अंबिकापुर। कस्टमर केयर में गूगल पे अधिकारी से बात करते-करते गूगल पे की लिमिट बढ़ाने का सांझा देकर माई डेस्क एप डाउनलोड करने के लिए कहा और इसके बाद एटीएम कार्ड स्कैन कराया और खाते से 9 हजार 943 रुपये साफ हो गया।
नमनाकला निवासी सीमा सिंह के मोबाइल फोन पर 21 दिसंबर को लगभग 11.40 बजे अज्ञात मोबाइल धारक ने फोन किया। उसने स्वयं को गूगल पे के कस्टमर केयर का अधिकारी बताया। उसने युवती से कहा कि उसे गूगल पे की लिमिट बढ़ानी पड़ेगी, नहीं तो आने वाले समय में उसे इसका लाभ नहीं मिल पाएगा। युवती उसके झांसे में आ गई और वह उसके द्वारा बताए गए प्रक्रिया को पूरा करती गई।
कार्ड स्कैन करने की प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसके खाते से पल भर में 9 हजार 943 रुपये की कटौती हो गई, तो उसके होश उड़ गए। ठगी का एहसास होने पर उसने जालसाज से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन संपर्क नहीं हो पाया। जैसे-तैसे संपर्क हुआ तो पहले वह गुमराह करता रहा और बाद में उसने फोन उठाना ही बंद कर दिया। युवती ने घटना की जानकारी सिटी कोतवाली पुलिस को दी, जिस पर पुलिस ने धारा 420 का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
अंबिकापुर। कस्टमर केयर में गूगल पे अधिकारी से बात करते-करते गूगल पे की लिमिट बढ़ाने का सांझा देकर माई डेस्क एप डाउनलोड करने के लिए कहा और इसके बाद एटीएम कार्ड स्कैन कराया और खाते से 9 हजार 943 रुपये साफ हो गया।
नमनाकला निवासी सीमा सिंह के मोबाइल फोन पर 21 दिसंबर को लगभग 11.40 बजे अज्ञात मोबाइल धारक ने फोन किया। उसने स्वयं को गूगल पे के कस्टमर केयर का अधिकारी बताया। उसने युवती से कहा कि उसे गूगल पे की लिमिट बढ़ानी पड़ेगी, नहीं तो आने वाले समय में उसे इसका लाभ नहीं मिल पाएगा। युवती उसके झांसे में आ गई और वह उसके द्वारा बताए गए प्रक्रिया को पूरा करती गई।
कार्ड स्कैन करने की प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसके खाते से पल भर में 9 हजार 943 रुपये की कटौती हो गई, तो उसके होश उड़ गए। ठगी का एहसास होने पर उसने जालसाज से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन संपर्क नहीं हो पाया। जैसे-तैसे संपर्क हुआ तो पहले वह गुमराह करता रहा और बाद में उसने फोन उठाना ही बंद कर दिया। युवती ने घटना की जानकारी सिटी कोतवाली पुलिस को दी, जिस पर पुलिस ने धारा 420 का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।


Journalist खबरीलाल












