मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और टीएस सिंहदेव की लड़ाई अब सड़कों पर आ गई है।
ऐसी स्थिति में छत्तीसगढ़ के भले के लिए कांग्रेस आलाकमान को स्थिति साफ
करना चाहिए कि ढाई-ढाई साल का मामला क्या है।
अग्रवाल ने पंचायत एवं स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव की वार्ता पर टिप्पणी
करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ प्रशासनिक अराजकता का अड्डा बन गया है। कोई
सीनियर मंत्री किसी जिले में जाए और कलेक्टर व एसपी उपस्थित न हों और
मंत्री का दर्द बाहर आए, ये प्रशासनिक व्यवस्था के लिए बहुत ही खतरनाक है।
भूपेश बघेल के नेतृत्व में ये बीज जो बोए जा रहे हैं वो छत्तीसगढ़ को
बर्बाद कर देंगे।
मंत्री सरकारी हेलीकाप्टर से घूम रहे हैं। वहीं एक मंत्री अपना कार्यक्रम
भेजता है, हेलीकाप्टर मांगता है, तो उनको सरकार हेलीकाप्टर लेकर उपलब्ध
कराने की बजाए, उन्हें निजी हेलीकाप्टर से जाना पड़े। बाकी सामान्य मंत्री
सरकारी हेलीकाप्टर से जाएं इससे ज्यादा कटुता और कोई दूसरी नहीं हो सकती
है।
के बिना किसी कलेक्टर एसपी की ताकत नहीं हो सकती कि किसी मंत्री के दौरे के
समय शिष्टाचार वश उससे मिलने भी नहीं जाएं, उनसे बात भी न करें। कलेक्टर
प्रशासनिक व्यवस्था का सर्वोच्च अधिकारी होता है। एसपी सुरक्षा व्यवस्था का
अधिकारी होता है। दंतेवाड़ा जैसे नक्सल प्रभावित जिले में एसपी भी मिलने न
जाएं, तो मुझे लगता है कि भूपेश-टीएस की लड़ाई सडकों पर आ गई है। उन्होंने
तो यहाँ कहा है कि ढाई-ढाई साल के मामले में अमल करना चाहिए।
अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में विकास तो वैसे ही अवरुद्ध था अब अगर
प्रशासनिक व्यवस्था अवरुद्ध हो जाएगी तो प्रदेश की जनता के सभी काम ठप हो
जाएंगे। टीएस सिंहदेव के पास पंचायत एवं स्वास्थ्य दो महत्वपूर्ण विभाग
हैं। कांग्रेस नेतृत्व सोनिया जी , राहुल जी एवं प्रियंका जी को छत्तीसगढ़
के हित में ढाई-ढाई साल के मामले पर स्थिति स्पष्ट करना चाहिए। यह मामला
छत्तीसगढ़ की जनता और देश की जनता के सामने आना चाहिए।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और टीएस सिंहदेव की लड़ाई अब सड़कों पर आ गई है।
ऐसी स्थिति में छत्तीसगढ़ के भले के लिए कांग्रेस आलाकमान को स्थिति साफ
करना चाहिए कि ढाई-ढाई साल का मामला क्या है।
अग्रवाल ने पंचायत एवं स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव की वार्ता पर टिप्पणी
करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ प्रशासनिक अराजकता का अड्डा बन गया है। कोई
सीनियर मंत्री किसी जिले में जाए और कलेक्टर व एसपी उपस्थित न हों और
मंत्री का दर्द बाहर आए, ये प्रशासनिक व्यवस्था के लिए बहुत ही खतरनाक है।
भूपेश बघेल के नेतृत्व में ये बीज जो बोए जा रहे हैं वो छत्तीसगढ़ को
बर्बाद कर देंगे।
मंत्री सरकारी हेलीकाप्टर से घूम रहे हैं। वहीं एक मंत्री अपना कार्यक्रम
भेजता है, हेलीकाप्टर मांगता है, तो उनको सरकार हेलीकाप्टर लेकर उपलब्ध
कराने की बजाए, उन्हें निजी हेलीकाप्टर से जाना पड़े। बाकी सामान्य मंत्री
सरकारी हेलीकाप्टर से जाएं इससे ज्यादा कटुता और कोई दूसरी नहीं हो सकती
है।
के बिना किसी कलेक्टर एसपी की ताकत नहीं हो सकती कि किसी मंत्री के दौरे के
समय शिष्टाचार वश उससे मिलने भी नहीं जाएं, उनसे बात भी न करें। कलेक्टर
प्रशासनिक व्यवस्था का सर्वोच्च अधिकारी होता है। एसपी सुरक्षा व्यवस्था का
अधिकारी होता है। दंतेवाड़ा जैसे नक्सल प्रभावित जिले में एसपी भी मिलने न
जाएं, तो मुझे लगता है कि भूपेश-टीएस की लड़ाई सडकों पर आ गई है। उन्होंने
तो यहाँ कहा है कि ढाई-ढाई साल के मामले में अमल करना चाहिए।
अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में विकास तो वैसे ही अवरुद्ध था अब अगर
प्रशासनिक व्यवस्था अवरुद्ध हो जाएगी तो प्रदेश की जनता के सभी काम ठप हो
जाएंगे। टीएस सिंहदेव के पास पंचायत एवं स्वास्थ्य दो महत्वपूर्ण विभाग
हैं। कांग्रेस नेतृत्व सोनिया जी , राहुल जी एवं प्रियंका जी को छत्तीसगढ़
के हित में ढाई-ढाई साल के मामले पर स्थिति स्पष्ट करना चाहिए। यह मामला
छत्तीसगढ़ की जनता और देश की जनता के सामने आना चाहिए।



Journalist खबरीलाल














