00 राजीव भवन में वरिष्ठ कांग्रेस नेता मोतीलाल वोरा को दी गई श्रद्धांजलि
रायपुर। राजनीति
के एक वट वृक्ष वरिष्ठ कांग्रेसी नेता ओर छत्तीसगढ़ में कांग्रेसियों के
मध्य बाबूजी के नाम से जानने वाले मोती लाल वोरा की पार्थिव काया को शंकर
नगर स्थित राजीव भवन में अंतिम दर्शन के लिये रखा गया जहां मुख्यमंत्री
भूपेश बघेल सहित मंत्रिपरिषद के सदस्यों, संसदीय सचिवों, विधायकों,
जनप्रतिनिधियों तथा दिगर पार्टियों के भी नेताओं ने भी पुष्पचक्र चढ़ाकर
श्रद्धांजलि दी। अपने नेता के अंतिम दर्शन के लिए लोगों का तांता पहले से
ही लगा हुआ था। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष
मोहन मरकाम ने उन्हें कांधा देकर उनकी पार्थिेव काया को फूलों से सजे रथ तक
ले गये, रथ में मोहन मरकाम उनके साथ दुर्ग तक साथ गये।
उल्लेखनीय है
कि मोती लाल वोरा का कल 93 वर्ष की आयु में निधन हो गया था। उनकी पार्थिव
देह को लेकर उनके पुत्र अरूण वोरा दिल्ली से रायपुर आये । रायपुर में
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के राजीव भवन में उनकी पार्थिव देह को अंतिम दर्शन
के लिये रखा गया। राजीव भवन में उन्हें राजकीय सम्मान के साथ श्रद्धांजलि
दी गई। अपने मृदु स्वभाव के चलते मोतीलाल वोरा पार्टी के अहम पदों पर रहने
के साथ ही केन्द्रीय मंत्री,राज्यपाल कैबिनेट मंत्री के साथ ही अविभाजित
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री रहे।
वासनिक रावत आये
दिवंगत
पूर्व मुख्यमंत्री मोतीलाल वोरा का पार्थिव देह विशेष विमान से दिल्ली से
रायपुर लाया गया। राजीव भवन में पूर्व मुख्यमंत्री के अंतिम दर्शन के लिए
प्रदेश भर के राजनेता पहुंचे हैं। सोनिया गांधी ने अपने प्रतिनिधी के रूप
में मुकुल वासनिक और हरीश रावत को पार्थिव शरीर के साथ विशेष में भेजा।
मरकाम रथ में साथ गए दुर्ग
राजीव
भवन में श्रद्धांजलि देने के बाद दोपहर बाद पार्थिव देह दुर्ग को फूलों से
सजे रथ में दुर्ग के लिए रवाना किया गया। रथ में प्रदेश कांग्रेस कमेटी
के अध्यक्ष मोहन मरकाम भी उनके साथ रवाना हुए। दुर्ग में जिला प्रशासन इसके
लिए तमाम व्यवस्थाएं से पहले से ही कर रखी थी। दुर्ग में मोतीलाल वोरा की
अंतिम यात्रा पद्मनाभपुर से मुक्तिधाम शिवनाथ नदी ऐनीकट के तक जायेगी।
कलेक्टर सर्वेश्वर भूरे खुद सभी व्यवस्था की निगरानी कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री समेत दिगर पार्टी के नेता के भी अंतिम संस्कार में शामिल होगे।
स्व.मधुकर खेर को भाई मानते थे
पत्रकारिता से अपने जीवन की
शुरूआत करने वाले मोतीलाल वोरा अपने समय के वरिष्ठ पत्रकार स्व. मधुकर खेर
के साथ उनके पारिवारिक संबंध थे और सुख-दुख के पारिवारिक कार्यकमों शामिल
होते थे। वे स्व. मधुकर खेर को अपना भाई मानते थे और अधिकांश समय उन्होंने
उस समय उनके साथ ही बिताया। स्व. मधुकर खेर के निधन पर उत्तर प्रदेश के
राज्यपाल रहते हुए भी एक सामान्य जन जैसे मोती लाल वोरा उनके अंतिम संस्कार
में शामिल हुए थे।
