धमतरी। कोरोना वायरस के कारण मार्च महीने से सरकारी व निजी स्कूलों में
ताला लगा हुआ था। संक्रमण का असर अब कम होने के बाद जिला पंचायत सीईओ और
जिला शिक्षाधिकारी के प्रयास से सोमवार से निजी स्कूलों में अध्ययनरत कक्षा
10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों के लिए कोचिंग बेस उपचारात्मक शिक्षण
शुरु हो गया। इस दौरान जिला प्रशासन द्वारा तय किए गए निर्देशों का पालन भी
छात्रों और शिक्षकों को करना अनिवार्य होगा।
धमतरी जिले में निजी
स्कूलों की संख्या 200 से अधिक है इनमें से एक चौथाई स्कूल हाई और हायर
सेकेंडरी स्कूल हैं, जहां पर कक्षा 10वीं और 12वीं के विद्यार्थी अध्ययन
करते हैं। कोरोना वायरस संक्रमण के कारण छात्र-छात्राओं की पढ़ाई इंटरनेट
मोबाइल के माध्यम हो रही थी। प्रैक्टिकल और अन्य पढ़ाई के लिए
छात्र-छात्राओं की पढ़ाई बाधित न हो इसलिए डीईओ रजनी नेल्सन ने कक्षा 10वीं
12वीं के छात्र छात्राओं के लिए कोचिंग बेस 21 अचीवर्स माडल प्रश्न पत्र
तैयार करवाए जिसके सहारे सोमवार से छात्र-छात्राओं को विशेष कोचिंग देने की
शुरुआत हो गई है। स्कूल में भीड़ न लगे इसलिए छात्रों को पाली के हिसाब से
स्कूल में बुलाया जा रहा है। एक क्लास में केवल 10 से 20 छात्र ही
बैठेंगे। स्कूलों में कोचिंग बेस पढ़ाई केवल तीन घंटों की होगी।
धमतरी। कोरोना वायरस के कारण मार्च महीने से सरकारी व निजी स्कूलों में
ताला लगा हुआ था। संक्रमण का असर अब कम होने के बाद जिला पंचायत सीईओ और
जिला शिक्षाधिकारी के प्रयास से सोमवार से निजी स्कूलों में अध्ययनरत कक्षा
10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों के लिए कोचिंग बेस उपचारात्मक शिक्षण
शुरु हो गया। इस दौरान जिला प्रशासन द्वारा तय किए गए निर्देशों का पालन भी
छात्रों और शिक्षकों को करना अनिवार्य होगा।
धमतरी जिले में निजी
स्कूलों की संख्या 200 से अधिक है इनमें से एक चौथाई स्कूल हाई और हायर
सेकेंडरी स्कूल हैं, जहां पर कक्षा 10वीं और 12वीं के विद्यार्थी अध्ययन
करते हैं। कोरोना वायरस संक्रमण के कारण छात्र-छात्राओं की पढ़ाई इंटरनेट
मोबाइल के माध्यम हो रही थी। प्रैक्टिकल और अन्य पढ़ाई के लिए
छात्र-छात्राओं की पढ़ाई बाधित न हो इसलिए डीईओ रजनी नेल्सन ने कक्षा 10वीं
12वीं के छात्र छात्राओं के लिए कोचिंग बेस 21 अचीवर्स माडल प्रश्न पत्र
तैयार करवाए जिसके सहारे सोमवार से छात्र-छात्राओं को विशेष कोचिंग देने की
शुरुआत हो गई है। स्कूल में भीड़ न लगे इसलिए छात्रों को पाली के हिसाब से
स्कूल में बुलाया जा रहा है। एक क्लास में केवल 10 से 20 छात्र ही
बैठेंगे। स्कूलों में कोचिंग बेस पढ़ाई केवल तीन घंटों की होगी।


Journalist खबरीलाल












