अपनी जीवनी सुचारू ढंग से चलाने के लिए हर व्यक्ति अपने स्तर पर कड़ी
मेहनत करता है. इस दौरान उसे कई तरह के शारीरिक और मानसिक तनाव (Physical
and Mental stress) से होकर गुजरना पड़ता है. हर दिन अपने आप को इन सभी
परेशानियों से दूर रखने और शरीर में ऊर्जा का स्तर ऊंचा बनाए रखने के लिए
नियमित रूप से योगाभ्यास करना अत्यंत जरूरी है.
थोड़ा समय निकाल कर योगाभ्यास करें और अपने आप को कई तरह की मानसिक और
शारीरिक परेशानियों से दूर रखें. आज न्यूज़18 के फेसबुक लाइव योगा सेशन में
योग प्रशिक्षिका सविता यादव (Savita Yadav) ने सूक्ष्म योगासनों समेत कई
आसनों को करना सिखाया और उनके बारे में महत्वपूर्ण जानकारी भी दी.
तीन नियम हमेशा ध्यान रखें
1. अपनी श्वास प्रश्वास पर ध्यान रखें
2. अभ्यास को लयबद्ध रखें
3. अपनी क्षमता अनुसार ही योगाभ्यास करें
ध्यान लगाएं
किसी भी योगासन की शुरुआत ध्यान के साथ करनी चाहिए. इससे मन एकाग्र होता है
और योगसन के अच्छे परिणाम देखने को मिलते हैं. अपनी आती और जाती हुई
सांसों पर ध्यान केंद्रित करें. इसके बाद ओम का उच्चारण करें. इसके बाद आप
छोटी सी प्राथर्ना का पाठ भी कर सकते हैं.
सूक्ष्मभ्यास
दोनों पैरों को आगे की तरफ फैला कर बैठ जाएं. अपनी कमर और गर्दन को एक सीध
में रखें. अपने दोनों पंजों को आगे की तरफ और अपनी तरफ मूव करें. इसे कम से
कम 10 बार करें. अब दोनों पंजों को क्लॉक वाइज़ 10 बार और एंटी-क्लॉक
वाइज़ 10 बार घुमाएं.
तितली या बटरफ्लाई आसन
महिलाओं के लिए ये आसन विशेष रूप से लाभकारी है. तितली आसन करने के लिए
पैरों को सामने की ओर फैलाते हुए बैठ जाएं, रीढ़ की हड्डी सीधी रखें. घुटनो
को मोड़ें और दोनों पैरों को श्रोणि की ओर लाएं. दोनों हाथों से अपने दोनों
पांव को कस कर पकड़ लें. सहारे के लिए अपने हाथों को पांव के नीचे रख सकते
हैं. एड़ी को जननांगों के जितना करीब हो सके लाने का प्रयास करें. लंबी,
गहरी सांस लें, सांस छोड़ते हुए घटनों एवं जांघो से जमीन की तरफ दबाव डालें.
तितली के पंखों की तरह दोनों पैरों को ऊपर नीचे हिलाना शुरू करें.
धीरे-धीरे फिर थोड़ा तेज करें. सांसें लें और सांसे छोड़ें. शुरुआत में इसे
जितना हो सके उतना ही करें. धीरे-धीरे अभ्यास बढ़ाएं.
गतिशील गोमुखासन
इस आसन को करने के लिए सुखासन या क्रॉस पैर वाली मुद्रा में बैठ जाएं. इसके
बाद अपने बांए पैर को अपने शरीर की ओर ले आएं. उसके बाद अपने दाएं पैर को
बांए पैर की जांघों के ऊपर रखें और उसे भी अपने शरीर के पास ले आएं. अब
अपने दाएं हाथ को कंधे के ऊपर रखें और कोहनी के यहां से मोड़ के अपनी पीठ के
पीछे जितना अधिक हो सकता है, ले जाएं. इसके बाद अपने बाएं हाथ को भी कोहनी
की तरफ से मोड़े और पेट के साइड से पीछे की ओर पीठ पर ले कर जाएं. अब दोनों
हाथों को आपस में मिलाने की कोशिश करें. पीठ के पीछे हाथों को एक दूसरे से
पकड़ लें. कुछ देर तक ऐसे ही रहें और सांस लें.
सर्वांग पुष्टि आसन
सर्वांग पुष्टि आसन के लिए मैट पर दोनों पैर फैलाकर सीधे खड़े हो जाएं.
मुट्ठी इस तरह बंद करें कि अंगूठा दिखाई ना दे. अब दोनों हाथों को नीचे
झुकाकर बाएं टखने के पास बायां हाथ नीचे और दायां हाथ कलाई के ऊपर रखें.
सांस भरते हुए धीरे-धीरे दोनों हाथों से ऊपर की ओर बाएं कन्धे के बाजू से
सिर तक ले जाएं और दाएं टखने की तरफ सांस छोड़ें. दाहिना हाथ नीचे और बायां
हाथ ऊपर रखें. दोबारा सांस लेकर दोनों हाथों के नीचे से ऊपर दाएं कं तक
लाते हुए सिर के ऊपर तक ले जाएं. अब बाईं ओर मुड़ते हुए दोनों हाथों को
बाएं कन्धे से नीचे की ओर बाएं टखने तक लाएं. सांस छोड़ें, हाथ को
बदल-बदलकर बायां नीचे और दाहिना ऊपर रखें. इसे दो बार दोहराएं. हर अंग की
चर्बी घटाने के लिए करें ‘सर्वांग पुष्टि आसन’ , यह बेहतरीन है. लेकिन जो
लोग लोअर बैक पेन की समस्या से परेशान हैं वे इस आसन को ना करें.