00 राजीव भवन में वरिष्ठ कांग्रेस नेता मोतीलाल वोरा को दी गई श्रद्धांजलि
रायपुर। राजनीति
के एक वट वृक्ष वरिष्ठ कांग्रेसी नेता ओर छत्तीसगढ़ में कांग्रेसियों के
मध्य बाबूजी के नाम से जानने वाले मोती लाल वोरा की पार्थिव काया को शंकर
नगर स्थित राजीव भवन में अंतिम दर्शन के लिये रखा गया जहां मुख्यमंत्री
भूपेश बघेल सहित मंत्रिपरिषद के सदस्यों, संसदीय सचिवों, विधायकों,
जनप्रतिनिधियों तथा दिगर पार्टियों के भी नेताओं ने भी पुष्पचक्र चढ़ाकर
श्रद्धांजलि दी। अपने नेता के अंतिम दर्शन के लिए लोगों का तांता पहले से
ही लगा हुआ था। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष
मोहन मरकाम ने उन्हें कांधा देकर उनकी पार्थिेव काया को फूलों से सजे रथ तक
ले गये, रथ में मोहन मरकाम उनके साथ दुर्ग तक साथ गये।
उल्लेखनीय है
कि मोती लाल वोरा का कल 93 वर्ष की आयु में निधन हो गया था। उनकी पार्थिव
देह को लेकर उनके पुत्र अरूण वोरा दिल्ली से रायपुर आये । रायपुर में
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के राजीव भवन में उनकी पार्थिव देह को अंतिम दर्शन
के लिये रखा गया। राजीव भवन में उन्हें राजकीय सम्मान के साथ श्रद्धांजलि
दी गई। अपने मृदु स्वभाव के चलते मोतीलाल वोरा पार्टी के अहम पदों पर रहने
के साथ ही केन्द्रीय मंत्री,राज्यपाल कैबिनेट मंत्री के साथ ही अविभाजित
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री रहे।
वासनिक रावत आये
दिवंगत
पूर्व मुख्यमंत्री मोतीलाल वोरा का पार्थिव देह विशेष विमान से दिल्ली से
रायपुर लाया गया। राजीव भवन में पूर्व मुख्यमंत्री के अंतिम दर्शन के लिए
प्रदेश भर के राजनेता पहुंचे हैं। सोनिया गांधी ने अपने प्रतिनिधी के रूप
में मुकुल वासनिक और हरीश रावत को पार्थिव शरीर के साथ विशेष में भेजा।
मरकाम रथ में साथ गए दुर्ग
राजीव
भवन में श्रद्धांजलि देने के बाद दोपहर बाद पार्थिव देह दुर्ग को फूलों से
सजे रथ में दुर्ग के लिए रवाना किया गया। रथ में प्रदेश कांग्रेस कमेटी
के अध्यक्ष मोहन मरकाम भी उनके साथ रवाना हुए। दुर्ग में जिला प्रशासन इसके
लिए तमाम व्यवस्थाएं से पहले से ही कर रखी थी। दुर्ग में मोतीलाल वोरा की
अंतिम यात्रा पद्मनाभपुर से मुक्तिधाम शिवनाथ नदी ऐनीकट के तक जायेगी।
कलेक्टर सर्वेश्वर भूरे खुद सभी व्यवस्था की निगरानी कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री समेत दिगर पार्टी के नेता के भी अंतिम संस्कार में शामिल होगे।
स्व.मधुकर खेर को भाई मानते थे
पत्रकारिता से अपने जीवन की
शुरूआत करने वाले मोतीलाल वोरा अपने समय के वरिष्ठ पत्रकार स्व. मधुकर खेर
के साथ उनके पारिवारिक संबंध थे और सुख-दुख के पारिवारिक कार्यकमों शामिल
होते थे। वे स्व. मधुकर खेर को अपना भाई मानते थे और अधिकांश समय उन्होंने
उस समय उनके साथ ही बिताया। स्व. मधुकर खेर के निधन पर उत्तर प्रदेश के
राज्यपाल रहते हुए भी एक सामान्य जन जैसे मोती लाल वोरा उनके अंतिम संस्कार
में शामिल हुए थे।


Journalist खबरीलाल












