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दांपत्य जीवन में आ रही कटुता तो तुरंत अपनाएं ये उपाय, भूलकर भी इस दिशा में न हो आपका किचन:

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नई दिल्लीः ज्योतिष उपाय से जीवन में
आने वाली समस्याओं से पार पाया जा सकता है. ज्योतिष शास्त्र में संकटों से
बचाव के लिए उपाय बताए गए हैं. ऐसे ही उपाय बता रहे हैं आचार्य
विक्रमादित्यः


'दांपत्य जीवन में स्थिरता के लिए सामंजस्य जरूरी'


गोरखपुर से मीनाक्षी त्रिवेदी पूछती हैं कि उनके दांपत्य जीवन में
समस्याएं आ गई है. परिवार में बिखराव की स्थिति बनी हुई है. क्या करें. कोई
उपाय बताएं? इस पर आचार्य बताते हैं कि दाम्पत्य जीवन में स्थिरता के लिए
जरूरी है कि दोनों के मत, व्यवहार और विचार में सामंजस्यता हो. लेकिन कई
बार परिस्थितियां प्रतिकूल बन जाती है और संबंधों मे कटुता बढ़ जाती है.


'शिवलिंग के सामने घी का दीपक जलाएं'


बकौल आचार्य, 'मैं आपको एक सरल ज्योतिषीय उपाय बता रहा हूं. किसी भी
शुक्ल पक्ष में सोमवार को सायंकाल एक घी का दीपक शिविलिंग के समक्ष
प्रज्वलित करें और महादेव से अपने दाम्पत्य जीवन में स्थिरता लाने की कामना
करें. यह कार्य आपको लगातार 41 दिन करना है. धीरे-धीरे परिस्थितियां आपके
अनुकूल बनने लगेगी. यह कार्य करके देखिए. देवाधिदेव महादेव आप पर कृपा
करेंगे.


उत्तर पूर्व दिशा में नहीं होना चाहिए किचन


यूपी के रायबरेली से विजय प्रताप लिखते हैं कि उनके नये मकान में किचन
उत्तर पूर्व दिशा में बनी हुई है. वास्तु के अनुसार यह सही है या गलत. अगर
गलत है तो इसक सुधार के लिए क्या उपाय करने चाहिए. आचार्य कहते हैं कि
उत्तर पूर्व दिशा में किचन नहीं होना चाहिए. इसका नकारात्मक प्रभाव घर में
रहने वाले लोगों पर पड़ता है. ईशान कोण में किचन रहने से घर में अशांति छा
जाती है.


वहां रहने वाले लोगों के बीच मतभेद, लड़ाई-झगड़े हमेशा होते रहते हैं.
मतलब वहां रहने वाले लोगों में बुद्धि भ्रष्ट हो जाती है. वह अपने विकास के
लिए, कारोबारी अथवा करियर को लेकर सही नहीं सोच पाते हैं. इस स्थान में
गैस, सिलेंडर, चूल्हा भूलकर भी नहीं रखना चाहिए. नॉर्थ ईस्ट दिशा के
डिस्टर्ब होने से घर में आकस्मिक हादसे भी होने लगते हैं.


यहां पर वास्तु सुधार कोई उपाय काम नहीं करेगा. सबसे सरल उपाय है कि जगह
का किचन का स्थान बदल दीजिए. किचन के लिए दक्षिण पूर्व दिशा उत्तम मानी
जाती है.


नई दिल्लीः ज्योतिष उपाय से जीवन में
आने वाली समस्याओं से पार पाया जा सकता है. ज्योतिष शास्त्र में संकटों से
बचाव के लिए उपाय बताए गए हैं. ऐसे ही उपाय बता रहे हैं आचार्य
विक्रमादित्यः


'दांपत्य जीवन में स्थिरता के लिए सामंजस्य जरूरी'


गोरखपुर से मीनाक्षी त्रिवेदी पूछती हैं कि उनके दांपत्य जीवन में
समस्याएं आ गई है. परिवार में बिखराव की स्थिति बनी हुई है. क्या करें. कोई
उपाय बताएं? इस पर आचार्य बताते हैं कि दाम्पत्य जीवन में स्थिरता के लिए
जरूरी है कि दोनों के मत, व्यवहार और विचार में सामंजस्यता हो. लेकिन कई
बार परिस्थितियां प्रतिकूल बन जाती है और संबंधों मे कटुता बढ़ जाती है.


'शिवलिंग के सामने घी का दीपक जलाएं'


बकौल आचार्य, 'मैं आपको एक सरल ज्योतिषीय उपाय बता रहा हूं. किसी भी
शुक्ल पक्ष में सोमवार को सायंकाल एक घी का दीपक शिविलिंग के समक्ष
प्रज्वलित करें और महादेव से अपने दाम्पत्य जीवन में स्थिरता लाने की कामना
करें. यह कार्य आपको लगातार 41 दिन करना है. धीरे-धीरे परिस्थितियां आपके
अनुकूल बनने लगेगी. यह कार्य करके देखिए. देवाधिदेव महादेव आप पर कृपा
करेंगे.


उत्तर पूर्व दिशा में नहीं होना चाहिए किचन


यूपी के रायबरेली से विजय प्रताप लिखते हैं कि उनके नये मकान में किचन
उत्तर पूर्व दिशा में बनी हुई है. वास्तु के अनुसार यह सही है या गलत. अगर
गलत है तो इसक सुधार के लिए क्या उपाय करने चाहिए. आचार्य कहते हैं कि
उत्तर पूर्व दिशा में किचन नहीं होना चाहिए. इसका नकारात्मक प्रभाव घर में
रहने वाले लोगों पर पड़ता है. ईशान कोण में किचन रहने से घर में अशांति छा
जाती है.


वहां रहने वाले लोगों के बीच मतभेद, लड़ाई-झगड़े हमेशा होते रहते हैं.
मतलब वहां रहने वाले लोगों में बुद्धि भ्रष्ट हो जाती है. वह अपने विकास के
लिए, कारोबारी अथवा करियर को लेकर सही नहीं सोच पाते हैं. इस स्थान में
गैस, सिलेंडर, चूल्हा भूलकर भी नहीं रखना चाहिए. नॉर्थ ईस्ट दिशा के
डिस्टर्ब होने से घर में आकस्मिक हादसे भी होने लगते हैं.


यहां पर वास्तु सुधार कोई उपाय काम नहीं करेगा. सबसे सरल उपाय है कि जगह
का किचन का स्थान बदल दीजिए. किचन के लिए दक्षिण पूर्व दिशा उत्तम मानी
जाती है.


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