Breaking News

News Raipur :: भूपेश बघेल के नेतृत्व में छ.ग. को लकवा मार गया - बृजमोहन अग्रवाल:

post

1. कर्मचारी संघो  के हड़ताल ,केंद्र के समान महगाई भत्ता को लेकर  स्थगन प्रस्ताव के ग्रहिता पर बोले बृहमोहन।2. कर्मचारियों के महंगाई भत्ता व शिक्षको के हड़ताल का मामला विधानसभा में। 3. छ.ग. में सरकार चल रहा है या चू चू का मुरब्बा।

रायपुर/22 जुलाई 2022/भाजपा विधायक एवं पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने विभिन्न कर्मचारी संघ द्वारा किए जा रहे हैं हड़ताल व महंगाई भत्ता की मांग को लेकर सदन में रखे गए स्थगन प्रस्ताव के माध्यम से प्रदेश के कर्मचारियों का मामला उठाते हुए उनकी ग्रहिता पर चर्चा करते हुए कहा कि प्रदेश का आलम यह है कि 3 साल से कर्मचारी लगातार हड़ताल पर है। मैं तू दुखी हूं, मेरे विधानसभा क्षेत्र में रोज पंडाल लगा रहता है, रोज रास्ता जाम रहता है, सरकार कोई निराकरण नहीं कर रही है। 1-1 लाख लोग अगर पूरे प्रदेश में हड़ताल करे, आखिर इस छ.ग. में यह क्या हो रहा है। कोई शासन चल रहा है या यह सरकार चू चू का मुरब्बा हो गई है।

श्री अग्रवाल ने कहा कि - टी.एस. सिंहदेव ने जनघोषणा पत्र बनाया, आपके पूरी कांग्रेस पार्टी का जन घोषणा पत्र था। उसके वादे को आपने विधानसभा में आत्मसात किया है, उसे आप पूरा क्यों नहीं कर रहे हैं। आज प्रदेश के कर्मचारी डीए के लिए अपने महंगाई भत्ते के लिए हड़ताल कर रहे हैं। केन्द्र सरकार ने 34 प्रतिशत डीए दे दिया है, आप केवल 22 प्रतिशत दे रहे हैं। आखिर यह कब तक चलेगा। आज पूरे प्रदेश में स्कूली बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो गया है। कभी वहां खाना बनाने वाले रसोईया हड़ताल करते हैं तो कभी सफाई कर्मचारी हड़ताल करते हैं, कभी सहायक शिक्षक हड़ताल करते हैं। आखिर छ.ग. का भविष्य कहां जाएगा।


श्री अग्रवाल ने कहा कि यह स्थगन महत्वपूर्ण विषय पर है। सरकारी अधिकारी कर्मचारी सरकार के हाथ पैर है, अगर हाथ पैर काम नहीं करेगा तो छ.ग. को लकवा मार जायेगा । मुझे तो ऐसा लगता है कि भूपेश बघेल जी के नेतृत्व में पूरे छग को लकवा मार गया है। धीरे धीरे पूरे अंग शिथिल हो रहे हैं, कोई काम नहीं कर रहा है, कोई विकास के काम नहीं हो रहे हैं, सब लोग हड़ताल पर जा रहे हैं। ऐसी स्थिति में जिस छ.ग. को हमने विकास के रास्ते दौड़ाया था अब वह रेंग भी नहीं रहा है। कर्मचारियों की इतनी बड़ी हड़ताल हो रही है उसके उपर में आप तुरंत चर्चा करवाए। चर्चा करके इसका निराकरण करवाये, छ.ग. का भला होगा। छ.ग. के पौने तीन करोड़ जनता का भला होगा।



1. कर्मचारी संघो  के हड़ताल ,केंद्र के समान महगाई भत्ता को लेकर  स्थगन प्रस्ताव के ग्रहिता पर बोले बृहमोहन।2. कर्मचारियों के महंगाई भत्ता व शिक्षको के हड़ताल का मामला विधानसभा में। 3. छ.ग. में सरकार चल रहा है या चू चू का मुरब्बा।

रायपुर/22 जुलाई 2022/भाजपा विधायक एवं पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने विभिन्न कर्मचारी संघ द्वारा किए जा रहे हैं हड़ताल व महंगाई भत्ता की मांग को लेकर सदन में रखे गए स्थगन प्रस्ताव के माध्यम से प्रदेश के कर्मचारियों का मामला उठाते हुए उनकी ग्रहिता पर चर्चा करते हुए कहा कि प्रदेश का आलम यह है कि 3 साल से कर्मचारी लगातार हड़ताल पर है। मैं तू दुखी हूं, मेरे विधानसभा क्षेत्र में रोज पंडाल लगा रहता है, रोज रास्ता जाम रहता है, सरकार कोई निराकरण नहीं कर रही है। 1-1 लाख लोग अगर पूरे प्रदेश में हड़ताल करे, आखिर इस छ.ग. में यह क्या हो रहा है। कोई शासन चल रहा है या यह सरकार चू चू का मुरब्बा हो गई है।

श्री अग्रवाल ने कहा कि - टी.एस. सिंहदेव ने जनघोषणा पत्र बनाया, आपके पूरी कांग्रेस पार्टी का जन घोषणा पत्र था। उसके वादे को आपने विधानसभा में आत्मसात किया है, उसे आप पूरा क्यों नहीं कर रहे हैं। आज प्रदेश के कर्मचारी डीए के लिए अपने महंगाई भत्ते के लिए हड़ताल कर रहे हैं। केन्द्र सरकार ने 34 प्रतिशत डीए दे दिया है, आप केवल 22 प्रतिशत दे रहे हैं। आखिर यह कब तक चलेगा। आज पूरे प्रदेश में स्कूली बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो गया है। कभी वहां खाना बनाने वाले रसोईया हड़ताल करते हैं तो कभी सफाई कर्मचारी हड़ताल करते हैं, कभी सहायक शिक्षक हड़ताल करते हैं। आखिर छ.ग. का भविष्य कहां जाएगा।


श्री अग्रवाल ने कहा कि यह स्थगन महत्वपूर्ण विषय पर है। सरकारी अधिकारी कर्मचारी सरकार के हाथ पैर है, अगर हाथ पैर काम नहीं करेगा तो छ.ग. को लकवा मार जायेगा । मुझे तो ऐसा लगता है कि भूपेश बघेल जी के नेतृत्व में पूरे छग को लकवा मार गया है। धीरे धीरे पूरे अंग शिथिल हो रहे हैं, कोई काम नहीं कर रहा है, कोई विकास के काम नहीं हो रहे हैं, सब लोग हड़ताल पर जा रहे हैं। ऐसी स्थिति में जिस छ.ग. को हमने विकास के रास्ते दौड़ाया था अब वह रेंग भी नहीं रहा है। कर्मचारियों की इतनी बड़ी हड़ताल हो रही है उसके उपर में आप तुरंत चर्चा करवाए। चर्चा करके इसका निराकरण करवाये, छ.ग. का भला होगा। छ.ग. के पौने तीन करोड़ जनता का भला होगा।



...
...
...
...
...
...
Sidebar Banner
Sidebar Banner
Sidebar Banner
Sidebar Banner