रायपुर। खुडमुड़ा हत्याकांड के चार दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ अब
तक खाली हैं, जिसकी वजह से सोनकर समाज में काफी आक्रोश है। इसे देखते हुए
सोनकर समाज ने आज पत्रकारवार्ता के माध्यम से पुलिस की कार्यप्रणाली पर
सवाल खड़े करते हुए सीबीआई जांच की मांग की। साथ ही साथ यह भी मांग उठाई कि
मामले में पकड़े गए आरोपी को फांसी की सजा दी जाए। इस मामले में राज्यपाल
को भी ज्ञापन सौंपा जाएगा।
खुड़मुड़ा कांड को लेकर आज सोनकर समाज के
अधिवक्ता गजेंद्र सोनकर व अन्य पदाधिकारियों ने मीडिया के समक्ष कहा कि
तकरीबन इस गांव में 15,000 लोग रहते हैं। इसमें से ज्यादातर लोग किसानी
करते हैं। पहला ऐसा मौका है, जब इस तरीके की बर्बर वारदात हुई है, जिसकी
वजह से पूरा गांव दहशत में है। यहां तक कि रात में खेती किसानी करने वाले
ग्रामीणों ने अपने खेतों में जाना बंद कर दिया है, जबकि इस समय सिंचाई का
काम चल रहा है। वहीं अन्य पदाधिकारियों का कहना है कि शहर से जुड़े हुए
गांव में बड़े-बड़े प्रोजेक्ट चल रहे हैं, ऐसे में बिल्डर द्वारा लगातार
दबाव बनाकर किसानों से उनकी जमीन हथिया ली जाती है। यहां तक कि उनके साथ आए
दिन विवाद भी होता है।
किसान डर की वजह से कहीं न कहीं जमीन बेच देते
हैं। इसके लिए समाज ने मांग की है कि शासन प्रशासन को इस ओर ध्यान देते हुए
किसानों की सुरक्षा की दृष्टि से कड़े कदम उठाने चाहिए। वही सोनकर समाज ने
मृतक परिवार में बच्चे की सुरक्षा की मांग की है। वहीं पुलिस की
कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि चार दिन बीतने के बाद भी पुलिस
के पास अगर कोई भी ठोस जवाब नहीं है, तो यह पुलिस की नाकामी है। आरोपियों
को पकडऩे के लिए पुलिस ने 24 घंटे का समय मांगा है अगर मामले में आरोपी
नहीं पकड़े जाते हैं, तो सोनकर समाज अनिश्चितकालीन आंदोलन करेगा, जिसमें
कैंडल मार्च निकालने से लेकर धरना प्रदर्शन तक शामिल होगा। इस मामले में
पुलिस आरोपियों तक नहीं पहुंच पाती है तो वे इस घटना की सीबीआई जांच करने
की मांग करते है ताकि आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी हो सकें।
रायपुर। खुडमुड़ा हत्याकांड के चार दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ अब
तक खाली हैं, जिसकी वजह से सोनकर समाज में काफी आक्रोश है। इसे देखते हुए
सोनकर समाज ने आज पत्रकारवार्ता के माध्यम से पुलिस की कार्यप्रणाली पर
सवाल खड़े करते हुए सीबीआई जांच की मांग की। साथ ही साथ यह भी मांग उठाई कि
मामले में पकड़े गए आरोपी को फांसी की सजा दी जाए। इस मामले में राज्यपाल
को भी ज्ञापन सौंपा जाएगा।
खुड़मुड़ा कांड को लेकर आज सोनकर समाज के
अधिवक्ता गजेंद्र सोनकर व अन्य पदाधिकारियों ने मीडिया के समक्ष कहा कि
तकरीबन इस गांव में 15,000 लोग रहते हैं। इसमें से ज्यादातर लोग किसानी
करते हैं। पहला ऐसा मौका है, जब इस तरीके की बर्बर वारदात हुई है, जिसकी
वजह से पूरा गांव दहशत में है। यहां तक कि रात में खेती किसानी करने वाले
ग्रामीणों ने अपने खेतों में जाना बंद कर दिया है, जबकि इस समय सिंचाई का
काम चल रहा है। वहीं अन्य पदाधिकारियों का कहना है कि शहर से जुड़े हुए
गांव में बड़े-बड़े प्रोजेक्ट चल रहे हैं, ऐसे में बिल्डर द्वारा लगातार
दबाव बनाकर किसानों से उनकी जमीन हथिया ली जाती है। यहां तक कि उनके साथ आए
दिन विवाद भी होता है।
किसान डर की वजह से कहीं न कहीं जमीन बेच देते
हैं। इसके लिए समाज ने मांग की है कि शासन प्रशासन को इस ओर ध्यान देते हुए
किसानों की सुरक्षा की दृष्टि से कड़े कदम उठाने चाहिए। वही सोनकर समाज ने
मृतक परिवार में बच्चे की सुरक्षा की मांग की है। वहीं पुलिस की
कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि चार दिन बीतने के बाद भी पुलिस
के पास अगर कोई भी ठोस जवाब नहीं है, तो यह पुलिस की नाकामी है। आरोपियों
को पकडऩे के लिए पुलिस ने 24 घंटे का समय मांगा है अगर मामले में आरोपी
नहीं पकड़े जाते हैं, तो सोनकर समाज अनिश्चितकालीन आंदोलन करेगा, जिसमें
कैंडल मार्च निकालने से लेकर धरना प्रदर्शन तक शामिल होगा। इस मामले में
पुलिस आरोपियों तक नहीं पहुंच पाती है तो वे इस घटना की सीबीआई जांच करने
की मांग करते है ताकि आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी हो सकें।


Journalist खबरीलाल











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