भानुप्रतापपुर. कांकेर जिले के ग्राम भानबेड़ा, नदियापारा
की कुमारी जम्बावती भुआर्य को राज्यपाल अनुसुईया उइके ने वीरता पुरस्कार से
सम्मानित किया है. कुमारी जम्बावती ने अपनी छोटी बहन मोसिका को नदी में
डूबने से बचाई थी. उसकी इस वीरता के लिए राज्यपाल ने उन्हें आज वीरता
पुरस्कार दिया. इस सम्मान पर भानुप्रतापपुर विधायक सावित्री मंडावी एवं
कलेक्टर प्रियंका शुक्ला ने बधाई दी है.
आपको बता दें कि कुमारी जम्बावती अपनी छोटी बहन के साथ अपनी मां के पास
जाने के लिए नदी पर बने चेकडेम को पार कर रही थी. इसी दौरान दोनों बच्चों
का पैर फिसल गया और दोनों बच्चे नदी में जा गिरे. नदी में पानी के साथ-साथ
छोटे-छोटे पौधे एवं झाड़ियां थीं, जिसे जम्बावती ने पकड़े रखा और अपनी छोटी
बहन कुमारी मोसिका को भी पकड़े रखा.
दोनों बहन पानी के तेज बहाव से लड़ती रही. बच्चों के रोने की आवाज सुनकर
उसकी मां और पड़ोसियों ने डैम के पास जाकर देखा और उन्हें तत्काल बाहर
निकालकर ग्राम पंचायत के सरपंच जागेश्वर सिंह नरेटी और ग्रामीणों की मदद से
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भानबेड़ा में भर्ती कराया. इस घटना में जम्बावती
भुआर्य ने अपने अदम्य साहस का परिचय देते हुए अपनी छोटी बहन कुमारी मोसिका
की जान बचाई थी.
भानुप्रतापपुर. कांकेर जिले के ग्राम भानबेड़ा, नदियापारा
की कुमारी जम्बावती भुआर्य को राज्यपाल अनुसुईया उइके ने वीरता पुरस्कार से
सम्मानित किया है. कुमारी जम्बावती ने अपनी छोटी बहन मोसिका को नदी में
डूबने से बचाई थी. उसकी इस वीरता के लिए राज्यपाल ने उन्हें आज वीरता
पुरस्कार दिया. इस सम्मान पर भानुप्रतापपुर विधायक सावित्री मंडावी एवं
कलेक्टर प्रियंका शुक्ला ने बधाई दी है.
आपको बता दें कि कुमारी जम्बावती अपनी छोटी बहन के साथ अपनी मां के पास
जाने के लिए नदी पर बने चेकडेम को पार कर रही थी. इसी दौरान दोनों बच्चों
का पैर फिसल गया और दोनों बच्चे नदी में जा गिरे. नदी में पानी के साथ-साथ
छोटे-छोटे पौधे एवं झाड़ियां थीं, जिसे जम्बावती ने पकड़े रखा और अपनी छोटी
बहन कुमारी मोसिका को भी पकड़े रखा.
दोनों बहन पानी के तेज बहाव से लड़ती रही. बच्चों के रोने की आवाज सुनकर
उसकी मां और पड़ोसियों ने डैम के पास जाकर देखा और उन्हें तत्काल बाहर
निकालकर ग्राम पंचायत के सरपंच जागेश्वर सिंह नरेटी और ग्रामीणों की मदद से
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भानबेड़ा में भर्ती कराया. इस घटना में जम्बावती
भुआर्य ने अपने अदम्य साहस का परिचय देते हुए अपनी छोटी बहन कुमारी मोसिका
की जान बचाई थी.



Journalist खबरीलाल














