इस्लामाबाद, पाकिस्तान की ओर से अफगानिस्तान में की गई
एयरस्ट्राइक में बच्चों सहित 40 से अधिक अफगान नागरिक मारे गए। अफगान शांति
प्रहरी के संस्थापक हबीब खान के अनुसार, शुक्रवार रात को खोस्त और कुनार
प्रांतों के विभिन्न हिस्सों में पाकिस्तानी विमानों ने हमले किए। ट्विटर
पर इस घटना की निंदा करते हुए खान ने कहा, "पहली बार पाकिस्तानी सैन्य
विमानों ने तालिबान के तहत अफगान धरती पर बमबारी की, जिसमें 40 से अधिक
नागरिक मारे गए। हालांकि, पाकिस्तान अपने प्रॉक्सी बलों, तालिबान और
मुजाहिदीन के माध्यम से अफगानों को दशकों से मारता रहा है।"
खान ने घटना
में मारे गए लोगों की लाशों की एक तस्वीर भी साझा की है। साथ ही उन्होंने
अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक अदालत व एमनेस्टी इंटरनेशनल से अफगानिस्तान में
पाकिस्तानी युद्ध अपराधों पर ध्यान देने की अपील भी की है। खोस्त और कुनार
प्रांतों के स्थानीय अधिकारियों ने शनिवार को पुष्टि की कि पाकिस्तानी
विमानों ने प्रांतों के विभिन्न हिस्सों पर हवाई हमले किए। घटना के बाद
तालिबान ने पाकिस्तान के राजदूत मंसूर अहमद खान को तलब भी किया।
काबुल में पाकिस्तानी राजदूत को किया गया तलब
देश
के विदेश मंत्रालय के अनुसार, अफगान विदेश मामलों के कार्यवाहक मंत्री
अमीर खान मुत्ताकी और कार्यवाहक उप रक्षा मंत्री अल्हाज मुल्ला शिरीन अखुंद
बैठक में मौजूद थे। उन्होंने पाकिस्तानी बलों की ओर से किए गए हमलों की
निंदा की। इसने ट्वीट किया, "काबुल में पाकिस्तानी राजदूत को विदेश
मंत्रालय में तलब किया गया। आईईए के विदेश मंत्री मावलवी अमीर खान मुत्ताकी
के साथ, सत्र में उप रक्षा मंत्री अल्हज मुल्ला शिरीन अखुंड भी शामिल थे,
जहां अफगान पक्ष ने इसकी निंदा की।"
अफगानिस्तान की राष्ट्रीय संप्रभुता का साफ उल्लंघन
विश्लेषकों
के अनुसार, ये हमले पाकिस्तान के सीधे हस्तक्षेप और अफगान राष्ट्रीय
संप्रभुता के उल्लंघन का संकेत देते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, राजनीतिक
विश्लेषक सादिक शिनवारी ने कहा, "खोस्त और कुनार में (डूरंड रेखा) के साथ
पाकिस्तानी बलों की ओर से किए गए हवाई हमले और ग्राउंड ऑपरेशन्स अफगान हवाई
क्षेत्र में एक स्पष्ट उल्लंघन और हस्तक्षेप है।"
इस्लामाबाद, पाकिस्तान की ओर से अफगानिस्तान में की गई
एयरस्ट्राइक में बच्चों सहित 40 से अधिक अफगान नागरिक मारे गए। अफगान शांति
प्रहरी के संस्थापक हबीब खान के अनुसार, शुक्रवार रात को खोस्त और कुनार
प्रांतों के विभिन्न हिस्सों में पाकिस्तानी विमानों ने हमले किए। ट्विटर
पर इस घटना की निंदा करते हुए खान ने कहा, "पहली बार पाकिस्तानी सैन्य
विमानों ने तालिबान के तहत अफगान धरती पर बमबारी की, जिसमें 40 से अधिक
नागरिक मारे गए। हालांकि, पाकिस्तान अपने प्रॉक्सी बलों, तालिबान और
मुजाहिदीन के माध्यम से अफगानों को दशकों से मारता रहा है।"
खान ने घटना
में मारे गए लोगों की लाशों की एक तस्वीर भी साझा की है। साथ ही उन्होंने
अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक अदालत व एमनेस्टी इंटरनेशनल से अफगानिस्तान में
पाकिस्तानी युद्ध अपराधों पर ध्यान देने की अपील भी की है। खोस्त और कुनार
प्रांतों के स्थानीय अधिकारियों ने शनिवार को पुष्टि की कि पाकिस्तानी
विमानों ने प्रांतों के विभिन्न हिस्सों पर हवाई हमले किए। घटना के बाद
तालिबान ने पाकिस्तान के राजदूत मंसूर अहमद खान को तलब भी किया।
काबुल में पाकिस्तानी राजदूत को किया गया तलब
देश
के विदेश मंत्रालय के अनुसार, अफगान विदेश मामलों के कार्यवाहक मंत्री
अमीर खान मुत्ताकी और कार्यवाहक उप रक्षा मंत्री अल्हाज मुल्ला शिरीन अखुंद
बैठक में मौजूद थे। उन्होंने पाकिस्तानी बलों की ओर से किए गए हमलों की
निंदा की। इसने ट्वीट किया, "काबुल में पाकिस्तानी राजदूत को विदेश
मंत्रालय में तलब किया गया। आईईए के विदेश मंत्री मावलवी अमीर खान मुत्ताकी
के साथ, सत्र में उप रक्षा मंत्री अल्हज मुल्ला शिरीन अखुंड भी शामिल थे,
जहां अफगान पक्ष ने इसकी निंदा की।"
अफगानिस्तान की राष्ट्रीय संप्रभुता का साफ उल्लंघन
विश्लेषकों
के अनुसार, ये हमले पाकिस्तान के सीधे हस्तक्षेप और अफगान राष्ट्रीय
संप्रभुता के उल्लंघन का संकेत देते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, राजनीतिक
विश्लेषक सादिक शिनवारी ने कहा, "खोस्त और कुनार में (डूरंड रेखा) के साथ
पाकिस्तानी बलों की ओर से किए गए हवाई हमले और ग्राउंड ऑपरेशन्स अफगान हवाई
क्षेत्र में एक स्पष्ट उल्लंघन और हस्तक्षेप है।"



Journalist खबरीलाल














