रायपुर। श्री दूधाधारी मठ में अगहन शुक्ल पक्ष एकादशी मोक्षदा एकादशी के
अवसर पर गीता जयंती मनाई गई। राजश्री महंत तथा गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष
महन्त रामसुन्दर दास ने भगवान की आरती व विशेष पूजा अर्चना की। राजश्री
महंत रामसुन्दर दास ने गीता के महामात्यम के बारे में श्रद्धालुजनों को
बताया।
रायपुर के एतिहासिक व प्राचीन मंदिर दूधाधारी मठ में
प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी अगहन शुक्ल पक्ष एकादशी पर गीता जयंती मनाइ्र
गई। ऐसी मान्यता है कि इसी दिन लीलाधारी भगवान श्री कृष्णचन्द्र जी ने
धर्मभूमि कुरुक्षेत्र की रणभूमि में अर्जुन को माध्यम बनाकर मानवो के लिए
गीता का ज्ञान दिया था।
इसलिए आज की इस तिथि को गीता जयंती के रूप में
मनाया जाता है। इस अवसर पर श्री स्वामी बालाजी भगवान,श्री राघवेन्द्र
सरकार,श्री सीताराम जी,श्री संकट मोचन हनुमानजी एवं स्वामी दूधाधारी महाराज
का खौर युक्त श्रृंगार किया गया। प्रात: काल से ही सन्त महात्माओं एवं
श्रद्धालु भक्तों द्वारा भजन कीर्तन किया गया। एकादशी महारानी जी का
महात्म्य कथा का श्रवण कराया करयया गया। गीता महारानी जी का विशेष पूजा
अर्चना किया गया राजश्री महन्त रामसुन्दर दास महाराज ने गीता के माहात्म्य
एव मानव जीवन के लिए गीता के उपदेश सम्बन्धी विभिन्न प्रसंगों का उल्लेख
करते हुए उपस्थित श्रद्धालुओं को इसके बारे में सविस्तार से बताया।
रायपुर। श्री दूधाधारी मठ में अगहन शुक्ल पक्ष एकादशी मोक्षदा एकादशी के
अवसर पर गीता जयंती मनाई गई। राजश्री महंत तथा गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष
महन्त रामसुन्दर दास ने भगवान की आरती व विशेष पूजा अर्चना की। राजश्री
महंत रामसुन्दर दास ने गीता के महामात्यम के बारे में श्रद्धालुजनों को
बताया।
रायपुर के एतिहासिक व प्राचीन मंदिर दूधाधारी मठ में
प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी अगहन शुक्ल पक्ष एकादशी पर गीता जयंती मनाइ्र
गई। ऐसी मान्यता है कि इसी दिन लीलाधारी भगवान श्री कृष्णचन्द्र जी ने
धर्मभूमि कुरुक्षेत्र की रणभूमि में अर्जुन को माध्यम बनाकर मानवो के लिए
गीता का ज्ञान दिया था।
इसलिए आज की इस तिथि को गीता जयंती के रूप में
मनाया जाता है। इस अवसर पर श्री स्वामी बालाजी भगवान,श्री राघवेन्द्र
सरकार,श्री सीताराम जी,श्री संकट मोचन हनुमानजी एवं स्वामी दूधाधारी महाराज
का खौर युक्त श्रृंगार किया गया। प्रात: काल से ही सन्त महात्माओं एवं
श्रद्धालु भक्तों द्वारा भजन कीर्तन किया गया। एकादशी महारानी जी का
महात्म्य कथा का श्रवण कराया करयया गया। गीता महारानी जी का विशेष पूजा
अर्चना किया गया राजश्री महन्त रामसुन्दर दास महाराज ने गीता के माहात्म्य
एव मानव जीवन के लिए गीता के उपदेश सम्बन्धी विभिन्न प्रसंगों का उल्लेख
करते हुए उपस्थित श्रद्धालुओं को इसके बारे में सविस्तार से बताया।


Journalist खबरीलाल












