रायपुर । चिटफंड कंपनियों में
निवेश करने वाले निवेशकों के लिए बड़ी खबर आई है। दरअसल, जिला प्रशासन
द्वारा चिटफंड कंपनियों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है, ताकि निवेशकों का
पैसा जल्द से जल्द वापस किया जा सके। जिला प्रशासन ने यह भी स्पष्ट
कर दिया है कि निवेशकों को केवल उतना ही पैसा वापस मिलेगा, जितना उन्होंने
निवेश किया है। उन्हें ब्याज नहीं मिलेगा। जिन लोगों ने ज्यादा निवेश किया
है, उन्हें 20 फीसद राशि ही मिलने की संभावना जताई गई है। जिनका निवेश कम
है, उन्हें पूरी राशि मिल सकती है। चार कंपनियों की संपत्ति की नीलामी से
जिला प्रशासन के पास अभी साढ़े पांच करोड़ से अधिक की राशि जमा हो गई है। इन
कंपनियों के निवेशकों की संख्या 15,900 है। जिला प्रशासन
को चिटफंड कंपनी देवयानी की संपत्ति की नीलामी से चार करोड़ 14 लाख 92 हजार
500 रुपये मिले हैं। शुष्क इंडिया कंपनी की संपत्ति की नीलामी से छह लाख 45
हजार रुपये, गोल्ड की इंफ्रावेंचर की संपत्ति की नीलामी से 81 लाख एक हजार
रुपये और निर्मल इंफ्राहोम की संपत्ति की नीलामी से 51 लाख 51 हजार रुपये
मिले हैं।
रायपुर । चिटफंड कंपनियों में
निवेश करने वाले निवेशकों के लिए बड़ी खबर आई है। दरअसल, जिला प्रशासन
द्वारा चिटफंड कंपनियों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है, ताकि निवेशकों का
पैसा जल्द से जल्द वापस किया जा सके। जिला प्रशासन ने यह भी स्पष्ट
कर दिया है कि निवेशकों को केवल उतना ही पैसा वापस मिलेगा, जितना उन्होंने
निवेश किया है। उन्हें ब्याज नहीं मिलेगा। जिन लोगों ने ज्यादा निवेश किया
है, उन्हें 20 फीसद राशि ही मिलने की संभावना जताई गई है। जिनका निवेश कम
है, उन्हें पूरी राशि मिल सकती है। चार कंपनियों की संपत्ति की नीलामी से
जिला प्रशासन के पास अभी साढ़े पांच करोड़ से अधिक की राशि जमा हो गई है। इन
कंपनियों के निवेशकों की संख्या 15,900 है। जिला प्रशासन
को चिटफंड कंपनी देवयानी की संपत्ति की नीलामी से चार करोड़ 14 लाख 92 हजार
500 रुपये मिले हैं। शुष्क इंडिया कंपनी की संपत्ति की नीलामी से छह लाख 45
हजार रुपये, गोल्ड की इंफ्रावेंचर की संपत्ति की नीलामी से 81 लाख एक हजार
रुपये और निर्मल इंफ्राहोम की संपत्ति की नीलामी से 51 लाख 51 हजार रुपये
मिले हैं।



Journalist खबरीलाल














