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तीन दिन अवकाश के बाद सवालों की बौछार से सत्र की शुरूआत, काफी शोर शराबा:

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रायपुर। तीन दिन के अवकाश के बाद छत्तीसगढ़ विधानसभा शीतकालीन सत्र की
शुरूआत सोमवार को शोर शराबे के साथ शुरू हुआ। सदस्य अपने जवाब से मंत्रियों
को घेरते दिखे इसमें विपक्ष ही नहीं बल्कि कांग्रेस सदस्यों के जवाब से भी
उनके ही मंत्री घिर गए। भर्ती प्रक्रिया को लेकर विपक्षी सदस्यों ने खूब
हल्ला किया।
शून्य काल शुरु होते ही विपक्ष ने प्रदेश में भर्ती
प्रक्रिया को लंबित रखे जाने को लेकर चर्चा की माँग रखी। विपक्षी सदस्यों
जिनमें नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक,शिवरतन शर्मा,अजय चंद्राकर शामिल थे,
उन सबने प्रदेश में भर्ती प्रक्रिया को लेकर सवाल किया कि आखिर प्रदेश में
भर्ती प्रक्रिया क्यों नहीं हो रही है।


विपक्ष ने पुलिस विभाग, शिक्षा विभाग
समेत अनेक विभागों का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि, बढते अपराधों का
संबंध इन भर्ती प्रक्रिया से है। प्रदेश में बेरोजगारी अपराध को जन्म दे रही
है।विपक्ष ने इस मसले पर चर्चा की माँग रखी जिसे आसंदी ने अग्राह्य कर
दिया जिसके बाद विपक्ष की ओर से तेज शोर गुल होने लगा। शोरगुल के बीच आसंदी
ने कार्यवाही पाँच मिनट के लिए स्थगित कर दिया।
वहीं दूसरी ओर प्रश्न
काल में सदस्य मोहन मरकाम के सवाल पर विभागीय मंत्री घिर गए। दरअसल
तारांकित प्रश्न के दो पृथक जवाब का था। सदस्य मोहन मरकाम का प्रश्न मंडल
संयोजक पद से जूड़ा था। मरकाम ने पूछा कि,मंडल संयोजक पर विभागीय भर्ती
हेतु चयन के लिए क्या नियम निर्देश प्रचलन में थे, उक्त अवधि में क्या
भर्ती प्रक्रिया के नियमों में संशोधन किया गया। इस से संबंधित दो प्रश्न
लगे थे, इस पर आए जवाब ने विरोधाभास स्थिति ला दी। एक जवाब में बताया गया
कि कोई संशोधन नहीं है, जबकि दूसरे जवाब में बताया गया संशोधन है।मरकाम ने
मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह से पूछ बैठे कि माननीय मंत्री महोदय केवल यह
स्पष्ट कर दें कि किस जवाब को सही मानना हैं।




रायपुर। तीन दिन के अवकाश के बाद छत्तीसगढ़ विधानसभा शीतकालीन सत्र की
शुरूआत सोमवार को शोर शराबे के साथ शुरू हुआ। सदस्य अपने जवाब से मंत्रियों
को घेरते दिखे इसमें विपक्ष ही नहीं बल्कि कांग्रेस सदस्यों के जवाब से भी
उनके ही मंत्री घिर गए। भर्ती प्रक्रिया को लेकर विपक्षी सदस्यों ने खूब
हल्ला किया।
शून्य काल शुरु होते ही विपक्ष ने प्रदेश में भर्ती
प्रक्रिया को लंबित रखे जाने को लेकर चर्चा की माँग रखी। विपक्षी सदस्यों
जिनमें नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक,शिवरतन शर्मा,अजय चंद्राकर शामिल थे,
उन सबने प्रदेश में भर्ती प्रक्रिया को लेकर सवाल किया कि आखिर प्रदेश में
भर्ती प्रक्रिया क्यों नहीं हो रही है।


विपक्ष ने पुलिस विभाग, शिक्षा विभाग
समेत अनेक विभागों का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि, बढते अपराधों का
संबंध इन भर्ती प्रक्रिया से है। प्रदेश में बेरोजगारी अपराध को जन्म दे रही
है।विपक्ष ने इस मसले पर चर्चा की माँग रखी जिसे आसंदी ने अग्राह्य कर
दिया जिसके बाद विपक्ष की ओर से तेज शोर गुल होने लगा। शोरगुल के बीच आसंदी
ने कार्यवाही पाँच मिनट के लिए स्थगित कर दिया।
वहीं दूसरी ओर प्रश्न
काल में सदस्य मोहन मरकाम के सवाल पर विभागीय मंत्री घिर गए। दरअसल
तारांकित प्रश्न के दो पृथक जवाब का था। सदस्य मोहन मरकाम का प्रश्न मंडल
संयोजक पद से जूड़ा था। मरकाम ने पूछा कि,मंडल संयोजक पर विभागीय भर्ती
हेतु चयन के लिए क्या नियम निर्देश प्रचलन में थे, उक्त अवधि में क्या
भर्ती प्रक्रिया के नियमों में संशोधन किया गया। इस से संबंधित दो प्रश्न
लगे थे, इस पर आए जवाब ने विरोधाभास स्थिति ला दी। एक जवाब में बताया गया
कि कोई संशोधन नहीं है, जबकि दूसरे जवाब में बताया गया संशोधन है।मरकाम ने
मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह से पूछ बैठे कि माननीय मंत्री महोदय केवल यह
स्पष्ट कर दें कि किस जवाब को सही मानना हैं।



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