लखनऊ: उत्तर प्रदेश के हाथरस गैंगरेप मामले में सीबीआई ने शुक्रवार को
चारों आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दिया है. जांच एजेंसी की ओर से
घटना के करीब तीन महीने बाद आरोप पत्र दाखिल किया गया है. फिलहाल, 19 साल
की दलित युवती के साथ गैंगरेप करने के बाद उसकी हत्या करने के मामले में
संदीप, लवकुश, रवि और रामू न्यायिक हिरासत में हैं.
जांच एजेंसी ने
हाथरस की एक स्थानीय अदालत में इन चारों आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल
किया है. इसमें सीबीआई की ओर से आरोपियों के खिलाफ गैंगरेप और हत्या की
धाराओं के अलावा एससी-एसटी कानून की धाराएं भी लगाई गई हैं.
आरोपियों के
वकील ने मीडिया को बताया कि हाथरस की स्थानीय अदालत ने मामले को संज्ञान
में लिया है. बता दें कि बीते 14 सितंबर को हाथरस की दलित युवती के साथ
कथित उच्च जाति के चार लोगों ने गैंगरेप किया था. युवती की 29 सितंबर को
दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी. इसके बाद कथित
तौर पर परिवार की मंजूरी के बिना पुलिस ने आनन-फानन में युवती का
दाह-संस्कार कर दिया था.
इस दौरान परिवार ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए
थे, लेकिन विभाग का कहना है कि परिवार की मर्जी के बाद ही युवती का अंतिम
संस्कार किया गया. मामले में यूपी पुलिस के अलावा एसटीएफ ने भी जांच की.
बाद में केस सीबीआई को सौंप दिया गया था. एजेंसी मामले में आरोपियों संदीप,
लवकुश, रामू और रवि की भूमिका की जांच में लगी है.
सीबीआई ने अपनी
चार्जशीट में चारों पर गैंगरेप और उसके बाद हत्या के गंभीर आरोप लगाए हैं.
जांच के दौरान आरोपियों का कई तरह का फरेंसिक टेस्ट किया गया था. इसके
अलावा, जांचकर्ताओं ने जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के
डॉक्टरों से भी बातचीत की, जहां गैंगरेप पीड़िता का इलाज कराया गया था.
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के हाथरस गैंगरेप मामले में सीबीआई ने शुक्रवार को
चारों आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दिया है. जांच एजेंसी की ओर से
घटना के करीब तीन महीने बाद आरोप पत्र दाखिल किया गया है. फिलहाल, 19 साल
की दलित युवती के साथ गैंगरेप करने के बाद उसकी हत्या करने के मामले में
संदीप, लवकुश, रवि और रामू न्यायिक हिरासत में हैं.
जांच एजेंसी ने
हाथरस की एक स्थानीय अदालत में इन चारों आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल
किया है. इसमें सीबीआई की ओर से आरोपियों के खिलाफ गैंगरेप और हत्या की
धाराओं के अलावा एससी-एसटी कानून की धाराएं भी लगाई गई हैं.
आरोपियों के
वकील ने मीडिया को बताया कि हाथरस की स्थानीय अदालत ने मामले को संज्ञान
में लिया है. बता दें कि बीते 14 सितंबर को हाथरस की दलित युवती के साथ
कथित उच्च जाति के चार लोगों ने गैंगरेप किया था. युवती की 29 सितंबर को
दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी. इसके बाद कथित
तौर पर परिवार की मंजूरी के बिना पुलिस ने आनन-फानन में युवती का
दाह-संस्कार कर दिया था.
इस दौरान परिवार ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए
थे, लेकिन विभाग का कहना है कि परिवार की मर्जी के बाद ही युवती का अंतिम
संस्कार किया गया. मामले में यूपी पुलिस के अलावा एसटीएफ ने भी जांच की.
बाद में केस सीबीआई को सौंप दिया गया था. एजेंसी मामले में आरोपियों संदीप,
लवकुश, रामू और रवि की भूमिका की जांच में लगी है.
सीबीआई ने अपनी
चार्जशीट में चारों पर गैंगरेप और उसके बाद हत्या के गंभीर आरोप लगाए हैं.
जांच के दौरान आरोपियों का कई तरह का फरेंसिक टेस्ट किया गया था. इसके
अलावा, जांचकर्ताओं ने जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के
डॉक्टरों से भी बातचीत की, जहां गैंगरेप पीड़िता का इलाज कराया गया था.


Journalist खबरीलाल












