ज्यादातर काजल को बनाने में केमिकल प्रॉडक्ट्स का उपयोग किया जाता
है. साथ ही ये Kajal आपकी आंखों के लिए उतने लाभकारी नहीं होते हैं, जितना
कि घर में बना काजल आपको लाभ पहुंचाता है. बचपन से ही बच्चों की आंखों में
काजल लगाने की परंपरा हमारे यहां है. फिर चाहे बच्चा बेटा हो या बेटी.
क्योंकि Kajal बच्चों की आंखों को कई रोगों से बचाता है.
पुराने समय में घर परी Kajal बनाने की परंपरा थी. दादी-नानी घर में ही देसी
तेल का दीया जलाकर रोजमर्रा के उपयोग के लिए काजल बनती थीं. फिर यही काजल
घर के सभी सदस्य अपनी आंखों में लगाते थे. खासतौर पर बच्चे और महिलाएं
Kajal का उपयोग करती थीं. बादाम काजल हमारी आंखों को निरोग रखने में सहायता
करता है. पुरानी मान्यता है कि घर का बना Kajal आंखों की ज्योति बढ़ाने और
उसे बनाए रखने में सहायक है.
ज्यादातर काजल को बनाने में केमिकल प्रॉडक्ट्स का उपयोग किया जाता
है. साथ ही ये Kajal आपकी आंखों के लिए उतने लाभकारी नहीं होते हैं, जितना
कि घर में बना काजल आपको लाभ पहुंचाता है. बचपन से ही बच्चों की आंखों में
काजल लगाने की परंपरा हमारे यहां है. फिर चाहे बच्चा बेटा हो या बेटी.
क्योंकि Kajal बच्चों की आंखों को कई रोगों से बचाता है.
पुराने समय में घर परी Kajal बनाने की परंपरा थी. दादी-नानी घर में ही देसी
तेल का दीया जलाकर रोजमर्रा के उपयोग के लिए काजल बनती थीं. फिर यही काजल
घर के सभी सदस्य अपनी आंखों में लगाते थे. खासतौर पर बच्चे और महिलाएं
Kajal का उपयोग करती थीं. बादाम काजल हमारी आंखों को निरोग रखने में सहायता
करता है. पुरानी मान्यता है कि घर का बना Kajal आंखों की ज्योति बढ़ाने और
उसे बनाए रखने में सहायक है.



Journalist खबरीलाल














