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विविध post authorJournalist खबरीलाल LAST UPDATED ON:Monday ,April 25,2022

पाचन अच्छा रखना है तो आज से अपना लें ये 5 आदतें:

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  हम में से ज्यादातर लोग आए दिन पेट या पाचन संबंधी समस्याओं (Digestive Problems) का सामना करते हैं। खराब खानपान और जीवनशैली की बुरी आदतों खराब पेट,पेट में गैस, ब्लोटिंग, हार्टबर्न, मतली, कब्ज और दस्त जैसी समस्याओं का कारण बनती हैं। अगर कोई व्यक्ति लंबे समय पेट या खराब पाचन से संबंधित समस्याओं का लंबे समय तक अनुभव करता है तो इससे शरीर में गंभीर रोग पैदा होते हैं। हमारे संपूर्ण स्वास्थ्य की भलाई के लिए पेट को स्वस्थ रखना बहुत जरूरी है। अगर आपका पेट स्वस्थ है तो यह आपको शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहने में मदद करता है। जब पाचन स्वास्थ्य (Digestive Health) की बात आती है, तो आप क्या खाते हैं क्या नहीं इसकी एक अहम भूमिका होती है। साथ ही आपके पाचन को बेहतर बनाने में कई जीवन शैली आदतें (Habits That Can Improve Digestion In Hindi) महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. कुशा (B.H.M.S (Mum), P.G (HOM) London) की मानें तो पाचन को बेहतर बनाने के लिए सबसे आसान काम जो आप कर सकते हैं वह है जीवनशैली की कुछ सामान्य आदतों में बदलाव। इस लेख में हम जानेंगे पाचन को बेहतर बनाने के लिए 6 आदतें (Habits That Can Improve Digestion In Hindi), जिन्हें आपको रोज फॉलो करना चाहिए।

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पाचन क्रिया सुधारने के लिए 5 आदतें (Habits That Can Improve Digestion In Hindi)
1. फाइबर युक्त आहार लें

पाचन को बेहतर बनाने के लिए आपके आहार में फाइबर युक्त फूड्स का होना बहुत जरूरी है। ओट चोकर, फलियां, नट्स और बीज में घुलनशील फाइबर पाया जाता है, जबकि सब्जियां, साबुत अनाज और गेहूं की भूसी अघुलनशील फाइबर के अच्छे स्रोत हैं। अगर कोई व्यक्ति फाइबर में हाई डाइट लेता है तो उन्हें पेट में अल्सर, रिफ्लक्स, बवासीर और इर्रिटेबल बाउल सिंड्रोम (आईबीएस) का जोखिम कम होता है और उनका पाचन बेहतर तरीके के काम करता है।

इसके अलावा प्रीबायोटिक्स भी एक प्रकार के फाइबर हैं जो आपकी आंतों में स्वस्थ बैक्टीरिया को खिलाते हैं।  प्रोबायोटिक्स को आंतों में सूजन की स्थिति के जोखिम को कम करने में मदद मिलती है। प्रीबायोटिक्स कई फलों, सब्जियों और अनाजों में पाए जाते हैं।

2. अपनी डाइट में हेल्दी फैट्स को शामिल करें

आहार में हेल्दी फैट्स को जरूर शामिल करना चाहिए, यह सिर्फ आपके पाचन के लिए ही फायदेमंद नहीं होते हैं बल्कि कई अन्य स्वास्थ्य लाभ भी प्रदान करते हैं। ओमेगा -3 फैटी एसिड रिच फूड्स का सेवन करें जैसे अलसी, चिया बीज, नट्स- खासकर अखरोट। इसके अलावा घी भी हेल्दी फैट्स का एक बेहतरीन स्रोत है। ओमेगा -3 फैटी एसिड आंतों में सूजन को कम करने में मदद करता है।

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3. आदतें और जीवनशैली में बदलाव

देर रात भोजन करने से बचें, कोशिश करें की रात 8 बजे पहले डिनर कर लें। दिनभर कोई न कोई शारीरिक गतिविधि करते हैं और एक्टिव रहें। अपनी ब्रेकफास्ट या दिन के अन्य जरूरी भोजन को स्किप न करें। भोजन के तुरंत बाद न लेटें, यह सामान्य रूप से आपके पाचन स्वास्थ्य को बेहतर बनाने और एसिड रिफ्लक्स को कम करने का एक प्रभावी तरीका है।
4. डाइट में बदलाव करें

अगर आप कभी-कभार, बार-बार या पुराने पाचन संबंधी लक्षणों का अनुभव करते हैं, तो सिंपल डाइट और जीवनशैली में बदलाव आपके पाचन को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं। फाइबर, स्वस्थ वसा और पोषक तत्वों से भरपूर संपूर्ण आहार का सेवन अच्छे पाचन की ओर पहला कदम है।


5.  माइंडफुल ईटिंग और एक्सरसाइज

भोजन करते समय टीवी न देखें और न ही मोबाईल या लैपटॉप चलाएं। खाना अच्छी तरह चबा-चबा कर और मन लगाकर खांए। तनाव को प्रबंधित करें और रोजाना एक्सरसाइज जरूर करें।



