अम्बिकापुर। पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल आज सरगुजा प्रवास पहुँचे। अम्बिकापुर पहुँचते ही पूर्वमंत्री बृजमोहन अग्रवाल जी; मुंगेली विधायक पुन्नूलाल मोहले, प्रदेश पदाधिकारी संजय श्रीवास्तव के साथ कमला दीदी के आश्रम पहुँचे। आश्रम में परम श्रद्धेय बी.के. कमला दीदी जी का श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। बृजमोहन अग्रवाल सहित पधारे समस्त नेताओं, आश्रम के लोगों व आमजनों ने कमला दीदी जी को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस दौरान पूर्वमंत्री बृजमोहन अग्रवाल जी ने कहा कि, छत्तीसगढ़ - मध्यप्रदेश सहित अन्य कई प्रदेशों में अध्यात्म की अलख जगाने वाली राजयोगिनी बी.के. कमला दीदी जी में अद्भुत संगठनात्मक क्षमता थी। कमला दीदी आध्यात्मिक भाव लोगों को जोड़ना शुरू किया और लोगों को जोड़ती चली गयी। आज सरगुजा में उनके 15 से अधिक केंद्र एवं पूरे छत्तीसगढ़ में 300 केंद्र से जुड़े हुए लोग उनके बताए हुए मार्गों पर चलकर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित कर रहे हैं। कमला दीदी ने हमें बताया की शांति प्राप्त करने के लिए राजयोग, ध्यान व अध्यात्म की शरण में ही जाना पड़ता है। ये कमला दीदी की ही शक्ति थी कि हम भाजपा की सरकार के दौरान 90 में से 60 विधायक माउंटआबू के शिविर में पहुँचे थे।
बृजमोहन अग्रवाल ने यह भी कहा कि, आज कल भवन तो बन जाते है, किंतु जीवंत नहीं होते, दीदी ने सिर्फ अपने आश्रम के भवनों का सिर्फ निर्माण नहीं किया, उसमें प्राण भी डाले; जिससे वे आज भी जीवंत है। दीदी जी द्वारा बताए मार्गों पर चलकर उनके सपनों को पूरा करना ही उनको सच्ची श्रद्धाजंलि देने के तुल्य होगा।
अम्बिकापुर। पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल आज सरगुजा प्रवास पहुँचे। अम्बिकापुर पहुँचते ही पूर्वमंत्री बृजमोहन अग्रवाल जी; मुंगेली विधायक पुन्नूलाल मोहले, प्रदेश पदाधिकारी संजय श्रीवास्तव के साथ कमला दीदी के आश्रम पहुँचे। आश्रम में परम श्रद्धेय बी.के. कमला दीदी जी का श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। बृजमोहन अग्रवाल सहित पधारे समस्त नेताओं, आश्रम के लोगों व आमजनों ने कमला दीदी जी को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस दौरान पूर्वमंत्री बृजमोहन अग्रवाल जी ने कहा कि, छत्तीसगढ़ - मध्यप्रदेश सहित अन्य कई प्रदेशों में अध्यात्म की अलख जगाने वाली राजयोगिनी बी.के. कमला दीदी जी में अद्भुत संगठनात्मक क्षमता थी। कमला दीदी आध्यात्मिक भाव लोगों को जोड़ना शुरू किया और लोगों को जोड़ती चली गयी। आज सरगुजा में उनके 15 से अधिक केंद्र एवं पूरे छत्तीसगढ़ में 300 केंद्र से जुड़े हुए लोग उनके बताए हुए मार्गों पर चलकर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित कर रहे हैं। कमला दीदी ने हमें बताया की शांति प्राप्त करने के लिए राजयोग, ध्यान व अध्यात्म की शरण में ही जाना पड़ता है। ये कमला दीदी की ही शक्ति थी कि हम भाजपा की सरकार के दौरान 90 में से 60 विधायक माउंटआबू के शिविर में पहुँचे थे।
बृजमोहन अग्रवाल ने यह भी कहा कि, आज कल भवन तो बन जाते है, किंतु जीवंत नहीं होते, दीदी ने सिर्फ अपने आश्रम के भवनों का सिर्फ निर्माण नहीं किया, उसमें प्राण भी डाले; जिससे वे आज भी जीवंत है। दीदी जी द्वारा बताए मार्गों पर चलकर उनके सपनों को पूरा करना ही उनको सच्ची श्रद्धाजंलि देने के तुल्य होगा।



Journalist खबरीलाल














