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तेलंगाना के तीन माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण:

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बीजापुर। बस्तर रेंज में चलाए जा रहे माओवादी उन्मूलन अभियान के तहत तेलंगाना के चेरला डीवीसी टीम सदस्य के साथ तीन माओवादियों ने बीजापुर पुलिस अधीक्षक के समक्ष आत्मसमर्पण किया है।



बुधवार को सीआरपीएफ के डीआइजी महानिरीक्षक कोमल सिंह, एसपी बीजापुर कमलोचन कश्यप, डीएसपी आपरेशन भावेश समरथ के समक्ष माड़वी आयता पुत्र सुक्का माड़वी (22) निवासी चिन्नाउटला थाना उसूर (पार्टी सदस्य), कुहरामी हुंगा पुत्र देवा (32) निवासी कस्तुरपाड़ (जनताना सरकार सदस्य व कृषि शाखा का सदस्य ) व वेटटी हिड़मा पुत्र मुया (20) निवासी कस्तुरपाड़ थाना उसूर (मिलिशिया सदस्य) ने आत्मसमर्पित किया।



इनमें माड़वी आयता 2013 में चेरला डीवीसी में भर्ती हुआ था। उसने चेरला डीवीसी के सुरक्षा गार्ड के रूप में कार्य किया। संगठन में वह रायफल 12 बोर रखता था। कुहरामी हुंगा को जनताना कमेटी का सदस्य एवं कृषि शाखा का सदस्य बताया जा रहा है। वेटटी हिड़मा विगत एक साल से मिलिशिया सदस्य के रूप में कार्य कर रहा था। आत्मसमर्पण करने पर इन्हें शासन की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के तहत 10-10 हजार रुपये नगद प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई। बस्तर क्षेत्र में राज्य सरकार की पुनर्वास नीति और पुलिस के प्रोत्साहन की वजह से नक्सली लगातार आत्मसमर्पण के लिए प्रोत्साहित हो रहे हैं। वे नक्सलियों की खोखली विचारधारा को भी अब समझ चुके हैं और हिंसा के रास्ते से बाहर निकल कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं।




बीजापुर। बस्तर रेंज में चलाए जा रहे माओवादी उन्मूलन अभियान के तहत तेलंगाना के चेरला डीवीसी टीम सदस्य के साथ तीन माओवादियों ने बीजापुर पुलिस अधीक्षक के समक्ष आत्मसमर्पण किया है।



बुधवार को सीआरपीएफ के डीआइजी महानिरीक्षक कोमल सिंह, एसपी बीजापुर कमलोचन कश्यप, डीएसपी आपरेशन भावेश समरथ के समक्ष माड़वी आयता पुत्र सुक्का माड़वी (22) निवासी चिन्नाउटला थाना उसूर (पार्टी सदस्य), कुहरामी हुंगा पुत्र देवा (32) निवासी कस्तुरपाड़ (जनताना सरकार सदस्य व कृषि शाखा का सदस्य ) व वेटटी हिड़मा पुत्र मुया (20) निवासी कस्तुरपाड़ थाना उसूर (मिलिशिया सदस्य) ने आत्मसमर्पित किया।



इनमें माड़वी आयता 2013 में चेरला डीवीसी में भर्ती हुआ था। उसने चेरला डीवीसी के सुरक्षा गार्ड के रूप में कार्य किया। संगठन में वह रायफल 12 बोर रखता था। कुहरामी हुंगा को जनताना कमेटी का सदस्य एवं कृषि शाखा का सदस्य बताया जा रहा है। वेटटी हिड़मा विगत एक साल से मिलिशिया सदस्य के रूप में कार्य कर रहा था। आत्मसमर्पण करने पर इन्हें शासन की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति के तहत 10-10 हजार रुपये नगद प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई। बस्तर क्षेत्र में राज्य सरकार की पुनर्वास नीति और पुलिस के प्रोत्साहन की वजह से नक्सली लगातार आत्मसमर्पण के लिए प्रोत्साहित हो रहे हैं। वे नक्सलियों की खोखली विचारधारा को भी अब समझ चुके हैं और हिंसा के रास्ते से बाहर निकल कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं।




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