  हम में से ज्यादातर लोग आए दिन पेट या पाचन संबंधी समस्याओं (Digestive Problems) का सामना करते हैं। खराब खानपान और जीवनशैली की बुरी आदतों खराब पेट,पेट में गैस, ब्लोटिंग, हार्टबर्न, मतली, कब्ज और दस्त जैसी समस्याओं का कारण बनती हैं। अगर कोई व्यक्ति लंबे समय पेट या खराब पाचन से संबंधित समस्याओं का लंबे समय तक अनुभव करता है तो इससे शरीर में गंभीर रोग पैदा होते हैं। हमारे संपूर्ण स्वास्थ्य की भलाई के लिए पेट को स्वस्थ रखना बहुत जरूरी है। अगर आपका पेट स्वस्थ है तो यह आपको शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहने में मदद करता है। जब पाचन स्वास्थ्य (Digestive Health) की बात आती है, तो आप क्या खाते हैं क्या नहीं इसकी एक अहम भूमिका होती है। साथ ही आपके पाचन को बेहतर बनाने में कई जीवन शैली आदतें (Habits That Can Improve Digestion In Hindi) महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. कुशा (B.H.M.S (Mum), P.G (HOM) London) की मानें तो पाचन को बेहतर बनाने के लिए सबसे आसान काम जो आप कर सकते हैं वह है जीवनशैली की कुछ सामान्य आदतों में बदलाव। इस लेख में हम जानेंगे पाचन को बेहतर बनाने के लिए 6 आदतें (Habits That Can Improve Digestion In Hindi), जिन्हें आपको रोज फॉलो करना चाहिए।

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पाचन क्रिया सुधारने के लिए 5 आदतें (Habits That Can Improve Digestion In Hindi)
1. फाइबर युक्त आहार लें

पाचन को बेहतर बनाने के लिए आपके आहार में फाइबर युक्त फूड्स का होना बहुत जरूरी है। ओट चोकर, फलियां, नट्स और बीज में घुलनशील फाइबर पाया जाता है, जबकि सब्जियां, साबुत अनाज और गेहूं की भूसी अघुलनशील फाइबर के अच्छे स्रोत हैं। अगर कोई व्यक्ति फाइबर में हाई डाइट लेता है तो उन्हें पेट में अल्सर, रिफ्लक्स, बवासीर और इर्रिटेबल बाउल सिंड्रोम (आईबीएस) का जोखिम कम होता है और उनका पाचन बेहतर तरीके के काम करता है।

इसके अलावा प्रीबायोटिक्स भी एक प्रकार के फाइबर हैं जो आपकी आंतों में स्वस्थ बैक्टीरिया को खिलाते हैं।  प्रोबायोटिक्स को आंतों में सूजन की स्थिति के जोखिम को कम करने में मदद मिलती है। प्रीबायोटिक्स कई फलों, सब्जियों और अनाजों में पाए जाते हैं।

2. अपनी डाइट में हेल्दी फैट्स को शामिल करें

आहार में हेल्दी फैट्स को जरूर शामिल करना चाहिए, यह सिर्फ आपके पाचन के लिए ही फायदेमंद नहीं होते हैं बल्कि कई अन्य स्वास्थ्य लाभ भी प्रदान करते हैं। ओमेगा -3 फैटी एसिड रिच फूड्स का सेवन करें जैसे अलसी, चिया बीज, नट्स- खासकर अखरोट। इसके अलावा घी भी हेल्दी फैट्स का एक बेहतरीन स्रोत है। ओमेगा -3 फैटी एसिड आंतों में सूजन को कम करने में मदद करता है।

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3. आदतें और जीवनशैली में बदलाव

देर रात भोजन करने से बचें, कोशिश करें की रात 8 बजे पहले डिनर कर लें। दिनभर कोई न कोई शारीरिक गतिविधि करते हैं और एक्टिव रहें। अपनी ब्रेकफास्ट या दिन के अन्य जरूरी भोजन को स्किप न करें। भोजन के तुरंत बाद न लेटें, यह सामान्य रूप से आपके पाचन स्वास्थ्य को बेहतर बनाने और एसिड रिफ्लक्स को कम करने का एक प्रभावी तरीका है।
4. डाइट में बदलाव करें

अगर आप कभी-कभार, बार-बार या पुराने पाचन संबंधी लक्षणों का अनुभव करते हैं, तो सिंपल डाइट और जीवनशैली में बदलाव आपके पाचन को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं। फाइबर, स्वस्थ वसा और पोषक तत्वों से भरपूर संपूर्ण आहार का सेवन अच्छे पाचन की ओर पहला कदम है।


5.  माइंडफुल ईटिंग और एक्सरसाइज

भोजन करते समय टीवी न देखें और न ही मोबाईल या लैपटॉप चलाएं। खाना अच्छी तरह चबा-चबा कर और मन लगाकर खांए। तनाव को प्रबंधित करें और रोजाना एक्सरसाइज जरूर करें।



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