00 छत्तीसगढ़ में भी दिखा असर
रायपुर। देश में अनेक बड़ी ई
कॉमर्स कंपनियों जिनमें विशेष रूप से विदेशी अथवा विदेशी निवेश से पोषित ई
कामर्स कंपनियों द्वारा भारत के ई कॉमर्स एवं रिटेल व्यापार में लगातार
एफडीआई पालिसी एवं विभिन्न कानूनों का खुला उल्लंघन करते हुए अपने कुटिल
चंगुल में फंसा कर रखने के खिलाफ कॉन्फेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट)
के झंडे तले देश भर के सभी 514 राज्यों के व्यापारी संगठनों ने रिटेल
लोकतंत्र दिवस के रूप में मना कर बड़ी ई कामर्स कंपनियों की मनमानी के
खिलाफ प्रचंड विरोध प्रदर्शन किया और सभी जिलों के कलेक्टरों को
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम ज्ञापन सौंपा। इसी परिप्रेक्ष्य में
कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के प्रदेश अध्यक्ष अमर परवानी,
कार्यकारी अध्यक्ष मंगेलाल मालू, विक्रम सिंहदेव, महामंत्री जितेंद्र दोषी,
कार्यकारी महामंत्री परमानंद जैन एवं कोषाध्यक्ष अजय अग्रवाल ने भी
राजधानी ने जिला कलेक्टर एस. भारतीदासन को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन
सौंपा।
कैट के आव्हान पर आज छत्तीसगढ़ सहित देश के सभी राज्यों के 514
जिलों में स्थानीय व्यापारी संगठनों ने खुदरा लोकतंत्र मार्च निकाला और इन
सभी जिलों के जिलाधीशों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम एक ज्ञापन भी
दिया और मांग की है कि भारत के ई कॉमर्स व्यापार के सुनियोजित संचालन के
लिए एक ई कॉमर्स पालिसी तुरंत घोषित की जाए जिसमें एक मजबूत एवं अधिकार
संपन्न ई कॉमर्स रेगुलेटरी अथॉरिटी का गठंन भी किया जाए। वहीं दूसरी और कैट
ने यह भी मांग की है कि एफडीआई पालिसी के प्रेस नोट 2 की विसंगतियों और
लचीले प्रावधानों को समाप्त करते हुए सरकार एक नया प्रेस नोट जारी करे।
प्रधानमंत्री के लोकल पर वोकल एवं आत्मनिर्भर भारत को जमीनी स्तर पर अपनाने
एवं उसको किर्यान्वित करने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर, राज्य स्तर पर एवं
देश के सभी राज्यों में जिला स्तर पर एक संयुक्त क्रियान्वयन कमेटी का गठन
किया जाए जिसमें व्यापारियों एवं अधिकारियों को शामिल किया जाए! कैट ने कहा
है की यदि यह कदम जुटाया गया तो निश्चित रूप से लोकल पर वोकल एवं
आत्मनिर्भर भारत जैसे कार्यक्रमों के द्वारा भारत के घरेलू व्यापार को बेहद
मजबूत किया जा सकता है वहीँ भारत के निर्यात व्यापार को भी बड़े तरीके से
बढ़ाया जा सकता है जिससे वैश्विक व्यापार में भारत की हिस्सेदारी तेजी के
साथ बढ़ेगी।
कैट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर पारवानी ने बताया कि आज
रायपुर सहित प्रदेश के 28 जिले एवं देश भर में रिटेल प्रजातंत्र दिवस मनाया
गया। इसी कड़ी में कैट सी.जी. चैप्टर के सभी जिला इकाईयों के द्वारा अपने
जिले के जिलाधीशों को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नाम से ज्ञापन सौंपा
गया। उन्होनें ने रिटेल प्रजातंत्र दिवस के बारे में जानकारी देते हुए कहा
कि वर्तमान में देश का ई कॉमर्स व्यापार एवं रिटेल व्यापार चारों तरफ से
बड़ी विदेशी कंपनियों ने या विदेशी निवेश वाली कंपनियों ने अपने कब्जे में
कर रखा है जिससे देश के छोटे व्यापारियों को व्यापार का नुक्सान हो रहा है।
यह सभी कंपनियां सरकार की एफडीआई पालिसी के प्रावधानों और अनेक कानूनों का
सीधा उल्लंघन कर रही हैं और लगातार इनके खिलाफ शिकायत करने के बाद भी इन
पर अभी तक कोई प्रभावी कार्यवाई नहीं हुई है जिससे इन कंपनियों के हौंसले
और अधिक बुलंद हो गए हैं और ये खुले रूप से कानूनों का उल्लंघन करने में
कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं।
श्री पारवानी ने बताया की देश के
व्यापारियों ने अब चुप न बैठकर इन विदेशी कंपनियों अथवा विदेश निवेश से
पोषित कंपनियों के खिलाफ बड़ा हमला पूरे देश में बोल दिया है और यदि शीघ्र
ही इन कंपनियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई तो मजबूर होकर देश के
व्यापारियों को आंदोलन शुरू करना पड़ेगा।
00 छत्तीसगढ़ में भी दिखा असर
