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नर्सिंग होम हादसा : मुख्य आरोपी की तलाश में पुलिस दे रही संभावित ठिकानों पर दबिश:

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00 महिला चिकित्सक को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है पुलिस
राजनांदगांव।
बसंतुपर
क्षेत्र में निर्माणाधीन तुलसी नर्सिंग होम की छत गिरने के मामले में फरार
मुख्य फरार आरोपी और अस्पताल के मालिक अमोलक जैन की गिरफ्तारी के लिये
पुलिस उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है,लेकिन अभी तक आरोपी पुलिस के
शिकंजे में नहीं आ पाया है। पुलिस ने इस मामले में अमोलक की पत्नी महिला
डॉ विजयश्री जैन को पूर्व में ही गिरफ्तार कर चुकी है। उल्लेख्यनीय है कि
इस हादसे में एक महिला मजदूर की मौत हो गई थी और तीन अन्य मजदूर गंभीर रूप
से घायल हो गए जिनका इलाज चल रहा है।


तुलसी नर्सिंंग होम हादसे में
पुलिस ने अपनी जांच में अमोलक जैन को मुख्य आरोपी माना है। उनकी ही निगरानी
में अस्पताल के भवन निर्माण का चल रहा था। बताया जाता है कि बिना तकनीकी
विशेषज्ञ के मालिक मजदूरो से पोर्च के स्लैब का निर्माण किया जा था। इसी
बीच स्लैबअचानक गिर गया जिसमें चार मजदूर मलबे में दब गये थे । जिनमें से
ज्योति साहू नामक महिला मजदूर की दबने से मौत हो गई।  बताया जाता है कि
निगम प्रशासन के निर्माण संबंधी नियमो की परवाह किए बगैर भवन मालिक मजदूरों
से काम ले रहा था। हादसे के बाद भवन को अवैध बताकर निगम प्रशासन ने काम
बंद करा दिया है। इस लापरवाही की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने सीधे दंपत्ति
को दोषी ठहराया।


बताया जाता है कि डॉ विजयश्री जैन की कार्यप्रणाली को
लेकर पहले भी शिकायते प्रशासन तक पहुंची थी। उन पर गरीब मरीजो से इलाज के
में अधिक राशि लिये जाने आरोप लगता रहा है। बताया जाता है कि आरोपी महिला
डॉक्टर और उसके पति का पूर्व में कई मरीजों के साथ सार्वजनिक रूप से विवाद
भी पुलिस तक पहुंचा है।   भवन निर्माण के लिए निगम के तय निर्देेशों का भी
जमकर मखौल उड़ाया गया। बताया जाता है कि निगम प्रशासन की भी निगरानी नही
होने के कारण मालिक अपनी मर्जी से निर्माण कार्य करा रहा था। इस बीच पुलिस
कार्रवाई से बचने के लिए महिला डॉ का पति का फरार हो गया जिसकी पुलिस
द्वारा तलाश की जा रही है।



00 महिला चिकित्सक को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है पुलिस
राजनांदगांव।
बसंतुपर
क्षेत्र में निर्माणाधीन तुलसी नर्सिंग होम की छत गिरने के मामले में फरार
मुख्य फरार आरोपी और अस्पताल के मालिक अमोलक जैन की गिरफ्तारी के लिये
पुलिस उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है,लेकिन अभी तक आरोपी पुलिस के
शिकंजे में नहीं आ पाया है। पुलिस ने इस मामले में अमोलक की पत्नी महिला
डॉ विजयश्री जैन को पूर्व में ही गिरफ्तार कर चुकी है। उल्लेख्यनीय है कि
इस हादसे में एक महिला मजदूर की मौत हो गई थी और तीन अन्य मजदूर गंभीर रूप
से घायल हो गए जिनका इलाज चल रहा है।


तुलसी नर्सिंंग होम हादसे में
पुलिस ने अपनी जांच में अमोलक जैन को मुख्य आरोपी माना है। उनकी ही निगरानी
में अस्पताल के भवन निर्माण का चल रहा था। बताया जाता है कि बिना तकनीकी
विशेषज्ञ के मालिक मजदूरो से पोर्च के स्लैब का निर्माण किया जा था। इसी
बीच स्लैबअचानक गिर गया जिसमें चार मजदूर मलबे में दब गये थे । जिनमें से
ज्योति साहू नामक महिला मजदूर की दबने से मौत हो गई।  बताया जाता है कि
निगम प्रशासन के निर्माण संबंधी नियमो की परवाह किए बगैर भवन मालिक मजदूरों
से काम ले रहा था। हादसे के बाद भवन को अवैध बताकर निगम प्रशासन ने काम
बंद करा दिया है। इस लापरवाही की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने सीधे दंपत्ति
को दोषी ठहराया।


बताया जाता है कि डॉ विजयश्री जैन की कार्यप्रणाली को
लेकर पहले भी शिकायते प्रशासन तक पहुंची थी। उन पर गरीब मरीजो से इलाज के
में अधिक राशि लिये जाने आरोप लगता रहा है। बताया जाता है कि आरोपी महिला
डॉक्टर और उसके पति का पूर्व में कई मरीजों के साथ सार्वजनिक रूप से विवाद
भी पुलिस तक पहुंचा है।   भवन निर्माण के लिए निगम के तय निर्देेशों का भी
जमकर मखौल उड़ाया गया। बताया जाता है कि निगम प्रशासन की भी निगरानी नही
होने के कारण मालिक अपनी मर्जी से निर्माण कार्य करा रहा था। इस बीच पुलिस
कार्रवाई से बचने के लिए महिला डॉ का पति का फरार हो गया जिसकी पुलिस
द्वारा तलाश की जा रही है।



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