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राज्यपाल कोरोना से सुरक्षित रहें इसलिए बैठक में नहीं गए - गृहमंत्री :

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00 चुप्पी तोड़ते हुए बताए नहीं जाने की वजह
रायपुर। राजभवन में आयोजित
नक्सली समस्याओं पर आयोजित बैठक में क्वॉरंटीन का हवाला देकर शामिल नहीं
होन और मुख्यमंत्री के साथ आयोजित बैठक में शामिल होने की चर्चा पूरे राज्य
में फैल गई। इस मामले में भाजपा ने आदेश की आवहेलना कर दिया था और कल कृषि
मंत्री श्री रविन्द्र चौबे एवं वन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर ने राज्यपाल
से सौजन्य मुलाकात की इस मामले का पटाक्षेप किया था। आज खुद गृहमंत्री
ताम्रध्वज साहू ने चुप्पी तोड़ते हुए बैठक में शामिल नहीं होने की वजह
बताते हुए कहा कि वे क्वॉरंटीन थे और राज्यपाल कोरोना से सुरक्षित रहे
इसलिए वे बैठक में नहीं गए, इसकी सूचना राजभवन को दे दी गई थी। उन्होंने यह
भी कहा कि मुख्यमंत्री भी क्वॉरंटीन थे इसलिए उनके बुलावे पर वहां की बैठक
में शामिल हुए।

                                                           
गृहमंत्री ने चुप्पी तोड़ते हुए पत्रकारों से चर्चा के
दौरान कहा कि राज्यपाल, राज्य की संवैधानिक प्रमुख हैं और उनके अपमान या
आदेश की अवहेलना करने का सवाल पैदा नहीं होता। गृहमंत्री ने बताया कि
राजभवन से पत्र मिला था जिसमें गृहमंत्री, एसीएस और डीजीपी के साथ राज्यपाल
ने नक्सल मामलों को लेकर बैठक करने की इच्छा जताई थी। एसीएस (गृह) को
राजभवन से संपर्क कर बैठक तय करने के लिए निर्देश दिए थे। राज्यपाल 13
तारीख को व्यस्त थीं इसलिए 14 तारीख को राजभवन में बैठक तय की गई। राज्यपाल
के आदेश के अहवेलना करना होता, तो हम मीटिंग खुद ही क्यों रखवाते।


गृहमंत्री
ने बताया कि कांग्रेस प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया रायपुर आए थे और 10
तारीख को उनके कोरोना होने की पुष्टि हुई।  वे प्रदेश प्रभारी के संपर्क
में थे तो लोगों की सलाह पर उन्हें क्वॉरंटीन होना पड़ा इसकी सूचना राजभवन
को दे दी गई थी। उस दिन मुख्यमंत्री निवास में अचानक बैठक रखी गई और
मुख्यमंत्री ने कहा कि वे खुद भी क्वॉरंटीन हैं इसलिए उनके कहने पर बैठक
में चले गए इसमें कोई गलत बात नहीं है।



00 चुप्पी तोड़ते हुए बताए नहीं जाने की वजह
रायपुर। राजभवन में आयोजित
नक्सली समस्याओं पर आयोजित बैठक में क्वॉरंटीन का हवाला देकर शामिल नहीं
होन और मुख्यमंत्री के साथ आयोजित बैठक में शामिल होने की चर्चा पूरे राज्य
में फैल गई। इस मामले में भाजपा ने आदेश की आवहेलना कर दिया था और कल कृषि
मंत्री श्री रविन्द्र चौबे एवं वन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर ने राज्यपाल
से सौजन्य मुलाकात की इस मामले का पटाक्षेप किया था। आज खुद गृहमंत्री
ताम्रध्वज साहू ने चुप्पी तोड़ते हुए बैठक में शामिल नहीं होने की वजह
बताते हुए कहा कि वे क्वॉरंटीन थे और राज्यपाल कोरोना से सुरक्षित रहे
इसलिए वे बैठक में नहीं गए, इसकी सूचना राजभवन को दे दी गई थी। उन्होंने यह
भी कहा कि मुख्यमंत्री भी क्वॉरंटीन थे इसलिए उनके बुलावे पर वहां की बैठक
में शामिल हुए।

                                                           
गृहमंत्री ने चुप्पी तोड़ते हुए पत्रकारों से चर्चा के
दौरान कहा कि राज्यपाल, राज्य की संवैधानिक प्रमुख हैं और उनके अपमान या
आदेश की अवहेलना करने का सवाल पैदा नहीं होता। गृहमंत्री ने बताया कि
राजभवन से पत्र मिला था जिसमें गृहमंत्री, एसीएस और डीजीपी के साथ राज्यपाल
ने नक्सल मामलों को लेकर बैठक करने की इच्छा जताई थी। एसीएस (गृह) को
राजभवन से संपर्क कर बैठक तय करने के लिए निर्देश दिए थे। राज्यपाल 13
तारीख को व्यस्त थीं इसलिए 14 तारीख को राजभवन में बैठक तय की गई। राज्यपाल
के आदेश के अहवेलना करना होता, तो हम मीटिंग खुद ही क्यों रखवाते।


गृहमंत्री
ने बताया कि कांग्रेस प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया रायपुर आए थे और 10
तारीख को उनके कोरोना होने की पुष्टि हुई।  वे प्रदेश प्रभारी के संपर्क
में थे तो लोगों की सलाह पर उन्हें क्वॉरंटीन होना पड़ा इसकी सूचना राजभवन
को दे दी गई थी। उस दिन मुख्यमंत्री निवास में अचानक बैठक रखी गई और
मुख्यमंत्री ने कहा कि वे खुद भी क्वॉरंटीन हैं इसलिए उनके कहने पर बैठक
में चले गए इसमें कोई गलत बात नहीं है।



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