छत्तीसगढ़ के रायपुर में सूदखोरी के जाल में फंसकर एक
दंपति ने जान दे दी। परिवार ने 80 हजार रुपए का कर्ज लिया था। एक साल में
चार गुना रुपए लौटा भी दिए, फिर भी सूदखोर अपने रुपए मांग रहे थे। इस मामले
में करीब डेढ़ साल बाद 4 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। उरला थाना
पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लिया है।
जानकारी
के मुताबिक, बिरगांव निवासी मोहन साहू ने हरेंद्र साहू, मोनू देवांगन,
रामेश्वर ठाकुर और गीता ठाकुर से 80 हजार रुपए कर्ज लिया था। एक साल में
कर्ज के बदले तीन लाख रुपए लौटा दिए। मोहन ने उस कर्ज को चुकाने के लिए भी
कर्ज ले लिया था। आरोप है कि इसके बाद भी सूदखोर परेशान कर रहे थे। मोहन के
घर की आर्थिक स्थिति भी ठीक नहीं है।
पत्नी और बेटे के साथ फंदे से लटका
मार्च
2016 में मोहन, अपनी पत्नी राधा और 22 साल के बेटे के साथ फंदे से लटक
गया। इस दौरान दंपति की मौत हो गई थी। मोहन के बेटे ने पुलिस को बताया कि
आरोपी पैसों के लिए घर आकर धमकी देते थे। जबकि हर महीने सभी का पैसा दिया
जा रहा है। कारोबार भी नहीं चल रहा था। सूदखोरों से परेशान होकर उनके
माता-पिता ने खुदकुशी कर ली थी।
छत्तीसगढ़ के रायपुर में सूदखोरी के जाल में फंसकर एक
दंपति ने जान दे दी। परिवार ने 80 हजार रुपए का कर्ज लिया था। एक साल में
चार गुना रुपए लौटा भी दिए, फिर भी सूदखोर अपने रुपए मांग रहे थे। इस मामले
में करीब डेढ़ साल बाद 4 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। उरला थाना
पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लिया है।
जानकारी
के मुताबिक, बिरगांव निवासी मोहन साहू ने हरेंद्र साहू, मोनू देवांगन,
रामेश्वर ठाकुर और गीता ठाकुर से 80 हजार रुपए कर्ज लिया था। एक साल में
कर्ज के बदले तीन लाख रुपए लौटा दिए। मोहन ने उस कर्ज को चुकाने के लिए भी
कर्ज ले लिया था। आरोप है कि इसके बाद भी सूदखोर परेशान कर रहे थे। मोहन के
घर की आर्थिक स्थिति भी ठीक नहीं है।
पत्नी और बेटे के साथ फंदे से लटका
मार्च
2016 में मोहन, अपनी पत्नी राधा और 22 साल के बेटे के साथ फंदे से लटक
गया। इस दौरान दंपति की मौत हो गई थी। मोहन के बेटे ने पुलिस को बताया कि
आरोपी पैसों के लिए घर आकर धमकी देते थे। जबकि हर महीने सभी का पैसा दिया
जा रहा है। कारोबार भी नहीं चल रहा था। सूदखोरों से परेशान होकर उनके
माता-पिता ने खुदकुशी कर ली थी।



Journalist खबरीलाल














