पत्रकारों से चर्चा में संसदीय कार्य मंत्री और सरकार के प्रवक्ता रविंद्र
चौबे ने कहा, यह बड़ा मामला है। महाराज साहब (टीएस सिंहदेव) ने जिस तरीके से
पत्र लिखा है, उस पर अधिकांश विधायकों ने प्रश्न चिन्ह खड़ा किया है।
सिंहदेव ने अपने विभाग छोड़ने के जो कारण गिनाए हैं, उसकी वजह से अधिकांश
विधायक आहत महसूस कर रहे थे। पुनिया के समक्ष उन्होंने अपनी बातें रखी हैं।
चौबे ने कहा, पुनिया जी यहां हाईकमान के प्रतिनिधि हैं, वे वहां अपनी बात
रखेंगे। मैं समझता हूं उसके बाद कोई सम्मानजनक हल निकलेगा। बताया जा रहा है, कुछ विधायकों ने टीएस सिंहदेव के विधायक दल की बैठक में
नहीं आने पर भी सवाल उठाए। इसे तूल नहीं दिया गया। मुख्य आक्रमण, पत्र की
भाषा और अपनी ही सरकार की निर्णयों पर सार्वजनिक सवाल उठाने पर केंद्रित
था। टीएस सिंहदेव की ओर से बताया गया, निर्धारित प्रवास कार्यक्रम की वजह
से उन्होंने राष्ट्रपति चुनाव में 18 जुलाई को पहुंचने की जानकारी विधायक
दल के सचिव राजेश तिवारी को पहले ही उपलब्ध करवा दिया था।
पत्रकारों से चर्चा में संसदीय कार्य मंत्री और सरकार के प्रवक्ता रविंद्र
चौबे ने कहा, यह बड़ा मामला है। महाराज साहब (टीएस सिंहदेव) ने जिस तरीके से
पत्र लिखा है, उस पर अधिकांश विधायकों ने प्रश्न चिन्ह खड़ा किया है।
सिंहदेव ने अपने विभाग छोड़ने के जो कारण गिनाए हैं, उसकी वजह से अधिकांश
विधायक आहत महसूस कर रहे थे। पुनिया के समक्ष उन्होंने अपनी बातें रखी हैं।
चौबे ने कहा, पुनिया जी यहां हाईकमान के प्रतिनिधि हैं, वे वहां अपनी बात
रखेंगे। मैं समझता हूं उसके बाद कोई सम्मानजनक हल निकलेगा। बताया जा रहा है, कुछ विधायकों ने टीएस सिंहदेव के विधायक दल की बैठक में
नहीं आने पर भी सवाल उठाए। इसे तूल नहीं दिया गया। मुख्य आक्रमण, पत्र की
भाषा और अपनी ही सरकार की निर्णयों पर सार्वजनिक सवाल उठाने पर केंद्रित
था। टीएस सिंहदेव की ओर से बताया गया, निर्धारित प्रवास कार्यक्रम की वजह
से उन्होंने राष्ट्रपति चुनाव में 18 जुलाई को पहुंचने की जानकारी विधायक
दल के सचिव राजेश तिवारी को पहले ही उपलब्ध करवा दिया था।



Journalist खबरीलाल














