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0 post authorJournalist खबरीलाल Monday ,October 19,2020

SCO summit : 10 नवंबर को SCO शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी का जिनपिंग और इमरान से होगा सामना:

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एलएसी पर पिछले पांच महीने से जारी तनाव के बीच बड़ी खबर सामने आयी है, दरअसल इस समय में जब चीन और पाकिस्तान से संबंध खराब बने हुए हैं, ऐसे में पीएम नरेंद्र मोदी की दोनों देशों के सुप्रीम पॉवर नेताओं से मुलाकात हो सकती है और इस मुलाकात का मंच SCO शिखर सम्मेलन रहेगा। जहां चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और पाकिस्तान के पीएम इमरान खान से पीएम मोदी की मुलाकात हो सकती है। बता दें कि रूस इस सम्मेलन की मेजबानी करेगा, जो कि 10 नवंबर को प्रस्तावित है।

(File Photo)


दरअसल SCO में भारत के लिए सुरक्षा और अन्य राजनीतिक मुद्दों पर अपना ध्यान केंद्रित करने के साथ-साथ आतंकवाद जैसे मुद्दों पर अपनी बात रखने एक महत्वपूर्ण मंच है। इसके साथ ही भारत सभी देशों को अपनी किसी भी कनेक्टिविटी की पहल में संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करने की बात भी कर सकता है। वहीं ये देखना दिलचस्प होगा कि 10 नवंबर के शिखर सम्मेलन में पहली बार भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग आमने-सामने होंगे।

रूस मध्यस्ता की बात से किया साफ इनकार
इस सप्ताह सीमा विवाद और डी-एस्केलेशन के लिए 2 देशों ने सैन्य वार्ता का एक और दौर आयोजित करने की उम्मीद की है, हालांकि पिछले कुछ महीनों में इस तरह की 7 बैठकों के बावजूद सफलता का कोई संकेत नहीं मिला है। इस बात का पुरजोर खंडन करते हुए कि यह चीन-भारतीय विवाद में मध्यस्थता करना चाह रहा है, रूस ने इस बात को बनाए रखा है कि एससीओ फोरम का उपयोग हमेशा सदस्य देशों द्वारा आपसी विश्वास और विश्वास बनाने के लिए किया जा सकता है। हालांकि, भारतीय प्रधानमंत्री पीएम मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग आमने-सामने होंगे। हालांकि दोनों की ये मुलाकात वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए वर्चुअल ही होगी।


पाकिस्तान को आतंकवाद के मुद्दे पर घेरे में लेंगे पीएम
वहीं पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के साथ पीएम मोदी एक फिर से सीमा पार आतंकवाद फैलाने को लेकर हमला तेज कर सकते हैं। गौरतलब है कि भारत को खुद नवंबर के अंत में SCO प्रमुखों की सरकार की बैठक की मेजबानी करनी है।         

जबकि सरकार पहले ही कह चुकी है कि वह बैठक के लिए इमरान खान को आमंत्रित करेगी, सरकार को अभी यह तय करना है कि बैठक शारीरिक रूप से आयोजित की जाएगी या नहीं। 10 नवंबर के शिखर सम्मेलन में, मोदी अफगानिस्तान में चल रही शांति प्रक्रिया में भारत के समर्थन को भी रेखांकित करेंगे।


एलएसी पर पिछले पांच महीने से जारी तनाव के बीच बड़ी खबर सामने आयी है, दरअसल इस समय में जब चीन और पाकिस्तान से संबंध खराब बने हुए हैं, ऐसे में पीएम नरेंद्र मोदी की दोनों देशों के सुप्रीम पॉवर नेताओं से मुलाकात हो सकती है और इस मुलाकात का मंच SCO शिखर सम्मेलन रहेगा। जहां चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और पाकिस्तान के पीएम इमरान खान से पीएम मोदी की मुलाकात हो सकती है। बता दें कि रूस इस सम्मेलन की मेजबानी करेगा, जो कि 10 नवंबर को प्रस्तावित है।

(File Photo)


दरअसल SCO में भारत के लिए सुरक्षा और अन्य राजनीतिक मुद्दों पर अपना ध्यान केंद्रित करने के साथ-साथ आतंकवाद जैसे मुद्दों पर अपनी बात रखने एक महत्वपूर्ण मंच है। इसके साथ ही भारत सभी देशों को अपनी किसी भी कनेक्टिविटी की पहल में संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करने की बात भी कर सकता है। वहीं ये देखना दिलचस्प होगा कि 10 नवंबर के शिखर सम्मेलन में पहली बार भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग आमने-सामने होंगे।

रूस मध्यस्ता की बात से किया साफ इनकार
इस सप्ताह सीमा विवाद और डी-एस्केलेशन के लिए 2 देशों ने सैन्य वार्ता का एक और दौर आयोजित करने की उम्मीद की है, हालांकि पिछले कुछ महीनों में इस तरह की 7 बैठकों के बावजूद सफलता का कोई संकेत नहीं मिला है। इस बात का पुरजोर खंडन करते हुए कि यह चीन-भारतीय विवाद में मध्यस्थता करना चाह रहा है, रूस ने इस बात को बनाए रखा है कि एससीओ फोरम का उपयोग हमेशा सदस्य देशों द्वारा आपसी विश्वास और विश्वास बनाने के लिए किया जा सकता है। हालांकि, भारतीय प्रधानमंत्री पीएम मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग आमने-सामने होंगे। हालांकि दोनों की ये मुलाकात वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए वर्चुअल ही होगी।


पाकिस्तान को आतंकवाद के मुद्दे पर घेरे में लेंगे पीएम
वहीं पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के साथ पीएम मोदी एक फिर से सीमा पार आतंकवाद फैलाने को लेकर हमला तेज कर सकते हैं। गौरतलब है कि भारत को खुद नवंबर के अंत में SCO प्रमुखों की सरकार की बैठक की मेजबानी करनी है।         

जबकि सरकार पहले ही कह चुकी है कि वह बैठक के लिए इमरान खान को आमंत्रित करेगी, सरकार को अभी यह तय करना है कि बैठक शारीरिक रूप से आयोजित की जाएगी या नहीं। 10 नवंबर के शिखर सम्मेलन में, मोदी अफगानिस्तान में चल रही शांति प्रक्रिया में भारत के समर्थन को भी रेखांकित करेंगे।


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