अपनी जीवनी सुचारू ढंग से चलाने के लिए हर व्यक्ति अपने स्तर पर कड़ी
मेहनत करता है. इस दौरान उसे कई तरह के शारीरिक और मानसिक तनाव (Physical
and Mental stress) से होकर गुजरना पड़ता है. हर दिन अपने आप को इन सभी
परेशानियों से दूर रखने और शरीर में ऊर्जा का स्तर ऊंचा बनाए रखने के लिए
नियमित रूप से योगाभ्यास करना अत्यंत जरूरी है.
थोड़ा समय निकाल कर योगाभ्यास करें और अपने आप को कई तरह की मानसिक और
शारीरिक परेशानियों से दूर रखें. आज न्यूज़18 के फेसबुक लाइव योगा सेशन में
योग प्रशिक्षिका सविता यादव (Savita Yadav) ने सूक्ष्म योगासनों समेत कई
आसनों को करना सिखाया और उनके बारे में महत्वपूर्ण जानकारी भी दी.
तीन नियम हमेशा ध्यान रखें
1. अपनी श्वास प्रश्वास पर ध्यान रखें
2. अभ्यास को लयबद्ध रखें
3. अपनी क्षमता अनुसार ही योगाभ्यास करें
ध्यान लगाएं
किसी भी योगासन की शुरुआत ध्यान के साथ करनी चाहिए. इससे मन एकाग्र होता है
और योगसन के अच्छे परिणाम देखने को मिलते हैं. अपनी आती और जाती हुई
सांसों पर ध्यान केंद्रित करें. इसके बाद ओम का उच्चारण करें. इसके बाद आप
छोटी सी प्राथर्ना का पाठ भी कर सकते हैं.
सूक्ष्मभ्यास
दोनों पैरों को आगे की तरफ फैला कर बैठ जाएं. अपनी कमर और गर्दन को एक सीध
में रखें. अपने दोनों पंजों को आगे की तरफ और अपनी तरफ मूव करें. इसे कम से
कम 10 बार करें. अब दोनों पंजों को क्लॉक वाइज़ 10 बार और एंटी-क्लॉक
वाइज़ 10 बार घुमाएं.
तितली या बटरफ्लाई आसन
महिलाओं के लिए ये आसन विशेष रूप से लाभकारी है. तितली आसन करने के लिए
पैरों को सामने की ओर फैलाते हुए बैठ जाएं, रीढ़ की हड्डी सीधी रखें. घुटनो
को मोड़ें और दोनों पैरों को श्रोणि की ओर लाएं. दोनों हाथों से अपने दोनों
पांव को कस कर पकड़ लें. सहारे के लिए अपने हाथों को पांव के नीचे रख सकते
हैं. एड़ी को जननांगों के जितना करीब हो सके लाने का प्रयास करें. लंबी,
गहरी सांस लें, सांस छोड़ते हुए घटनों एवं जांघो से जमीन की तरफ दबाव डालें.
तितली के पंखों की तरह दोनों पैरों को ऊपर नीचे हिलाना शुरू करें.
धीरे-धीरे फिर थोड़ा तेज करें. सांसें लें और सांसे छोड़ें. शुरुआत में इसे
जितना हो सके उतना ही करें. धीरे-धीरे अभ्यास बढ़ाएं.
गतिशील गोमुखासन
इस आसन को करने के लिए सुखासन या क्रॉस पैर वाली मुद्रा में बैठ जाएं. इसके
बाद अपने बांए पैर को अपने शरीर की ओर ले आएं. उसके बाद अपने दाएं पैर को
बांए पैर की जांघों के ऊपर रखें और उसे भी अपने शरीर के पास ले आएं. अब
अपने दाएं हाथ को कंधे के ऊपर रखें और कोहनी के यहां से मोड़ के अपनी पीठ के
पीछे जितना अधिक हो सकता है, ले जाएं. इसके बाद अपने बाएं हाथ को भी कोहनी
की तरफ से मोड़े और पेट के साइड से पीछे की ओर पीठ पर ले कर जाएं. अब दोनों
हाथों को आपस में मिलाने की कोशिश करें. पीठ के पीछे हाथों को एक दूसरे से
पकड़ लें. कुछ देर तक ऐसे ही रहें और सांस लें.
सर्वांग पुष्टि आसन
सर्वांग पुष्टि आसन के लिए मैट पर दोनों पैर फैलाकर सीधे खड़े हो जाएं.
मुट्ठी इस तरह बंद करें कि अंगूठा दिखाई ना दे. अब दोनों हाथों को नीचे
झुकाकर बाएं टखने के पास बायां हाथ नीचे और दायां हाथ कलाई के ऊपर रखें.
सांस भरते हुए धीरे-धीरे दोनों हाथों से ऊपर की ओर बाएं कन्धे के बाजू से
सिर तक ले जाएं और दाएं टखने की तरफ सांस छोड़ें. दाहिना हाथ नीचे और बायां
हाथ ऊपर रखें. दोबारा सांस लेकर दोनों हाथों के नीचे से ऊपर दाएं कं तक
लाते हुए सिर के ऊपर तक ले जाएं. अब बाईं ओर मुड़ते हुए दोनों हाथों को
बाएं कन्धे से नीचे की ओर बाएं टखने तक लाएं. सांस छोड़ें, हाथ को
बदल-बदलकर बायां नीचे और दाहिना ऊपर रखें. इसे दो बार दोहराएं. हर अंग की
चर्बी घटाने के लिए करें ‘सर्वांग पुष्टि आसन’ , यह बेहतरीन है. लेकिन जो
लोग लोअर बैक पेन की समस्या से परेशान हैं वे इस आसन को ना करें.



Journalist खबरीलाल














