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Raipur (खबरीलाल न्यूज़) :: राज परिवारों के सहयोग से सहेजी जाएगी प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत, पर्यटन को मिलेगा नया आकर्षण :

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khabrilalरायपुर, 27 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ की गौरवशाली ऐतिहासिक विरासत, राजसी परंपराओं और समृद्ध संस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की दिशा में राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण पहल की है। राज्य की 14 पूर्ववर्ती देसी रियासतों के इतिहास और उनसे जुड़ी दुर्लभ धरोहरों को एक ही स्थान पर प्रदर्शित करने के लिए आज रायपुर के उद्योग भवन स्थित पर्यटन मंडल के सभाकक्ष में रियासतों के वंशजों के साथ ‘रियासत वीथिका’ स्थापित करने पावर प्वाइंट प्रजेंटेशन के माध्यम से कार्ययोजना की जानकारी देने के साथ राज परिवारों के वंशजों से सुझाव लिए गए। इस अनूठी पहल से प्रदेश की ऐतिहासिक पहचान को नई मजबूती मिलने के साथ ही विद्यार्थियों, शोधार्थियों और पर्यटकों को छत्तीसगढ़ के राजसी इतिहास और सांस्कृतिक वैभव को करीब से जानने का अवसर मिलेगा।    छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा ने कहा कि प्रदेश का इतिहास पर्यटन, संस्कृति, धर्मस्व और पुरातात्विक दृष्टि से अत्यंत समृद्ध रहा है। यहां की रियासतों ने छत्तीसगढ़ को देश में विशिष्ट पहचान दिलाई है। राज्य सरकार ऐतिहासिक महलों को हेरिटेज पर्यटन और होमस्टे के रूप में विकसित करने की दिशा में भी गंभीरता से कार्य कर रही है। इससे ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण के साथ पर्यटन की नई संभावनाएं विकसित होंगी। प्रस्तावित रियासत वीथिका में विभिन्न रियासतों की राजदरबारी परंपराओं, राजचिह्नों, पारंपरिक वेशभूषा, अस्त्र-शस्त्र, प्राचीन सिक्कों, मुहरों, ऐतिहासिक दस्तावेजों तथा तीज-त्योहारों और रीति-रिवाजों को प्रदर्शित करने की योजना है। वर्तमान में इन रियासतों से जुड़ी अनेक महत्वपूर्ण धरोहरें राजमहलों, राज परिवारों के निजी संग्रहों, स्थानीय संग्रहालयों और अभिलेखागारों में संरक्षित हैं। इन्हें सुव्यवस्थित ढंग से एक मंच पर प्रस्तुत कर छत्तीसगढ़ के इतिहास, कला और संस्कृति की समग्र झलक उपलब्ध कराई जाएगी।इस अवसर पर छत्तीसगढ़ संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग के संचालक डॉ. संजय कन्नौजे, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक श्री सौमिल रंजन चौबे सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।



khabrilalरायपुर, 27 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ की गौरवशाली ऐतिहासिक विरासत, राजसी परंपराओं और समृद्ध संस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की दिशा में राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण पहल की है। राज्य की 14 पूर्ववर्ती देसी रियासतों के इतिहास और उनसे जुड़ी दुर्लभ धरोहरों को एक ही स्थान पर प्रदर्शित करने के लिए आज रायपुर के उद्योग भवन स्थित पर्यटन मंडल के सभाकक्ष में रियासतों के वंशजों के साथ ‘रियासत वीथिका’ स्थापित करने पावर प्वाइंट प्रजेंटेशन के माध्यम से कार्ययोजना की जानकारी देने के साथ राज परिवारों के वंशजों से सुझाव लिए गए। इस अनूठी पहल से प्रदेश की ऐतिहासिक पहचान को नई मजबूती मिलने के साथ ही विद्यार्थियों, शोधार्थियों और पर्यटकों को छत्तीसगढ़ के राजसी इतिहास और सांस्कृतिक वैभव को करीब से जानने का अवसर मिलेगा।    छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा ने कहा कि प्रदेश का इतिहास पर्यटन, संस्कृति, धर्मस्व और पुरातात्विक दृष्टि से अत्यंत समृद्ध रहा है। यहां की रियासतों ने छत्तीसगढ़ को देश में विशिष्ट पहचान दिलाई है। राज्य सरकार ऐतिहासिक महलों को हेरिटेज पर्यटन और होमस्टे के रूप में विकसित करने की दिशा में भी गंभीरता से कार्य कर रही है। इससे ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण के साथ पर्यटन की नई संभावनाएं विकसित होंगी। प्रस्तावित रियासत वीथिका में विभिन्न रियासतों की राजदरबारी परंपराओं, राजचिह्नों, पारंपरिक वेशभूषा, अस्त्र-शस्त्र, प्राचीन सिक्कों, मुहरों, ऐतिहासिक दस्तावेजों तथा तीज-त्योहारों और रीति-रिवाजों को प्रदर्शित करने की योजना है। वर्तमान में इन रियासतों से जुड़ी अनेक महत्वपूर्ण धरोहरें राजमहलों, राज परिवारों के निजी संग्रहों, स्थानीय संग्रहालयों और अभिलेखागारों में संरक्षित हैं। इन्हें सुव्यवस्थित ढंग से एक मंच पर प्रस्तुत कर छत्तीसगढ़ के इतिहास, कला और संस्कृति की समग्र झलक उपलब्ध कराई जाएगी।इस अवसर पर छत्तीसगढ़ संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग के संचालक डॉ. संजय कन्नौजे, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक श्री सौमिल रंजन चौबे सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।


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