के चलते 19 दिसंबर की शाम को जलसा होगा। दो साल पहले
ही 2018 में चर्च का नवीनीकरण किया गया है। नए आराधना हाल में एक साथ
तीन-चार हजार श्रद्धालु बैठकर आराधना कर सकते हैं। क्रिसमस पर चर्च परिसर
के लान में व्यवस्था की जा रही है, ताकि लोग दूरी बनाकर बैठ सकें।
सिविल
लाइन के सेंट पाल्स कैथेड्रल चर्च की स्थापना अंग्रेजी शासनकाल में 1882
में ऑस्कर टी. लोर ने की थी। उस वक्त यह छोटा सा चर्च था, धीरे-धीरे
विस्तार होता गया। 18 अगस्त 1903 को रायपुर के कमिश्नर फिलिप्स ने चर्च का
उद्घाटन किया था। चर्च का नवनिर्माण होते-होते वर्तमान में यह राजधानी का
सबसे बड़ा चर्च बन चुका है। क्रिसमस के दिन विशेष आराधना करने के लिए 15
हजार से अधिक श्रद्धालु जुटते हैं। वर्तमान में चर्च के अधीन 22 गिरिजाघर
का संचालन किया जा रहा है। सेंट पॉल्स चर्च में कई अंग्रेज पादरी सेवा दे
चुके हैं। इनमें फादर गास, फादर कैसवर, फादर एसएल जैकब, रेव्ह. यीशुदान,
रेव्ह. एफएस दास, रेव्ह. राबर्ट अली, रेव्ह. एसके बेरो चर्चित नाम रहे हैं।
अर्बन एरिया में जितने चर्च थे, उनका सेंट्रल रायपुर का सेंट पाल्स चर्च
था।


Journalist खबरीलाल