रायपुर। देश में अनेक बड़ी ई
कॉमर्स कंपनियों जिनमें विशेष रूप से विदेशी अथवा विदेशी निवेश से पोषित ई
कामर्स कंपनियों द्वारा भारत के ई कॉमर्स एवं रिटेल व्यापार में लगातार
एफडीआई पालिसी एवं विभिन्न कानूनों का खुला उल्लंघन करते हुए अपने कुटिल
चंगुल में फंसा कर रखने के खिलाफ कॉन्फेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट)
के झंडे तले देश भर के सभी 514 राज्यों के व्यापारी संगठनों ने रिटेल
लोकतंत्र दिवस के रूप में मना कर बड़ी ई कामर्स कंपनियों की मनमानी के
खिलाफ प्रचंड विरोध प्रदर्शन किया और सभी जिलों के कलेक्टरों को
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम ज्ञापन सौंपा। इसी परिप्रेक्ष्य में
कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के प्रदेश अध्यक्ष अमर परवानी,
कार्यकारी अध्यक्ष मंगेलाल मालू, विक्रम सिंहदेव, महामंत्री जितेंद्र दोषी,
कार्यकारी महामंत्री परमानंद जैन एवं कोषाध्यक्ष अजय अग्रवाल ने भी
राजधानी ने जिला कलेक्टर एस. भारतीदासन को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन
सौंपा।
कैट के आव्हान पर आज छत्तीसगढ़ सहित देश के सभी राज्यों के 514
जिलों में स्थानीय व्यापारी संगठनों ने खुदरा लोकतंत्र मार्च निकाला और इन
सभी जिलों के जिलाधीशों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम एक ज्ञापन भी
दिया और मांग की है कि भारत के ई कॉमर्स व्यापार के सुनियोजित संचालन के
लिए एक ई कॉमर्स पालिसी तुरंत घोषित की जाए जिसमें एक मजबूत एवं अधिकार
संपन्न ई कॉमर्स रेगुलेटरी अथॉरिटी का गठंन भी किया जाए। वहीं दूसरी और कैट
ने यह भी मांग की है कि एफडीआई पालिसी के प्रेस नोट 2 की विसंगतियों और
लचीले प्रावधानों को समाप्त करते हुए सरकार एक नया प्रेस नोट जारी करे।
प्रधानमंत्री के लोकल पर वोकल एवं आत्मनिर्भर भारत को जमीनी स्तर पर अपनाने
एवं उसको किर्यान्वित करने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर, राज्य स्तर पर एवं
देश के सभी राज्यों में जिला स्तर पर एक संयुक्त क्रियान्वयन कमेटी का गठन
किया जाए जिसमें व्यापारियों एवं अधिकारियों को शामिल किया जाए! कैट ने कहा
है की यदि यह कदम जुटाया गया तो निश्चित रूप से लोकल पर वोकल एवं
आत्मनिर्भर भारत जैसे कार्यक्रमों के द्वारा भारत के घरेलू व्यापार को बेहद
मजबूत किया जा सकता है वहीँ भारत के निर्यात व्यापार को भी बड़े तरीके से
बढ़ाया जा सकता है जिससे वैश्विक व्यापार में भारत की हिस्सेदारी तेजी के
साथ बढ़ेगी।
कैट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर पारवानी ने बताया कि आज
रायपुर सहित प्रदेश के 28 जिले एवं देश भर में रिटेल प्रजातंत्र दिवस मनाया
गया। इसी कड़ी में कैट सी.जी. चैप्टर के सभी जिला इकाईयों के द्वारा अपने
जिले के जिलाधीशों को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नाम से ज्ञापन सौंपा
गया। उन्होनें ने रिटेल प्रजातंत्र दिवस के बारे में जानकारी देते हुए कहा
कि वर्तमान में देश का ई कॉमर्स व्यापार एवं रिटेल व्यापार चारों तरफ से
बड़ी विदेशी कंपनियों ने या विदेशी निवेश वाली कंपनियों ने अपने कब्जे में
कर रखा है जिससे देश के छोटे व्यापारियों को व्यापार का नुक्सान हो रहा है।
यह सभी कंपनियां सरकार की एफडीआई पालिसी के प्रावधानों और अनेक कानूनों का
सीधा उल्लंघन कर रही हैं और लगातार इनके खिलाफ शिकायत करने के बाद भी इन
पर अभी तक कोई प्रभावी कार्यवाई नहीं हुई है जिससे इन कंपनियों के हौंसले
और अधिक बुलंद हो गए हैं और ये खुले रूप से कानूनों का उल्लंघन करने में
कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं।
श्री पारवानी ने बताया की देश के
व्यापारियों ने अब चुप न बैठकर इन विदेशी कंपनियों अथवा विदेश निवेश से
पोषित कंपनियों के खिलाफ बड़ा हमला पूरे देश में बोल दिया है और यदि शीघ्र
ही इन कंपनियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई तो मजबूर होकर देश के
व्यापारियों को आंदोलन शुरू करना पड़ेगा।


Journalist खबरीलाल












